गर्मियों में अदरक खाना चाह‍िए या नहीं, जानें क्‍या कहता आयुर्वेद

गर्मियों के मौसम में पाचन तंत्र की समस्याएं बढ़ने लगती हैं और कई लोगों एसिडिटी के शिकार होते हैं। अधिकांश लोगों को सीन में जलन की शिकायत रहती है। ज्यादातर खाली पेट रहने के कारण यह परेशानी पैदा होती है, क्योंकि खाली पेट रहने से एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है। वैसे तो अदरक खाने से पेट की जलन दूर होती है और रोजाना डाइट में अदरक को शामिल करने से पेट की कई बीमारियां दूर रहती हैं, फिर भी अदरक को सर्दी के मौसम में ही ज्यादा खाने का प्रचलन है। सवाल है कि क्या गर्मी के मौसम में भी इसका इस्तेमाल इतना प्रभावी होता है? ऐसा कोई अध्ययन नहीं है, जो यह कहता है कि अदरक केवल सर्दी के मौसम में ही फायदेमंद होता है। आयुर्वेद के मुताबिक अदरक की सीमित मात्रा का सेवन करने से व्यक्ति को गर्मियों में भी इसके स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिलेंगे।

अदरक में गर्म गुण होते हैं, जो शरीर के तापमान को बढ़ाता है। अदरक पाचन को बेहतर बनाने और कई समस्याओं से लड़ने में मदद कर सकता है, लेकिन बड़े अनुपात में इसका सेवन करने से दस्त और लूज मोशन हो सकते हैं। इसलिए गर्मी में अदरक की कम मात्रा उचित है।

आयुर्वेद के अनुसार, कुछ निश्चित पैरामीटर हैं जो अदरक को विभिन्न मामलों में अस्वास्थ्यकर बनाते हैं। ऐसा नहीं है कि अदरक के केवल फायदे हैं। अगर इसे सही तरीके से न लिया जाए तो सेहत को भी नुकसान हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान अदरक का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। वहीं डायबिटीज के मरीज जो दवाएं भी ले रहे हैं, अगर वे अधिक मात्रा में अदरक का सेवन करते हैं, तो उनका ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है। जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है उन्हें भी अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए।

उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप

अदरक के अधिक सेवन से रक्तचाप की उच्च समस्या होने की संभावना होती है। बहुत से लोग गर्मी हो या फिर सर्दी में अदरक की चाय और खाने में अधिक मात्रा में उसका सेवन करते है। यदि ब्लड प्रेशर कम हो तो इस दौरान इसका ज्यादा सेवन किया जा सकता है।

कब्ज व जलन

कब्ज व जलन

अदरक की तासीर गर्म होती है। यह एसिडिक प्रकृति का होता है। अगर इसका ज्यादा सेवन किया जाए तो इससे कब्ज, सीने में जलन जैसी कई गंभीर समस्या हो सकती है। इसके अलावा इसका अधिक सेवन से ग्लाइसीमिया की शिकायत बनी रहती है। अदरक उन लोगों के लिए घातक हो सकता है जो लोग खून के धक्के को रोकने के लिए दवा ले रहें है।

गॉलब्लैडर की समस्या

गॉलब्लैडर की समस्या

अदरक के अधिक सेवन से गॉलब्लैडर की परेशानी हो सकती है। यह पित्त स्त्राव को बढ़ा देता है। साथ ही यह पित्ताशय की थैली में रोग से पीड़ित लोगों के लिए गैलब्लेडर की परेशानी से बचने के लिए अदरक के सेवन की सलाह दी जाती है।

गर्भपात का खतरा

गर्भपात का खतरा

गर्भवती महिलाओं को अदरक का ज्यादा सेवन कम करना चाहिए। यह गर्भपात के खतरे को बढ़ाता है।

अनिद्रा

अनिद्रा

चाय में जरूरत से ज्यादा अदरक का इस्तेमाल आपकी नींद उड़ा सकता है. यानि कि अगर आप ज्यादा मात्रा में अदरक का सेवन करते है तो अनिद्रा की समस्या से परेशान हो सकते है।

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