क्‍या होती है टंग स्‍क्रेपिंग, ओरल हेल्‍थ के ल‍िए है बेहद जरुरी

दिन में दो बार ब्रश करने को हेल्दी आदत माना जाता है लेकिन क्या आप डेली रुटीन में सफाई करते हैं? बहुत कम लोगों को जवाब शायद हां होगा। सुबह की जल्दबाज़ी में लोग दांतों की सफाई के लिए तो किसी तरह वक़्त निकाल लेते हैं लेकिन जीभ की सफाई की तरफ ध्‍यान नहीं दे पाते है लेकिन जीभ की अच्छी तरह सफाई करने से कई फायदे होते हैं। जीभ की सफाई करने को टंग स्‍क्रेपिंग भी कहा जाता है जिसे करने से जीभ में से एक्‍स्‍ट्रा पार्टिकल्‍स हटाए जा सकते हैं और सांसों की दुर्गंध से भी छुटाकारा पाया जा सकता हैं।

डेंटल प्लैक से बचाता है

डेंटल प्लैक से बचाता है

जीभ की सफाई नहीं होने से मुंह में माइक्रोबियल या बैक्टीर‍िया पनपने लगते हैं। कुछ समय पहले बीएमसी ओरल हेल्थ में प्रकाशित एक स्टडी में यह बात कही गयी कि जीभ की सफाई के कारण जीभ की ऊपरी परत और आसपास के हिस्से में बैक्टीरिया पनपने और जमा होने से रोकता है और इस तरह गुड बैक्टेरिया के संतुलन को भी बनाए रखने में मदद करता है। इस तरह यह आपकी ओरल हेल्थ सुधारता है।

दांत करता है साफ

दांत करता है साफ

दांतों में ब्रश करना जितना महत्वपूर्ण है, जीभ को स्वच्छ रखना भी उतना ही जरूरी है। जीभ साफ करने से पहले टंग क्लीनर को साफ कर लेना चाहिए। टंग क्लीनर से जीभ पर बहुत दबाव नहीं डालना चाहिए, और 2-3 बार हल्के हाथों से जीभ की सफाई करनी चाहिए। अपने मुंह में हानिकारक जीवाणुओं को पनपने से रोकने के लिए जीभ (टंग क्लीनर) का प्रयोग अवश्य करें।

पेरिओडॉन्‍टल डिजीज़

पेरिओडॉन्‍टल डिजीज़

जीभ की प्रॉपर सफाई नहीं होने की वजह से बैक्‍टीरिया सक्रिय होने से ये बहुत जल्‍द दांतों में सक्रिय हो जाते हैं। 40 की उमर के बाद इस बीमारी के मरीज सबसे ज्‍यादा देखे जाते हैं । पेरिओडॉन्‍टल डिजीज में मसूड़ों का फूलना और दांतों का पीलापन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके लक्षण दिखते ही दांतों के डॉक्‍टर से सलाह और बताया गया इलाज कराना आवश्‍यक हो जाता है ।

पेरिओडॉन्‍टल डिजीज़

पेरिओडॉन्‍टल डिजीज़

जीभ की प्रॉपर सफाई नहीं होने की वजह से बैक्‍टीरिया सक्रिय होने से ये बहुत जल्‍द दांतों में सक्रिय हो जाते हैं। 40 की उमर के बाद इस बीमारी के मरीज सबसे ज्‍यादा देखे जाते हैं । पेरिओडॉन्‍टल डिजीज में मसूड़ों का फूलना और दांतों का पीलापन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके लक्षण दिखते ही दांतों के डॉक्‍टर से सलाह और बताया गया इलाज कराना आवश्‍यक हो जाता है ।

Story first published: Wednesday, January 29, 2020, 11:16 [IST]
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