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ब्रेस्‍टफीड वीक: कोरोना संक्रमित माएं न घबराएं, ऐसे कराएं सुरक्षित स्तनपान

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बच्चे के जन्म के तुरंत बाद जहां यह दूध गाढ़ा पीले रंग का और कम मात्रा में होता है, जिसे कोलस्ट्रम कहा जाता है। यह दूध डिलीवरी के 48 घंटे तक आता है, जो शिशु के लिए बहुत उपयोगी होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी शिशु को कम से कम पहले छह महीने तक स्तनपान जरूर कराने की सिफारिश की है। जिसे दो साल तक जारी रखा जा सकता है। इन दिनों कोविड-19 वायरस या कोरोना, दुनिया भर में भयावह महामारी का रूप ले चुका है। ऐसे में महिलाएं अपने बच्चे या होने वाले बच्चे को स्तनपान कराने को लेकर बहुत आशंकित हैं, उन्हें लगता है कि ऐसा करने पर बच्चे को संक्रमण हो सकता है। लेकिन उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, बस कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।

ब्रेस्ट मिल्क में नहीं जाता संक्रमण हाल ही में कोक्रेन लाइब्रेरी, एमबेस कोविड, पबमेड मेडिसिन, वेब ऑफ साइंस कोर कलेक्शन (क्लेरिनेट एनालिटिक्स) और डब्ल्यूएचओ डेटाबेस के आधार पर वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है। डब्ल्यूएचओ का मानना है कि कोरोना संक्रमण न तो मां की ब्रेस्ट में जाता है, न ब्रेस्ट मिल्क में। कोरोना वायरस गले, सांस की नली, फेफड़ों में रहता है, ब्रेस्ट में नहीं पहुंचता। ऐसे में मां का दूध बच्चे के लिए सुरक्षित है। नवजात शिशु को संक्रमण नहीं हो सकता, जब तक कि संक्रमित मां के खांसने या छींकने से निकले ड्रॉपलेट के साथ वायरस बच्चे तक न पहुंचें। - डिलीवरी के बाद महिलाओं में कोविड-19 के अगर कोई लक्षण न हों तो बच्चे को स्तनपान कराने से बिल्कुल कतराना नहीं चाहिए। बस, सावधानियां बरतते हुए उसे ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए।

- डिलीवरी के बाद महिलाओं में कोविड-19 के अगर कोई लक्षण न हों तो बच्चे को स्तनपान कराने से बिल्कुल कतराना नहीं चाहिए। बस, सावधानियां बरतते हुए उसे ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए।

- बच्चे को दूध पिलाने के लिए उठाने से पहले और बाद में मेडिकेटेड साबुन से अपने हाथ अच्छी तरह धोएं।

- हाथों के लिए 70 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत एल्कोहल वाला सैनेटाइजर इस्तेमाल करें, जिससे बच्चे को किसी तरह की हानि न हो।

- बच्चे को दूध पिलाते हुए मास्क पहनें या कपड़े से अपना चेहरा अच्छी तरह कवर करें। जिससे सांस लेते हुए, खांसते या छींकते हुए ड्रॉपलेट के साथ वायरस बच्चे तक न पहुंच पाएं।

- संभव हो तो दूध पिलाने से पहले ब्रेस्ट गीले कपड़े से साफ कर लें।

-स्तनपान कराने वाली मां को होम आइसोलेशन में रहना चाहिए। न तो उसे कमरे से बाहर जाना चाहिए, न नाते-रिश्तेदारों से मिलने देना चाहिए।

- रेग्युलर हेल्थ केयर एडवाइजर के संपर्क में रहें। कोई भी तकलीफ हो तो सूचित करें। समुचित दिशा-निर्देशों का पालन करें।

English summary

Mothers Should Continue to Breastfeed Infants Even If They Are COVID-19 Positive

The WHO also said the risk of COVID-19 infection from breastfeeding is negligible and has never been documented, calling for greater support for the practice.