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Sunken Eyes : क्या आपकी आंखें धंसने लगी हैं, तो जानिए इसके कारण और कैसे कर सकते है इसका इलाज
आज की थका देने वाली लाइफ स्टाइल ने सबसे ज्यादा अगर नुकसान किया है तो वो आंखों का है। घंटों लगातार लैपटॉप पर बैठ काम करना, देर रात तक मोबाइल देखना, वक्त पर सोना नहीं, नींद की कमी, इन सबकी वजह से आंखों को काफी नुकसान पहुंचता है। आंखों में डार्क सर्किल, रेडनेस, धंसी हुई आंखें ये सब आंखों में होने वाली परेशानियां हैं। लेतिन इन सब में जो आंखों का धंसना सबसे गंभीर है। ये उम्र बढ़ने, डिहाइड्रेशन, या फिर किसी बड़ी बीमारी होने का संकेत भी होता है। इसे एनोफ्थाल्मोस के रूप में जाना जाता है। धंसी हुई आंखें आपकी आंखों को आपके चेहरे में अंदर की ओर धंसी हुई लगती हैं, जिससे आपका चेहरा थोड़ा खोखला नजर आने लगता है। धंसी हुई आंखें पैदाइशी भी हो सकती है ये जरूरी नहीं है कि किसी स्थिति के कारण दोनों आंखें प्रभावित होंगी, ये एक या दोनों आंखों में भी हो सकती है। मिरर में देखकर खुद को उसकी उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है।

धंसी हुई आखें का कारण
धंसी हुई आखें का कारण पारिवारिक इतिहास, डिहाइड्रेशन और नींद की कमी शामिल है।
धंसी हुई आंखें, जिसे मेडिकल लैग्वेंज़ में एनोफथाल्मोस कहा जाता है। धंसी हुई आंखें जब आंखों के नीचे खोखली दिखाई देती हैं, तो इसे आंसू गड्डे के रूप में भी जाना जाता है। आंखों के नीचे की कोमल त्वचा खोखला छोड़कर अंदर की ओर जाने लगती है।
धंसी हुई आँखों को 'टियर ट्रफ हॉलो' या 'अंडर-आई हॉलोज़' के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, स्थिति के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग होते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक ने आंखों में सूखापन, दोहरी दृष्टि, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, ऑड आई की विशेषताओं और स्लेक ऊपरी पलकों का भी बताती है, जो बीमारी के विकास का परिणाम हो सकते हैं।

धंसी हुई आंखें कारण बनती हैं-
लक्षण-
आंखों के नीचे खोखला होना
आंखों के नीचे एक डार्क सर्किल दिखनाआंखों के नीचे पतली त्वचा, कभी-कभी दिखाई देने वाली ब्लड सेल्सस्किन के पतले होने के कारण आंखों के आसपास रेडनेस
आंखों की निचली पलक पर एक सैगिंग का होना
इसकी वजह से चेहरे पर थकान नजर आती है

धंसी हुई आंखें किस वजह से होती है ?
उम्र बढ़ने से
बढ़ती उम्र में, कोलेजन प्रोटीन खोने लगता है, जो प्रोटीन शरीर को लचीलापन और ताकत देता है। जब प्रोटीन का स्तर कम हो जाता है, तो स्किन पतली और लूज होने लग जाती है। चेहरे की त्वचा बहुत सॉफ्ट होती है, फिर जब त्वचा को सहारा नहीं मिलता है, तो यह अंदर की ओर खिसकने लगती है। जिससे एक खोखलापन बन जाता है।
वजन घटना
जब आप अपना वजन कम करते हैं तो शरीर के सभी हिस्सों में फैट कम होने वगता है। आपकी आंखों की चर्बी भी कम होगी, और इससे आंखों के आसपास की त्वचा पतली हो सकती है और अंदर की ओर खिसक सकती है।
धूम्रपान-
धूम्रपान शरीर में कोलेजन के स्राव को कम करता है जिसका रिजल्ट ये होता है कि चेहरे के आसपास की त्वचा ढीली हो सकती है।
डिहाइड्रेशन-
डिहाइड्रेशन की वजह से ना सिर्फ मुंह सूखता है बल्कि इसके परिणामस्वरूप शरीर में कई बैक्टीरिया और वायरस बन सकते हैं। पानी की कमी से बच्चों की आंखें धंसी हुई हो सकती हैं।
नींद की कमी
जब आप पूरी नींद नहीं लेते हैं, तो आपकी आंखों के नीचे काले घेरे होने लगते हैं। अगर ये आपकी उपस्थिति का कारण है, तो स्थिति आमतौर पर कुछ घंटों के बाद गायब हो जाती है और जब आप अपने शरीर को पानी और खाने से भर देते हैं।
डॉक्टर को कब दिखाना है?
धंसी हुई आंखें जरूरी रूप से लाइफ स्टाइल में बदलाव की वजह से सही ठीक हो सकती हैं, लेकिन अच्छी नींद लेने और बुरी आदतों को छोड़ने के बाद भी, अगर स्थिति बिगड़ती रहती है, तो आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क करें



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