Latest Updates
-
Diwali 2026: कब करें लक्ष्मी पूजन? श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने बताया शुभ मुहूर्त और समृद्धि का उपाय -
Happy Diwali 2026: परिवार और दोस्तों को संस्कृत में भेजें ये मंगलमय संदेश -
दिवाली पर घी, सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना है शुभ? आचार्य वसंत विजय महाराज से जानें सही नियम -
दिवाली के दिन अगर पीरियड हो जाए तो कैसे करें पूजा? जानें मां लक्ष्मी और गणेश पूजन की धार्मिक मान्यताएं -
Choti Diwali 2026: पति-पत्नी के लिए प्यार भरे शुभकामना संदेश और रोमांटिक विशेज -
नरक चतुर्दशी 2026: जब श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,000 राजकुमारियों को दिलाई मुक्ति, जानें पौराणिक कथा -
रूप चौदस 2026: बहू और बेटी को भेजें ये खूबसूरत शुभकामना संदेश, रिश्तों में घोलें प्यार और अपनापन -
Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय -
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा
UK में 2023 से अर्ली चाइडहुड में होने वाला दुर्लभ जेनेटिक डिजीज का इलाज होगा शुरू

2023 से UK में शुरू होने वाला न्यूबॉर्न जीनोम्स प्रोग्राम दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा रिसर्च माना जा रहा है। सफल होने पर इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है। कम से कम 7,000 सिंगल जीन डिसऑर्डर हैं, जिनमें से अधिकांश अर्ली चाइडहुड में विकसित होते हैं। हर साल, ब्रिटेन में कई हजार बच्चे दुर्लभ जेनेटिक डिजीज से प्रभावित होते हैं, लेकिन डायग्रोसिस प्राप्त करने से पहले परिवारों को अक्सर टेस्टिंग और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं। ये इंग्लैंड में महीनों, या सालों के सैकड़ों फैमली को इस दर्द से बचा सकता है। ये पता लगाने के लिए कि उनके बच्चे बीमार क्यों हैं।
सरकार ने दुनिया में सबसे उन्नत जीनोमिक हेल्थकेयर सिस्टम बनाने के लिए फंडिंग की घोषणा की, जिससे जीवन बचाने और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करने में मदद मिलेगी।
यूके की सरकार ने हेल्थ और सोशल केयर सिक्रेटरी ने कटिंग एज जीनोमिक्स रिसर्च को £175 मिलियन देने के बाद कैंसर के रोगियों और ट्रीटमेंट एलिजबल रेयर जेनेटिक बीमारियों के साथ पैदा हुए बच्चों को पहले के डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट की तेजी से पहुंच से लाभ होने की उम्मीद है।
नवजात शिशुओं में दुर्लभ आनुवंशिक रोगों का पता लगाने और उनका इलाज करने के लिए पूरे जीनोम इनडेक्सिंग का यूज करने की प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए एनएचएस के साथ पार्टनरशिप में जीनोमिक्स इंग्लैंड के नेतृत्व में वर्ल्ड लीडिंग रिसर्च स्टडी को किकस्टार्ट करने के लिए £ 105 मिलियन दिये है। उदाहरण के लिए, दुर्लभ आनुवंशिक थायराइड हार्मोन की स्थिति, जो रेगुलर एनएचएस हील प्रिक टेस्ट द्वारा पता लगाने योग्य नहीं हैं, और ट्रीटमेंट के बिना डेवलपमेंट और सीखने की कठिनाइयों और लॉन्ग टर्म हेल्थ जटिलताओं का कारण बन सकती हैं।
रिसर्च के दौरान 100,000 बेबीज के जीनोम का सीक्वेंस करेगा, जो 2023 में शुरू होगा। ये विचार करने के लिए सबूत इकट्ठा करेगा कि क्या इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
(Reference- https://www.gov.uk/government)
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
