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पुरूषों में थायरॉयड की ये है नॉर्मल रेंज, जानें इसे कंट्रोल करने के तरीके...!
हाइपरथायरायडिज्म हमारे शरीर की एक ऐसी अवस्था है जिसमें हमारे बॉडी में मौजूद थायरॉयड ग्रंथि थायरोक्सिन हार्मोन का प्रोडक्शन आवश्यकता से अधिक करने लगती है। थायरॉयड की ये बीमारी, हमारी लाइफस्टाइल को प्रभावित कर सकती है। आमतौर पर इस बीमारी से ज्याेदातर महिलाएं पीड़ित होती हैं। लेकिन इन दिनों लाइफस्टाइल में जो बदलाव आया है, उससे पुरुषों में भी थायरॉयड की बीमारी आम होती जा रही है। हालांकि, उम्र और लाइफ स्टेज के आधार पर थायरॉयड का लेवल हर व्ययक्िउम् में अलग होता है। यहां हम आपको बताएंगे कि पुरुषों में थायरॉयड की नॉर्मल रेंज कितनी होती है और इसे कंट्रोल करने के लिए क्या तरीके आजमाए जा सकते है ।

थायरॉयड कब बढ़ता है
थायरॉयड ग्रंथि टेट्रायोडोथायरोनिन (टी4) और ट्रीओडोथायरोनिन (टी3) बनाती है, ये दोनों प्राइमरी हार्मोन हैं। यह हार्मोन आपकी सेल्स को एनर्जी इस्तेमाल करने में कंट्रोल करते हैं। थायरायड ग्रंथि इन हार्मोनों के रिलीज के माध्यम से आपके मेटाबोलिक को कंट्रोल करती है। थायरॉयड में तब वृद्धि होती है जब थायरॉयड ग्रंथि टी4, टी3 या दोनों हार्मोन का प्रोडक्शन ज्यादा होता है। हाइपरथायरायडिज्म आपके शरीर की मेटाबोलिक में तेजी ला सकता है, जिससे अचानक वजन घटना, तेज़ या अनियमित हार्ट रेट, पसीना आना और घबराहट या इर्रिटेशन हो सकते हैं।
पुरुषों में टीएसएच की नॉर्मल रेंज क्याि है
टीएसएच की सामान्यच रेंज 0.4 mU/L से 4.0 mU/L के बीच होती है। 18 से 50 वर्ष के बीच पुरुषों में टीएसएच का लेवल करीब 0.5 - 4.1 mU/L के बीच होना चाहिए। वहीं 51-70 साल की आयु वाले पुरुषों में टीएसएच की सामान्या रेंज 0.5 से 4.5 mU/L के करीब होती है। तो 70 से ज्या दा उम्र के पुरूषों के टीएचएच की सामान्यो रेंज 0.4-5.2 mU/L के बीच होगी। थायरॉयड ग्रंथि का अंडरएक्िी सव और ओवरएक्ि.4 व दोनों ही होना ठीक नहीं है। आपको बता दें कि थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन्स की जांच के लिए टीएसएच टेस्ट किया जाता है। टीएसएच की नॉर्मल रेंज 0.4 -4.0 mIU/L के बीच होती है। अगर टीएसएच का स्तएर 2.0 से ज्यादा है, तो ये अंडरएक्िी व थायरॉयड या हाइपोथायरॉडिज्म कहलाएगा। वहीं 0.4 -4.0 mIU/L से कम का स्तेर ओवरएक्िर व यानी हायपरथायराइडिज्म कहलाता है। ये दोनों की स्ि0 तियां, शरीर के लिए खतरनाक हैं।
पुरूषों में थायरॉयड के लक्षण क्या है
- बेवजह गुस्सा आना
- मूड़ में उतार-चढ़ाव
- पैरों में दर्द
- बालों का झड़ना या गंजापन
- हड्डियां कमजोर होना
- हार्ट बीट कम होना
- मुंह और बॉडी में सूजन
थायरॉयड में कौन-से टेस्ट होते है
थायरॉयड की रिपोर्ट में हम अक्सर T0, T1, T2, T3, T4 और TSH जैसी मेडिकल टर्म्स पढ़ते है। जिनके बारे में एक आम आसान को मालूम नहीं होता। दरअसल ये थायरॉयड की जांच करने वाले टेस्टो होते हैं। T0, T1 और T2 निष्ि्रे तय रहते हैं। ये थायरॉयड हार्मोन रिसेप्टर पर काम नहीं करते। वहीं अगर शरीर में ओवरएक्टिव थायरॉइड ग्लैंड के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टपर टी3 टेस्टय करवाने की सलाह देते हैं। टी3 की सामान्य् रेंज 100-200 ng/dL होती है। टी3 हार्मोन की जांच के लिए टी3 टेस्टय या ट्राईआयोडोथायरोनिन जांच की जाती है। वैसे एक स्वतस्थ3 शरीर में टी3 और टी4 हार्मोन्स की मात्रा सही होती है। और इन दोनों हार्मोन्सथ को टीएसएच हार्मोन कंट्रोल करता है। टी4 का स्त र बढ़ने से तनाव, वजन घटना, कंपकंपी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इसके लेवल की जांच करने के लिए टी4 टेस्ट या थायरॉक्िलक्न टेस्टक कराने के लिए कहा जाता है।
थायरॉयड का लेवल कंट्रोल करने के तरीके
- जिन पुरूषों को थायरॉयड की समस्या होती है, उन्हें इसके बढ़ते लेवल को कंट्रोल करने के लिए स्मोकिंग या एल्कोहल के सेवन से बचना होगा।
- थायरॉयड का लेवल कंट्रोल करने के लिए योग भी काफी कारगर साबित होता है। खासकर मतस्यासन, उष्ट्रासन, धनुषासन, मांजरासन और वज्रासन आदि योगासन थायरॉयड कंट्रोल करने में मदद करते है।
- थायरॉयड लेवल कंट्रोल करने के लिए डाइट में मैग्नीशियम, आयोडीन, विटामिन्स, कैल्िेवलयम और प्रोटीन आदि न्यूट्रीशंस को शामिल करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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