सरसों या नारियल का तेल, जानें कुक‍िंग के ल‍िए क्‍या है बेहतर

भारतीय गृहिणियां खाना पकाने के लिए नारियल और सरसों के तेल दोनों का कुकिंग में इस्‍तेमाल में लेती हैं। इसमें मौजूद पोषण मूल्यों और स्वास्थ्य लाभों के मामले में अव्‍वल हैं। दक्षिण भारत में सरसों के तेल का उतना उपयोग नहीं करते हैं, जितना उत्तर भारतीय में क‍िया जाता है। तेल कोई सा भी हो यह जरूरी है कि खाना पकाने का तेल पर्याप्त रूप से स्वस्थ होना चाहिए ताकि यह हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करे। आइए चर्चा करते हैं कि खाना पकाने के लिए सरसों के तेल या नारियल के तेल में से कौन सा बेहतर है।

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नारियल तेल के फायदे

यह त्वचा, वजन घटाने, बालों के पोषण, संक्रमण के इलाज के लिए अच्छा है। जिन लोगों को डैंड्रफ, दोमुंहे बालों की समस्या है, उनके लिए यह तेल सबसे अच्छा है और नमी बनाए रखने में भी मददगार है। इसके अलावा यह बालों की खोपड़ी को गर्मी से भी बचाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी मॉइस्चराइजिंग, एंटी-एजिंग से लड़ता है, इसमें लॉरिक एसिड में उच्च होता है, इसमें विटामिन ई होता है और यह त्‍वचा को कोमल बनाता है। डाइजेशन के लिए नारियल का तेल में पका खाने से एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। ये अपच करने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है और डाइजेशन को ठीक करता है। नारियल के तेल में पका खाना खाने से कब्ज और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।

सरसों के तेल के फायदे

सरसों का तेल बहुत अच्छा है, खासकर हृदय स्वास्थ्य के लिए। तेल मोनोअनसैचुरेटेड वसा और पॉलीअनसेचुरेटेड वसा में समृद्ध है। दोनों खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह आश्चर्य की बात है कि यह तेल जिसे कभी मनुष्यों के लिए जहरीला माना जाता था क्योंकि इसके बारे में अफवाह फैल गई थी, अब पोषण विशेषज्ञों द्वारा सबसे अधिक अनुशंसित तेलों में से कई स्टडीज में यह बात सामने आ चुकी है कि सरसों के तेल में कैंसर से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं। सरसों के तेल में ओमेगा 2 पॉलिअनसैच्युरेटेड फैटी ऐसिड पाया जाता है तो कोलोन कैंसर होने के रिस्क को काफी कम करता है। साथ ही सरसों का तेल ट्यूमर के साइज को 50 प्रतिशत तक कम करने की भी क्षमता रखता है।

ध्‍यान दें

दोनों ही तेल के लिए ज्‍यादा लाभ प्राप्त करने के लिए इन दोनों तेलों को कभी न मिलाएं। चूंकि दोनों तेल अपनी संरचना में पूरी तरह से भिन्न हैं, इसलिए इन तेलों को मिलाना नहीं चाहिए।

इन तेलों को छाया में रखें। उन्हें कभी भी सीधी धूप के संपर्क में न आने दें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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