ओवरथिकिंग मैंटली ही नहीं फिज‍िकली भी करता है इफेक्‍ट, जानें इसके साइड इफेक्‍ट्स

क्या आपको लाइनें छोड़-छोड़के पड़ने की बीमारी है? क्या आप पूरी रात तनाव सा महसूस करते हैं और आपको रातभर सोने में परेशानियां महसूस होती हैं? और आप पूरे द‍िन विचारों में ही डूबे रहते हैं तो ये सारे लक्षण साफतौर पर इस बात पर इशारा करते हैं क‍ि आप बहुत ज़्यादा सोचते हैं यानी ओवरथिक‍िंग करते हैं। ऐसे लोग न चाहते हुए भी हर छोटी-बड़ी चीज़ के बारे में बहुत कुछ सोचते हैं और उसका विश्लेषण भी करते हैं। दरअसल इनके लिए, शांत रहना या एक समय में एक बात के बारे में सोचना असंभव है। लेकिन याद रखें, लगातार सोचते रहना और चिंता सिर्फ आपके मानसिक शांति को बिगाड़ने का काम करेगी। जब आपका मन लगातार परेशान होता है, तो आपके शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन की बढ़ोतरी होती रहती है, जो आपकी सेहत को बहुत ज़्यादा प्रभावित करता है। आप खुद ही पढ़ें और समझें कि किस तरह बहुत ज़्यादा सोचने से आपकी सेहत को नुकसान होता है

इम्युनिटी प्रभावित होती है

इम्युनिटी प्रभावित होती है

क्या आपने इस बात पर ध्यान दिया है कि आप तनावग्रस्त या चिंतित होने पर अक्सर बीमार पड़ जाते हैं? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तनाव शरीर में कोर्टिसोल रिलीज होने कारण बनता है, जिसके चलते प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है। इम्युनिटी कम होने से आप अक्सर बीमारियों और संक्रमण चपेट में आसानी से आ जाते हैं।

हार्मोन असंतुलन

हार्मोन असंतुलन

हर समय जब दिमाग नकारात्मक विचारों पर केंद्रित होता है तो यह आपके शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ सकता है। इससे आपके शरीर में रिलीज होने वाले हैप्पी हार्मोन्स भी प्रभावित होते हैं जिससे मूड खराब होता है। निराश करने वाली और उदासी की भावनाओं पर अधिक फोकस करने से इन हार्मोन में सबसे तेजी से कमी आती है और यह अवसाद का कारण बन सकता है।

दिल के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है

दिल के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है

ओवरथिंकिंग और बहुत अधिक चिंता करने से आपके दिल का स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है। सीने में दर्द, चक्कर आना कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जो जरूरत से अधिक सोचने के कारण हो सकती हैं। इसके कारण हाइपरटेंशन, हाइपरटेंशन जैसी क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

पाचन खराब हो सकता है

पाचन खराब हो सकता है

ओवरथिंकिंग से तनाव होना आम है जिसके कारण आपका पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। तनाव के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्याएं जैसे सूजन, बोवेल डिजीज, इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम और गैस्ट्रिक स्राव, गैस और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

मेंटल हेल्थ पर प्रभाव

मेंटल हेल्थ पर प्रभाव

जो लोग जरूरत से अधिक सोचते हैं, उनके चिंता, डिप्रेशन, और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त होने की संभावनाएं अधिक होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम ओवरथिंकिंग करते वक्त नकारात्मक भावनाओं पर लगातार फोकस्ड होते है, जिसके कारण हम चीजों को लेकर सोचते रहते हैं। इसलिए अपने मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने के लिए अपने मन को खुशी वाले विचारों पर केंद्रित करने का प्रयास करें।

नींद आने में समस्या

अगर आप भी जरुरत से ज्‍यादा सोचते हैं तो आपको भी नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब आपका मन शांत नहीं होता है तो आपका शरीर आपको सोने नहीं देता है। आप लगातार लगभग हर चीज को लेकर चिंता करते हैं, जबकि आपका इन पर कोई नियंत्रण नहीं होता जिससे अक्सर आप कम नींद ले पाते हैं या अच्छी नींद नहीं ले पाते।

Story first published: Thursday, July 9, 2020, 12:51 [IST]
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