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क्‍या होता है कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन, जानें कैसे इसे रोंके

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भारत अनलॉक-1 के बाद दिल्‍ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन ने एम्‍स डायरेक्‍टर के हवाले से कहा कि कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है। मगर केंद्र सरकार इसकी घोषणा करेगी, तभी मानेंगे। कम्‍यूनिटी ट्रांसमिशन यानी वायरस आउटब्रेक की स्‍टेज 3 बेहद खतरनाक होती है। इसमें संक्रमण के स्‍त्रोत का पता लगा पाना नामुमकिन हो जाता है। आइए जानते हैं क‍ि कम्‍युन‍िटी ट्रांसमिशन क्‍या होता है और इसके क्‍या खतरे हैं?

क्‍या होता है कम्युनिटी ट्रांसमिशन?

क्‍या होता है कम्युनिटी ट्रांसमिशन?

ये तब होता है जब वायरस सोसायटी में घुसकर बहुत बड़ी संख्या में लोगों को बीमार करने लगे। कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों की मौत होने लगे। लेकिन साथ ही साथ एक बार बीमार हो चुके लोगों में इसके लिए इम्युनिटी पैदा हो जाए और आखिर में वायरस कुछ न कर सके। इसे प्रतिरक्षा का सिद्धांत कहते हैं। कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू होते ही ये हालात आते ही हैं। रोग प्रतिरक्षा पैदा होने में कितना वक्त लगता है ये कई बातों पर निर्भर है। जैसे बीमारी कितनी तेजी से फैल रही है। इम्युनिटी पैदा होने में आमतौर पर 6 महीने से लेकर 1 साल का वक्त लगता है। अभी तक SARS-CoV2 के मामले में वैज्ञानिक ये बता नहीं सके हैं।

 भारत ट्रांसमिशन की किस स्‍टेज में?

भारत ट्रांसमिशन की किस स्‍टेज में?

वर्ल्‍ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन किसी बीमारी को तीन चरणों में बांटता है। छिटपुट केसेज, क्‍लस्‍टर में केसेज और कम्‍यूनिटी ट्रांसमिशन। छिटपुट में वे केसेज आते हैं जो या तो इम्‍पोर्टेड हैं या लोकली डिटेक्‍ट हुए हैं। क्‍लस्‍टर तब बनता है जब इन्‍फेक्‍शन का एक कॉमन फैक्‍टर या लोकेशन होती है। मसलन मुंबई का धारावी और वर्ली, दिल्‍ली का निजामुद्दीन असल में क्‍लस्‍टर हैं। भारत सरकार के मुताबिक, देश अभी लोकल ट्रांसमिशन की स्‍टेज में है।

कैसे रोका जाएं कम्‍युन‍िटी ट्रांसमिशन?

कैसे रोका जाएं कम्‍युन‍िटी ट्रांसमिशन?

अगर कोरोना वायरस के तीसरे स्‍टेज की बात करें, तो ऐसी स्थिति में लॉकडाउन अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण हो जाता हे क्‍योंक‍ि कोई भी व्‍यक्ति वायरस का प्रसार कर सकता है, बेशक उसने विदेश यात्रा न की हो और न वो क‍िसी संक्रमित के संपर्क में आया हो। इसे रोकने के ल‍िए सरकार को बाहर से आने वाले लोगों की जांच के ल‍िए उन्‍‍हें कम से कम 14 द‍िन न‍िगरानी में रखना चाह‍िए।

कैसे बचें कम्‍युन‍िटी ट्रांसमिशन से

कैसे बचें कम्‍युन‍िटी ट्रांसमिशन से

अगर क‍िसी व्‍यक्ति को कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो उसे तुरंत सामने आकर अपनी जांच करानी चाह‍िए। लोगों को एक साथ जमा होने से बचना होगा यानी सभी लोगों को ज‍ितना संभव हो, उतना अकेले रहना चाह‍िए। लोगों को अपने हाथों की साफ-सफाई का पूरा ध्‍यान रखना चाह‍िए। पॉज‍ीट‍िव मामलों के इलाज के ल‍िए जांच सुव‍िधाओं, उपकरणों, आइसोलेशन बेड्स, वार्ड्स, दवाओं आद‍ि का बेहतर इंतजाम करना चाह‍िए।

English summary

What Does Community Transmission of Coronavirus Mean?

According to the WHO, community transmission “is evidenced by the inability to relate confirmed cases through chains of transmission for a large number of cases.
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