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सिर्फ खूबसूरती ही नहीं निखारता है मुल्तानी मिट्टी, जोड़ों के दर्द के लिए है कमाल का लेप
मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सदियों से ब्यूटी प्रोडक्ट के तौर पर किया जाता रहा है। त्वचा की सभी समस्याओं को दूर करने से लेकर बालों की सेहत सुधारने तक मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी में एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के साथ-साथ सोडियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और हाइड्रेटेड एल्युमिनियम सिलिकेट जैसे तत्व पाए जाते हैं। मुल्तानी मिट्टी आपकी त्वचा के रोमछिद्रों में मौजूद सीबम, पसीना, तेल और गंदगी जैसी अशुद्धियों को दूर करती है और आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मुलतानी मिट्टी को न सिर्फ स्किनकेयर के लिए इस्तेमाल किया जाता है ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद हैं। लेकिन आज हम आपको मुल्तानी मिट्टी के सेहत से जुड़े ऐसे फायदे बताएंगे जिनके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे!

पेट की जलन को कम करें
अगर आपको पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या है या अल्सर की समस्या है तो मुल्तानी मिट्टी को लगभग 3 से 4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद इस मिट्टी की पट्टी बनाकर पेट पर रखें। करीब 15 मिनट बाद ठंडे पानी से पेट साफ कर लें। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बहुत ही आराम महसूस होगा।

जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द
अगर आपको जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द की समस्या है तो मुल्तानी मिट्टी आपके लिए बहुत काम की साबित हो सकती है। आप मुल्तानी मिट्टी से दर्द वाली जगह पर लगा सकते हैं, इससे काफी राहत मिलेगी। इससे सूजन, जकड़न, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द आदि की समस्या में काफी आराम मिलता है। इसके लिए गर्म पानी से मिट्टी का पेस्ट बना लें। फिर इसे प्रभावित जगह जहां दर्द है, वहां पर गर्मागर्म लगाएं। फिर पट्टी बांधें। 15 मिनट बाद इस मिट्टी को गर्म पानी में एक तौलिया डालकर साफ कर लें। फिर उस जगह को कपड़ा आदि बांधकर कुछ देर के लिए ढक दें, ताकि हवा न लगे। कुछ दिनों तक लगातार ऐसा करने से काफी आराम मिलेगा।

रक्त परिसंचरण में सुधार करने के लिए
आपको जानकर हैरानी होगी कि मुल्तानी मिट्टी रक्त प्रवाह को भी बेहतर करती है। इसके लिए मुल्तानी मिट्टी में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और शरीर के किसी भी हिस्से पर लगाएं। जब यह सूख जाए तो इसे गीले तौलिये से पोंछ लें। ऐसा करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। आप इस उपाय को रोजाना भी आजमा सकते हैं।

एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर
मुल्तानी मिट्टी में उत्कृष्ट एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, इसलिए इसका उपयोग एंटीसेप्टिक के रूप में भी किया जाता है। यह त्वचा पर जले और कटे हुए क्षेत्र से संक्रमण को दूर करने का काम करता है। साथ ही इसे रोजाना लगाने से जलने या कटने के निशान भी गायब हो जाते हैं।



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