अधिक वजन भी बन सकता है थ्रोम्बोसिस का कारण, शुरूआती लक्षणों को कुछ यूं समझें

क्या आपको भी कई दिनों से घुटनों के नीचे पैर में जबरदस्त दर्द का अनुभव हो रहा है, क्या इस जगह आप सूजन महसूस कर रहे है। तो बतादें कि ये डीवीटी की वजह से हो सकता है। जी हां डीवीटी यानि डीप वेन थ्रोम्बोसिस एक प्रकार का ब्लड क्लोट यानि रक्त का थक्का है, जो हमारी नसों के अंदर बनता है लेकिन आमतौर पर ये आपके पैर के भीतर छिपी नसों में गहराई में जाकर बनता है। परेशानी की बात ये है कि ये थक्के कई हिस्सों मंस टूट सकते हैं और आपके ब्लड फ्लो में बहकर शरीर के दूसरों अंगों में जा सकते हैं। इतना ही नहीं ये आपके फेफड़ों में फंस सकते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बाधित कर सकते हैं, जिससे व्यक्ति का ऑर्गन डैमेज हो जाता है या फिर वो मौत का शिकार भी हो सकता है। तो आइए जानते हैं थ्रोम्बोसिस के लक्षण क्या है और इसका ट्रीटमेंट किस तरह से होता है।

क्यूं होती है ये समस्या

क्यूं होती है ये समस्या

किसी भी इंसान को डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या तब होती है जब शरीर के किसी एक हिस्से में एक से ज्यादा गहरी नसों में रक्त के थक्के बनते हैं। ये समस्या खासकर पैरों में होती है। डीप वेन थ्रॉम्बोसिस की इस स्थिति में आपके पैरों में दर्द या सूजन पैदा हो सकती है, कई बार तो ये समस्या बिना लक्षणों के भी प्रकट हो जाती है। थ्रोम्बोसिस की स्थिति आपके शरीर में तब भी उत्पन्न हो सकती है जब आप किसी मेडिकल कंडीशन में होते हैं। या उस समय जब आप किसी सर्जरी या एक्सीडेंट के कारण लंबे समय से नहीं चल पाए हो। ये समस्या बहुत ही गंभीर रूप ले सकती है, क्योंकि आपकी नसों में ब्ल्ड के क्लोट ढीले हो सकते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन के जरिए पूरे शरीर में घूम सकते है, ये आपके फेफड़ों तक पहुंच सकते है।

डीप वेन थ्रोम्बोसिस के चेतावनी लक्षण

डीप वेन थ्रोम्बोसिस के चेतावनी लक्षण

- जिस पैर में ब्लड क्लॉट होने लगते हैं उस पैर में धीरे-धीरे सूजन आने लगती है।

- लंबे समय तक पैर में दर्द रहना भी थ्रोम्बोसिस के शुरूआती लक्षण है, इस स्थिति में पैर में ऐंठन जैसा महसूस किया जा सकता है

- शरीर के प्रभावित क्षेत्र की त्वचा लाल या पीली पड़ना

- त्वचा के नीचे की नस मोटी रस्सी के समान महसूस होना

- सांस लेने में तकलीफ महसूस होना

- सीने में दर्द या बैचेनी का अनुभव होना

-पल्स तेज गति से चलना

डीवीटी का खतरा सबसे ज्यादा किसे?

डीवीटी का खतरा सबसे ज्यादा किसे?

- कैंसर से पीड़ित लोगों में

- सर्जरी कराने वाले लोगों में

- लंबे अरसे से बेड रेस्ट करने वालों में

- धूम्रपान करने वालों में

- अधिक मोटे लोगों में

ट्रीटमेंट

ट्रीटमेंट

- एंटीकोआगुलंट्स नाम की दवाएं डीवीटी के इलाज का सबसे आम तरीका है। ये नए ब्लड क्लॉट को बनने से रोकती हैं। हालांकि, ये आपके शरीर में पहले से मौजूद क्लॉटस को नहीं तोड़ सकती हैं, लेकिन ये आपके शरीर में जाकर इन क्लॉटस को घुलनशील बनाती हैं। आप इन दवाओं को गोली या फिर इंजेक्शन के रूप में ले सकते हैं।

- ब्लड क्लॉटस को तोड़ने वाली दवाओं को थ्रोम्बोलाइटिक्स कहा जाता है। जैसे कि अगर आपके फेफड़े में कोई क्लॉट बन गया है तो ये दवा उस जानलेवा ब्लड क्लॉट को तोड़ने का काम करेगी। आपको अस्पताल में आईवी द्वारा थ्रोम्बोलाइटिक्स दिया जा सकता है। लेकिन ये अचानक, सीरियस ब्लीडिंग का कारण बन सकती हैं, इसलिए डॉक्टर उनका उपयोग केवल इमरजेंसी कंडीशन में ही करते हैं।

- थ्रोम्बोसिस के ट्रीटमेंट में कुछ विशेष मोजे आपके ब्लड सर्कुलेशन को सुचारू करने में मदद करते हैं, ये आपके पैरों पर हल्का दबाव डालते हैं। ये ना सिर्फ क्लॉटस को बनने से रोकने में मदद करते हैं, बल्कि ये सूजन को कम कर दर्द से राहत देते हैं। डॉक्टर की सलाह पर आप अपनी पैर की साइज के अनुसार ये स्टॉकिंग्स कहीं से भी खरीद सकते हैं।

Story first published: Wednesday, October 19, 2022, 15:00 [IST]
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