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पीएम मोदी ने लद्दाख की 'संजीवनी' का किया जिक्र, कई बीमारियों से बचाती है ये जड़ी-बूटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में लद्दाख में पाई जाने वाली एक अनोखी जड़ी-बूटी का भी जिक्र किया, जिसे रामायण में वर्णित संजीवनी माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि रामायण में लक्ष्मण को जीवनदान देने वाली जड़ी-बूटी 'संजीवनी' की तलाश पूरी हो गई है। इस जड़ी-बूटी को स्थानीय लोग 'सोलो' कहते हैं। और वैज्ञानिक इसे रोडियोला भी कहते हैं। यह जड़ी-बूटी हिमालय पर इतनी ऊंचाई पर पाई जाती है, जहां जीवन को बनाए रखना ही अपने आप में एक चुनौती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लेह लद्दाख ऐसी धरती है, जहां संजीवनी पाई जाती है। उन्होंने सोलो का उल्लेख संजीवनी के रूप में किया। आइए जानते हैं इस पौधे की उन खासियतों पर जो प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद से सुर्खियों में है...

भारतीय सेना के जवान भी करते हैं इस्तेमाल
स्थानीय लोग इसके पत्तों का उपयोग सब्जी के रूप में करते आए हैं। लेह स्थित डिफेंस इंस्टिट्यूट ऑफ हाई ऐल्टिट्यूड इस पौधे के चिकित्सकीय उपयोगों की खोज कर रहा है। यह सियाचिन जैसी कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। आयुर्वेद के जानकारों का दावा है कि इस पौधे की मदद से शरीर को पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालने में भी मदद मिलती है। कम ऑक्सीजन के ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात भारतीय सेना के जवान भी इसका इस्तेमाल अपनी शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए करते हैं।

रेडियोएक्टिव प्रभाव से बचाने में कारगर
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पौधा कम ऑक्सीजन वाले, ऊंचे इलाकों में रोगप्रतिरोधक प्रणाली को बेहतर रखने और रेडियोएक्टिव प्रभाव से बचाने में कारगर है। यही नहीं यह औषधि अवसाद को कम करने और भूख बढ़ाने में भी लाभकारी है। सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में जवानों में डिप्रेशन और भूख कम लगने की समस्या के इलाज में यह फायदेमंद है।

भूख बढ़ाने वाले गुण है
यह जड़ी बूटी बम या बॉयोकेमिकल लड़ाई से पैदा हुए गामा रेडिएशन के प्रभाव को कम करती है। लेह स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला में रोडियोला पर एक दशक से शोध हो रहा है। इस पौधे की एडैप्टोजेनिक क्षमता सैनिकों को कम दवाब और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में अनुकूल होने में मदद कर सकती है, साथ ही इस पौधे में अवसाद-रोधी और भूख बढ़ाने वाला गुण भी है।'

बढ़ती उम्र को रोकें
रामायण में संजीवनी बूटी का जिक्र मिला है। जिसकी मदद से लक्ष्मण को जीवनदान मिला था। वैज्ञानिकों के आधार पर यह पौधा बढ़ती उम्र को रोकने में सहायक है। साथ ही ऑक्सीजन की कमी के दौरान न्यूरॉन्स की रक्षा भी करता है। वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी कहना है कि लद्दाख क्षेत्र में कई ऐसी जड़ी बूटियां हैं, जो चिकित्सा और रोजगार के क्षेत्र में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं।



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