जानना चाहते हैं क‍ि टेंशन होते ही क्‍यों गड़बड़ाने लगता है पेट, तो ये पढ़े

एंग्‍जायटी एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्‍या है। जो आपके मानसिक स्थिति को गहराई से प्रभावित कर सकता है। अक्सर परीक्षा के परिणाम और नौकरी के ल‍िए इंटरव्‍यू जैसी चीजों के वजह से ये समस्‍या एक डर के रुप में शुरु होता है। जो धीरे-धीरे आपके अंदर बाकी स्थितियों के दौरान विकसित होने लगती है। यह एक स्थिति है जो आपको किसी सिचुएशन में फंसे होने पर आप डिसीजन लेने में असमर्थ हो जाते हैं। एंग्‍जायटी होने पर आपको सांस लेने, चक्‍कर, सिर घूमना, कंपकंपी, पसीने आना और हांफने जैसी समस्‍या भी हो सकती है।

आज के समय में लोग खुलकर मेंटल हेल्थ पर चर्चा करने लगे है लेकिन इसके साथ ही एक समस्या ऐसी भी है जिस पर लोग अक्‍सर चुप्‍पी साध लेते हैं। ये टॉपिक भी बहुत जरुरी है, इसे टाल नहीं सकते हैं। वह समस्या है एंग्जायटी के कारण होने वाले दस्त। कई लोगों में ये समस्‍या देखी गई हैं क‍ि एंग्जायटी में पेट में प्रेशर बनना और वो बार-बार बाथरूम जाने की जरूरत महसूस कर सकते हैं। ये एक चिंता का विषय है। और इस समस्या से जूझने वाले आप अकेले नहीं हैं, यह एक आम समस्या है।

क्‍या एंग्‍जायटी होने पर पेट गड़बड़ा जाता है?

क्‍या एंग्‍जायटी होने पर पेट गड़बड़ा जाता है?

रिसर्च बताता है क‍ि हाई स्‍ट्रेस होने की स्थिति पाचन तंत्र को परेशान कर सकती है, जिससे दस्त, कब्ज और पेट में दर्द हो सकता है। दरअसल पेट और दिमाग का गहरा कनेक्‍शन होता है। दिमाग जैसा महसूस करता है, आपका पेट वैसे ही रिएक्‍ट करता है। जैसे क‍ि रोमांस के समय आपका पेट अलग तरह से रिएक्‍ट करता है और हंसने के दौरान अलग तरह से। ठीक उसी तरह आपका पेट एंग्‍जायटी के वजह से आपके पेट का मोशन भी खराब हो जाता है।

तनाव और चिंता कोर्टिसोल, एड्रेनालाईन और सेरोटोनिन, जैसे हार्मोन को बढ़ाती है। जब हमारी आंते इस हार्मोन के प्रति प्रतिक्रिया करते है तो जवाब में पानी से भरा मल, मतली या कब्ज, जैसी समस्‍याएं होती है। सेरोटोन‍िन हार्मोन इस स्थिति में मुख्‍य भूमिका निभाता है। जब एंग्‍जायटी खत्‍म हो जाती है, तो पेट भी अपने आप ठीक हो जाता हैं।

कैसे रहें एंग्‍जायटी फ्री

कैसे रहें एंग्‍जायटी फ्री

एंग्‍जायटी होने पर पेट को इस समस्‍या से कैसे बचाएं, इसका समाधान यही है कि हम एंग्जायटी को कंट्रोल करें। एंग्जायटी के लिए मेडिटेशन और एक्सरसाइज की मदद से आप टेंशन फ्री रह सकते हैं। अगर आपको हर छोटी-बड़ी बात पर एंग्जायटी होती है, तो किसी काउंसलर की मदद लें।

एंग्‍जायटी होने पर ये फूड खाएं

एंग्‍जायटी होने पर ये फूड खाएं

पेट और एंग्‍जायटी को शांत करने में कुछ खास तरह का आहार मदद करते है, जिन्‍हें आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं:

ग्‍लूटेन फ्री अनाज, जैसे कट्टू का आटा, जई, और क्विनोआ

ब्रोकली,

ऑल‍िव ऑयल

प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे ग्रीक योगर्ट, केफिर, और फर्मेंटेड फूड्स

कैफीन मुक्त चाय, जैसे कैमोमाइल, पुदीना, और हल्दी

इन चीजों से बचें

इन चीजों से बचें

अपने पाचन तंत्र पर एग्‍जांयटी के प्रभावों का मुकाबला करने में मदद करने के लिए, आपको कुछ खाद्य पदार्थों और पेय का सेवन करने से बचना चाह‍िए, जैसे:

कैफीन

सोडा और मीठा पेय

मसालेदार भोजन

शराब

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट

प्रोस्‍सेड फूड

हाई शुगर फूड

ये सभी खाद्य पदार्थ सूजन को बढ़ा सकते हैं, जिससे आपको दस्त और सूजन जैसी पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा हो सकता है।

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