एसिडिटी में नींबू पानी पीना सही है? जानिए क‍िन बातों का रखें ध्‍यान

एसिडिटी की समस्‍या तब होती है जब आपके पेट से एसिड आपके ग्रासनली (esophagus)में बहता है। इसकी वजह से ग्रासनली के अस्तर में सूजन और जलन पैदा होने लगती है। जब ऐसा होता है, तो आपको अपने सीने या गले में जलन महसूस होने लगती है। इसे हार्टबर्न भी कहा जाता है।
एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स, जिसे एसिड अपच भी कहा जाता है, ये अक्सर बाहरी कारकों जैसे अनहेल्‍दी खाना, कम शारीरिक गतिविधि, वजन बढ़ना और धूम्रपान आदि का परिणाम होता है।ऐसे कई घरेलू उपचार हैं जो एसिडिटी के इलाज में मदद कर सकते हैं, जैसे, कई लोगों ने दावा किया है कि नींबू पानी एसिडिटी की समस्‍या को कम करने में फायदेमंद हो सकता है।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू और अन्य खट्टे फल एसिडिटी को गंभीर रुप से बढ़ा सकती हैं। वहीं कई लोग नींबू पानी को इस समस्‍या का तोड़ मानते हैं। उनका मानना है कि यह हार्टबर्न की समस्‍या को कम करता है। तो यहां जानते हैं क‍ि क्‍या एसिडिटी को कम करने में नींबू पानी सच में कारगार है या नहीं?

 लक्षण

लक्षण

एसिड रिफ्लक्स के अन्य लक्षणों में सूजन, डकार आना, हिचकी आना, मतली आदि शामिल हैं। यह तब होता है जब आपके पेट से कुछ एसिड आपके भोजन नली में बहने लगता है।

नींबू पानी पीने के फायदे

नींबू पानी पीने के फायदे

नींबू के सेवन से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि नींबू के कपाउंड से चूहों में मौजूद फैट सेल्‍स को कम क‍िया और उन्‍हें बढ़ने नहीं दिया है। मोटापा और वजन बढ़ना दोनों ही एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों में से एक हैं। अगर नींबू लोगों को वजन कम करने में मदद कर सकता है, तो इससे एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों में कमी आ सकती है।

2014 के एक अध्ययन में पाया गया कि नींबू ब्‍लडप्रेशर को कम करता है, खासकर हाई ब्‍लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के उच्च जोखिम वाले लोगों में। नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है और आपके शरीर को एसिड रिफ्लक्स के कारण होने वाली कोशिका क्षति से बचाने में मदद करता है।

क्या कहता है शोध

क्या कहता है शोध

ये इस बात प्रमाण हैं कि एस्कॉर्बिक एसिड से भरपूर आहार, जैसे कि नींबू का रस, वास्तव में पेट को कुछ कैंसर और अन्य नुकसान से बचाने में मदद करता है। ये निष्कर्ष विशेष रूप से पेप्टिक अल्सर वाले लोगों पर लागू होते थे।

यदि आपका एसिड रिफ्लक्स पेट में कम एसिड के कारण होता है, तो संभावित क्षारीय प्रभावों के कारण नींबू पानी पीना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

एसिडिटी के लिए कैसे करें नींबू पानी का इस्तेमाल

एसिडिटी के लिए कैसे करें नींबू पानी का इस्तेमाल

यदि आपको कभी-कभी एसिडिटी की समस्‍या होती है और अपने लक्षणों को कम करने के ल‍िए नींबू पानी को ऐसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं-

हालांकि नींबू का रस बहुत अम्लीय होता है, पानी में थोड़ी मात्रा में मिलाने पर यह पचने पर क्षारीय प्रभाव डाल सकता है। यह आपके पेट में एसिड को बेअसर करने में मदद कर सकता है। यदि आप इस घरेलू उपचार को आजमाने का निर्णय लेते हैं, तो आपको आठ औंस पानी में एक चम्मच ताजा नींबू का रस मिलाना चाहिए। फिर भोजन से लगभग 20 मिनट पहले इसे पीने से उन लक्षणों को रोकने में मदद मिलती है जो भोजन करने के बाद शुरू होते हैं।

यदि संभव हो तो इस मिश्रण को स्ट्रॉ के माध्यम से पीना सुनिश्चित करें। यह रस में मौजूद एसिड को आपके दांतों को छूने और दांतों के इनेमल को नष्ट होने से रोकता है। और आपको इसकी अम्लता के कारण कभी भी सीधे नींबू का रस नहीं पीना चाहिए। ये अच्‍छे से काम करें इसके ल‍िए इसे पानी से पतला करने की आवश्यकता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्‍यान

इन बातों का रखें विशेष ध्‍यान

हालांकि इस बारे में सीमित शोध उपलब्ध है, यह संभव है कि नींबू पानी आपके लक्षणों को दूर कर सकता है। यदि आप इस घरेलू उपचार को आजमाने में रुचि रखते हैं, तो याद रखें:

नींबू के रस को पानी के साथ अच्छी तरह से पतला कर लें।

एक चम्मच से अधिक नींबू का रस न डालें।

आपका इसका असर जानने के ल‍िए इसे कम मात्रा में पीएं। यदि आप लक्षणों में वृद्धि का अनुभव नहीं करते हैं, तो इसे पूरा पी लें।

यदि आपके लक्षण बने रहते हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

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