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कहीं मंकीपॉक्स रैश को कोविड-19 रैश तो नहीं समझ रहे आप? जानिए इन दोनों में अंतर
पिछले कुछ समय में दुनिया भर में मंकी पॉक्स के कई मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्तमान में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, इटली सहित 19 देशों में मंकीपॉक्स के 131 मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि 106 मामले संदिग्ध है।
कोरोनावायरस के साथ-साथ लगातार बढ़ रहे मंकी पॉक्स के मामलों ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। यूं तो दोनों ही बीमारियां एक-दूसरे से अलग हैं, लेकिन फिर भी कुछ हद तक इनमें समानता नजर आती है। यह दोनों ही वायरस के फैलने के कारण होती है। इसके अलावा इसके कुछ लक्षण भी एक जैसे ही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड-19 और मंकीपॉक्स दोनों ही त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं, जिससे दाने जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में व्यक्ति के लिए दानों को देखकर इन दोनों के बीच अंतर करना कठिन हो जाता है। लेकिन अगर आप इन दो संक्रमणों के बीच अंतर करना चाहते हैं, तो इन बातों पर गौर कर सकते हैं-

कोविड-19 और मंकी पॉक्स में अंतर
इन दोनों के लक्षणों के बारे में बात करने से पहले इनके बीच के अंतर को समझना आवश्यक है और जानना चाहिए कि यह दोनों वायरस जनित बीमारियां एक -दूसरे से किस तरह भिन्न है-
• नोवल कोरोनावायरस या कोविड-19 एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस 2 के कारण होने वाली एक सांस की बीमारी है। जिसके कारण व्यक्ति को अक्सर सांस लेने में समस्या होती है और उसे ऑक्सीजन की जरूरत भी पड़ सकती है। इसके विपरीत, मंकीपॉक्स पॉक्सविरिडे फैमिली में ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस से संबंधित है। यह रेस्पिरेटरी सिस्टम पर अपना नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखाती है।
• कोरोनावायरस संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क के माध्यम से फैलता है, यानी संक्रमित व्यक्ति की एरोसोल बूंदों के माध्यम से। जबकि, मंकीपॉक्स शारीरिक तरल पदार्थ, त्वचा पर घावों, या म्यूकोसल के निकट संपर्क के माध्यम से फैल सकता है। मसलन, जब मंकीपॉक्स पीड़ित व्यक्ति के शरीर से संक्रमित फ्लूइड निकलता है और व्यक्ति उसके संपर्क में आता है, तो उसे भी यह बीमारी होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
• जहां तक मंकीपॉक्स बीमारी से गंभीरता का संबंध है, तो यह गंभीर हो सकता है लेकिन इस प्रकोप बहुत ही कम लोगों पर दिखाई देता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह वायरस आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचारित नहीं होता है। बता दें कि मंकीपॉक्स की मृत्यु दर लगभग 1 प्रतिशत है। वहीं, दूसरी ओर कोरोना वायरस बहुत तेजी से फैलता है कि कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जद में ले लेता है। इसमें मृत्यु दर उसके स्ट्रेन के आधार पर निर्भर है। मसलन, ओमिक्रोन संक्रमित कोविड-19 मरीजों की मृत्युदर अपेक्षाकृत कम थी।

मंकीपॉक्स होने पर नजर आते हैं दाने
अगर मंकीपॉक्स के प्रमुख लक्षणों की बात की जाए, तो उनमें से एक दाने होना भी है। यूके की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के अनुसार, चूंकि मंकीपॉक्स एक चेचक परिवार से संबंधित है, इसलिए इससे जुड़े दाने चिकनपॉक्स के साथ भी भ्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोग इसे कोविड-19 समझने की भी भूल कर लेते हैं। लेकिन मंकीपॉक्स होने पर बेहद अलग तरह से दाने नजर आते हैं।
यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) के अनुसार, "शुरूआत में पहले एक दाने का विकास हो सकता है, जो अक्सर चेहरे पर शुरू होता है, फिर जननांगों सहित शरीर के अन्य भागों में फैल जाता है। मंकीपॉक्स रैश आमतौर पर एक उभरे हुए स्थान के रूप में शुरू होता है, जो तरल पदार्थ से भरे छोटे फफोले में बदल जाता है, जिसे वेसिकल्स के रूप में जाना जाता है, या इनमें पीला तरल पदार्थ भर जाता है, जिसे पस्ट्यूल के रूप में जाना जाता है। ये छोटे फफोले फिर धीरे-धीरे पपड़ी बना सकते हैं जो सूख जाते हैं और अंत में गिर जाते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, घावों की संख्या कुछ से लेकर कई हज़ार तक हो सकती है।

कोविड-19 रैश के लक्षण
कोविड 19 रैश को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है, अर्थात् कांटेदार हीट रैश और हाइव-टाइप रैश। यूके के एक ऐप के अनुसार, कांटेदार हीट रैश अमूमन लाल बम्पस के रूप में दिखाई देते हैं, जिनमें खुजली होती है। यह शरीर पर कहीं भी हो सकते हैं। आमतौर पर कोहनी या घुटनों के साथ-साथ हाथों और पैरों के पिछले हिस्से से शुरू होता है। यह कभी-कभी क्रस्टी हो सकते हैं या इनमें फफोले भी बन सकते हैं लेकिन यह चेहरे को प्रभावित नहीं करते हैं।
जहां तक हाइव-टाइप रैशेज का सवाल है, ये चेहरे सहित शरीर में कहीं भी पैदा हो सकते हैं। यह दाने बेहद खुजलीदार होते हैं और अक्सर हथेलियों या तलवों में तेज खुजली के साथ शुरू होते हैं, और होंठ और पलकों में सूजन पैदा कर सकते हैं।

यूं करें अंतर
कोविड-19 और मंकीपॉक्स होने पर यूं तो अलग-अलग रैश व दाने नजर आते हैं। लेकिन इसके अलावा भी इनके अन्य लक्षणों के आधार पर इनके बीच अंतर किया जा सकता है। जैसे-
• सामान्य कोविड-19 लक्षणों में बुखार, गले में खराश, खांसी, थकान, नाक बहना, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, गंध और स्वाद की कमी और गैस्ट्रोइन्टेस्टनल संबंधी समस्याएं शामिल हैं।
• जबकि मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक के समान हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इसमें सिरदर्द, बुखार, ठंड लगना, गले में खराश, अस्वस्थता, थकान आदि लक्षण नजर आते हैं।



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