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कोविड वैक्सीन स्पूतनिक लाइट को मिली मंजूरी, जानिए कैसे ये वैक्सीन स्पुतनिक-वी से है अलग है?
कोरोनावायरस वेरिएंट के फैलने और तीसरी लहर की बढ़ती संभावना के साथ, उपयोग के लिए प्रभावी टीके का उपलब्ध होना अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। फिलहाल हमारे पास तीन COVID-19 के टीके उपलब्ध हैं, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने क्लीनिकल ट्रायल के बाद बहुचर्चित कोविड 19 वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को हरी झंडी दे दी है।
रूसी कोविड वैक्सीन स्पुतनिक लाइट ने हाल के महीनों में कोविड-19 के खिलाफ मजबूत प्रभावकारिता और रोकथाम दर की वजह से चर्चाओं में थी। हालांकि, यह भारत में पहले से ही मौजूद रुसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी से काफी अलग है। आइए जानते है कि आखिर स्पूतनिक लाइट में ऐसा क्या खास है और ये कैसे स्पुतनिक-वी से अलग है?

स्पुतनिक लाइट Vs स्पुतनिक-वी
स्पुतनिक लाइट एक नया, अलग टीका है, जिसे आरडीआईएफ के सहयोग से रूस के गामालेया संस्थान द्वारा विकसित किया गया है। जबकि स्पुतनिक वी (जिसे गम-कोविड-वैक भी कहा जाता है) एक दो-खुराक वाला टीका है, जिसे दुनिया में पहली सार्वजनिक रूप से उपलब्ध टीकों में से एक कहा जाता है (अगस्त 2020 में मिली मंजूरी), वहीं वहीं स्पुतनिक लाइट, सिस्टम में एंटीबॉडी उत्पन्न करने के लिए स्पुतनिक वी वैक्सीन में इस्तेमाल किया जाने वाला पहला घटक है।
जबकि दोनों के बीच कुछ उल्लेखनीय अंतर हैं, दोनों टीके एडेनोवायरस-आधारित टीके हैं, जिन्हें प्रभावी कोशिकाओं के उपयोग और आक्रमण के मद्देनजर बनाया गया है। वे दोनों गैर-प्रतिकृति COVID-19 टीके भी हैं।
जबकि स्पुतनिक-वी दो-खुराक वैक्सीन है जो एंटीबॉडी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिरक्षा कोशिकाओं को टारगेट करता है, वहीं स्पुतनिक लाइट को वैक्सीन का एक प्रकार कहा जाता है जिसमें अन्य टीके के घटक होते हैं।

स्पुतनिक लाइट क्यों है खास?
स्पुतनिक लाइट सिंगल शॉट वाली वैक्सीन है। आरडीआईएफ के प्रमुख किरिल दिमित्रीव के अनुसार, स्पुतनिक लाइट कम समय सीमा में लोगों के बड़े समूहों को प्रतिरक्षित करने की चुनौती को हल करने का हथियार साबित हो सकती है। औसतन 79.4 फीसदी प्रभाविकता के साथ यह वैक्सीन बेहद ही कम कीमत 10 डॉलर प्रति डोज (करीब 743 रुपए) में उपलब्ध होगी।

परीक्षण कैसे आयोजित किए जाएंगे?
डीजीसीआई की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने स्पुतनिक लाइट के तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण के लिए मंजूरी की हामी दे दी है। जबकि पहले यह बताया गया था कि एकल-खुराक संस्करण के लिए तीसरे चरण के परीक्षण जरुरी नहीं है। (चूंकि टीका स्पुतनिक वी वैक्सीन के समान है), अब परीक्षणों को सुरक्षा और इम्यूनोजेनेसिटी प्रोफाइल का अध्ययन करने के लिए हरी झंडी दी गई है। तीसरे चरण के परीक्षण, जिसे किसी भी टीके या दवा के लिए सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण परीक्षण माना जाता है, क्लीनिकल ट्रायल में विशेषज्ञों की भीड़ को शामिल किया जाता है और परीक्षणों के ठीक से मूल्यांकन के बाद ही अंतिम अनुमोदन के लिए वैक्सीन भेजा जाता है।

स्पुतनिक लाइट के साइड-इफेक्ट्स?
स्पुतनिक लाइट पर हुए रिसर्च के अनुसार इस इंजेक्शन के भी कुछ हल्के-फुल्के साइडइफेक्ट्स है जैसे इंजेक्शन वाले हिस्से में हल्का दर्द, बुखार, थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द। इसके अलावा इसमें कोई अन्य गंभीर दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं।



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