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सही खानपान से भी सही हो जाता है पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, जानें सही डाइट के बारे में
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं में प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाएं अनियमित पीरियड्स, बालों के झड़ने, शरीर में बालों के विकास, मुंहासे, वजन बढ़ने और त्वचा के काले पड़ने का अनुभव करती है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम वह स्थिति है, जिसमें ओवरी में सिस्ट या गांठ बन जाती है। इसका मुख्य कारण हार्मोंस में गड़बड़ी है। लेकिन आजकल पीसीओएस की समस्या हर उम्र की महिलाओं को प्रभावित कर रही है। पीसीओएस के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें इस बीमारी का जेनेटिक, खराब लाइफस्टाइल, निष्क्रिय जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें भी इसके कारण हो सकते हैं। हालांकि दवाओं और एक स्वस्थ खानपान और जीवनशैली के साथ पीसीओएस के लक्षणों से निपटने और स्थिति को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

क्या खाएं?
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों सेवन :
यदि आप पीसीओएस की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप अपनी डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन को शामिल करें। फाइबर आपके लिए अलग-अलग तरह से फायदेमंद है। यह आपके ब्लड शुगर को कम करने और वजन को कंट्रोल करने में मदद करेगा। आप फाइबरयुक्त फल और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। जिसमें फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थो के स्त्रोत हैं- साबुत अनाज, ब्रोकोली, जामुन, नाशपाती, सेब, गाजर, केला, बीन्स, मसूर, छोले, ओट्स, क्विनोआ, चिया सीड्स आदि ।

एंटी इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ :
फाइबरयुक्त आहार के सेवन के साथ आप अपनी डाइट में एंटी इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन को शामिल करें। जिसमें कि आप फैटी फिश, हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, जामुन, नट्स, हल्दी, काली मिर्च और जैतून का तेल आदि शामिल कर सकते हैं।

लो जीआई वाले खाद्य पदार्थ :
पीसीओएस की समस्या से पीडि़त होने पर आप लो जीआई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन शामिल करें। यह आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करेगा। इसके अलावा, लीन प्रोटीन को भी डाइट में शामिल करें, यह पीसीओएस वाली महिलाओं के लिए एक स्वस्थ विकल्प है।

क्या न खाएं?
शुगरी फूड्स और ड्रिंक्स से बचें
यदि आप पीसीओएस की समस्या से पीडि़त है, तो आप उन खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के सेवन से बचें, जो चीनी में उच्च हैं। शुगरी फूड्स और ड्रिंक्स से पीसीओएस और पीसीओडी वाली महिलाओं को सख्ती से बचा जाना चाहिए।

रिफाइंड कार्ब्स या ट्रांस फैट
पीसीओएस वाली महिलाओं को प्रोसेस्ड मीट, रिफाइंड कार्ब्स या ट्रांस फैट जैसे खाद्य पदार्थों से भी बचना चाहिए। क्योंकि यह सभी इफ्लेमेशन को ट्रिगर कर सकते हैं। इसके अलावा, शराब पीने या धूम्रपान से भी बचें।

फास्ट फूड्स और तला-भुना
फास्ट फूडस और अधिक तला-भुना खाना न केवल पीसीओएस, बल्कि सभी के लिए हानिकारक है। यह मोटापे से लेकर दिल की बीमारियों समेत कई बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकते हैं। खासकर पीसीओएस वाली महिलाओं को फास्ट फूड्स और अधिक तला-भुना खाना सख्त मना होता है।



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