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तो इस वजह से स्कूल में टीचर देती थी उठक-बैठक की सजा!

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जब कभी क्लास में सही जवाब ना देने पर टीचर उठक-बैठक करवाती या फिर कान खींचती थी तो शर्मिंदगी महसूस होती थी जबकि असल में टीचर की इस सजा से शारीरिक विकास बेहतर होता है।

दरअसल अब वैज्ञानिक तौर पर भी साबित हो चुका है कि उठक-बैठक या फिर कान खींचने वाली इस सजा से दिमाग तेज होता है और इसकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लेकिन इसका फायदा तभी है कि जब इसे रोज किया जाए। इतना ही नहीं, हमारे पौराणिक ग्रंथों में भी इसका जिक्र है, तभी तो आज भी दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भगवान की पूजा अर्चना करते हुए इस तरह ही बैठा जाता हैं।

क्या कहता है विज्ञान

ऐसा विश्वास है कि उठक-बैठक से दिमाग के बहुत से हिस्से एकदम से सक्रिय हो जाते हैं। इस वजह से आप अलर्ट होते हैं, आपकी याददाश्त बेहतर होती है और किसी भी नई चीज को आप अच्छे से जल्दी समझ जाते हैं। इसी वजह से स्कूल में बच्चों से यह सजा के तौर पर करवाया जाता है। पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिकों की इस मुद्दे पर की गई शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जैसे कि उठक-बैठक करने के कुछ ही सेकंड में उल्फा एक्टिविटी बढ़ती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कान हमारे दिमाग के दाएं और बाएं हिस्से में होते हैं, जब इन्हें खींचा जाता है तो यह एक तरह के एक्युप्रेशर की तरह काम करता है, जिससे दिमाग ऊर्जावान हो जाता है। वहीं कुछ शोध में सामने आया है कि इस सजा से दिमाग में इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी भी बढ़ जाती है।

'सुपर ब्रेन योग’

उठक-बैठक की सजा के बहुत से फायदे जान लेने के बाद बहुत से देशों के स्कूलों में इस सजा को डॉक्टर की हिदायत के साथ खुले दिल से अपनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, इन स्कूलों ने इसे 'सुपर ब्रेन योग’ का नाम दिया है, जिसका क्रेज दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहां तक कि अमेरिका जैसे देश में लोगों की उठक-बैठक में रूचि बढ़ाने के लिए इसकी वर्कशॉप तक करवाई जा रही है।

English summary

Here’s Why Your Teachers Made You Do Uthak Baithak

It is believed that uthak baithak improves concentration and activates various parts of the brain, which help you in remaining alert, improve memory.