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ब्लैक या व्हाइट सॉल्ट, किसका सेवन है सेहत के लिए अधिक लाभदायक
खाने में नमक ना हो, यह तो संभव ही नहीं है। बिना नमक का खाना बेस्वाद होता है। आमतौर पर, लोग कई तरह के नमक का सेवन करते हैं। इनमें सफेद नमक और काला नमक प्रमुख है। सामान्य तौर पर, सब्जी आदि में सफेद नमक का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं सलाद, चाट आदि में काला नमक यूज होता है। इन दोनों के नमक में ना केवल स्वाद में अंतर होता है, बल्कि इनकी प्रॉपर्टीज भी अलग होती है। जिसके कारण इनके सेवन का अलग असर सेहत पर पड़ता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको सफेद नमक और काले नमक के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं-

सफेद नमक क्या है?
सफेद नमक 97 प्रतिशत सोडियम क्लोराइड होता है। इसमें मुख्य तत्व आयोडीन है। सफेद नमक को कभी-कभी टेबल सॉल्ट के रूप में भी जाना जाता है। इसे गॉइटर और थायरॉयड रोग जैसे विकारों से बचने के लिए आवश्यक माना जाता है।

सफेद नमक के नुकसान
एक तथ्य यह भी है कि इस नमक को हैवी प्रोसेस्ड किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान मूल खनिजों को बाहर निकाल दिया जाता है। जिसके कारण नमक से मिलने वाले लाभ इसमें नहीं मिल पाते हैं।

काला नमक क्या है?
काला नमक भारतीय व्यंजनों में एक आम घटक है और खाना पकाने में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह सल्फर यौगिकों से बना है और इसमें आयरन और पोटेशियम क्लोराइड भी होता है। हालांकि काला नमक के अन्य रूप भी हैं, लेकिन सबसे अधिक प्रचलित हिमालयी काला नमक है। यह नमक मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद करता है।

काले नमक के नुकसान
हालांकि काले नमक के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन कई अन्य पोषक तत्वों की तरह, अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह खतरनाक हो सकता है। काले नमक का एक और नुकसान यह है कि इसमें आयोडीन की थोड़ी मात्रा होती है, इसलिए अकेले काला नमक खाने से पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलेगा।

सफेद नमक और काले नमक में अंतर
• सफेद नमक में कोई गंध नहीं होती है, जबकि काले नमक में हल्की गंध होती है।
• सफेद नमक एक प्रकार का समुद्री नमक है जबकि काला नमक एक प्रकार का सेंधा नमक है।
• सफेद नमक समुद्री जल के वाष्पीकरण से बनता है, जबकि काला नमक हिमालय क्षेत्र में निकाला जाने वाला एक प्राकृतिक पत्थर का नमक है।
• सफेद नमक का उपयोग खाना पकाने और फूड प्रिजर्वेशन में किया जाता है। वहीं, काले नमक के कुछ चिकित्सीय लाभ हैं और अक्सर आयुर्वेद में इसका उपयोग किया जाता है।

किस नमक का करें सेवन
जब इन दोनों नमक की बात आती है तो यकीनन काले नमक को सफेद नमक या टेबल सॉल्ट से अधिक बेहतर माना जाता है। इससे आपको कई बेहतरीन लाभ मिल सकते हैं। जैसे-
• काला नमक उन लोगों की पाचन क्षमता में सुधार करता है जिनकी पाचन क्षमता खराब होती है।
• काला नमक हल्का लेक्सेटिव है, जिसका अर्थ है कि यह कब्ज दूर करने में उपयोगी है।
• काला नमक आंतों में गैस बनने की प्रवृत्ति को कम करता है और हार्ट बर्न की समस्या को भी दूर करने में कारगर है।
• हम में से बहुत से लोग सामान्य दैनिक आहार के साथ भी अक्सर एसिडिटी की समस्या से पीड़ित रहते हैं। काला नमक इन लोगों के लिए फायदेमंद होता है।
• काला नमक रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य बनाए रखने में लाभकारी भूमिका निभाता है। तो यह मधुमेह के व्यक्तियों के लिए अच्छा है।
• उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए नमक एक स्वस्थ विकल्प है।
• काले नमक में सोडियम की मात्रा सामान्य नमक की तुलना में कम होती है। इसलिए, अधिक सोडियम के कारण होने वाली कुछ लाइफस्टाइल डिसीज से बचाव में मदद मिलती है।



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