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डिमेंशिया Vs अल्जाइमर: दोनों मेंटल कंडीशन को एक समझने की भूल न करें

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डिमेंशिया और अल्जाइमर दो शब्द हैं जिनका उपयोग अक्सर मेमोरी लॉस और एकाग्रता की कमी से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के लिए किया जाता है। कई लोगों इसे एक समझने की गलती कर देते है। जबकि, दोनों के विपरीत अर्थ हैं। डिमेंशिया एक ऐसा शब्द है जिसका इस्‍तेमाल असंख्य लक्षणों का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो किसी व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को स्वतंत्र रूप से करने की क्षमता को प्रभावित करता हैं। कई मानसिक स्थितियों को डिमेंशिया के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, और अल्जाइमर उनमें से एक है।

डिमेंशिया को समझे

डिमेंशिया को समझे

डिमेंशिया कोई विशिष्ट बीमारी नहीं है क्योंकि इसे गलत माना जाता है। इसके लक्षण व्यक्ति की संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है जैसे याददाश्‍त खोना, सोच और ध्यान, समस्या को सुलझाने की क्षमता, भाषा का उपयोग और दृश्य धारणा।

कुल मामलों में से लगभग 70 प्रतिशत मामलों में अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम रूप है, लेकिन उनके कारण और लक्षणों के आधार पर डिमेंशिया को इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है:

लेवी बॉडी डिमेंशिया

फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया

संवहनी डिमेंशिया

पार्किंसंस रोग डिमेंशिया

डिमेंशिया के कारण और लक्षण

डिमेंशिया के कारण और लक्षण

यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में डिमेंशिया का कारण क्या है। अध्ययनों से पता चलता है कि कई चीजें योगदान दे सकती हैं। यह ज्यादातर अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। 85 वर्ष से अधिक आयु वालों को एक या अधिक प्रकार के डिमेंशिया होने का खतरा रहता है। इसका मतलब यह नहीं है कि डिमेंशिया और बुढ़ापा संबंधित हैं। छोटे वयस्कों में भी डिमेंशिया हो सकता है, लेकिन मामले तुलनात्मक रूप से कम हैं।

मस्तिष्क के प्रभावित क्षेत्र के आधार पर डिमेंशिया के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। डिमेंशिया के सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:

मस्तिष्क के प्रभावित क्षेत्र के आधार पर डिमेंशिया के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। डिमेंशिया के सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:

- चिंता और संकट

- निराशा होना

- व्यक्तित्व में बदलाव

- किसी वस्तु का चित्र देखकर यह न समझ पाना कि यह क्या है

- नंबर जोड़ने और घटाने में दिक्कत, गिनती करने में दिक्कत

अल्‍जाइमर को समझे

अल्‍जाइमर को समझे

अल्जाइमर रोग वास्तव में डिमेंशिया का एक रूप है, लेकिन डिमेंशिया वाले सभी लोगों को अल्जाइमर नहीं होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि इस प्रकार का डिमेंशिया मस्तिष्क में असामान्य प्रोटीन के निर्माण के कारण होता है। प्रोटीन अणु मस्तिष्क में प्लाक और टेंगल बनाते हैं, जिससे उनकी संवाद करने की क्षमता प्रभावित होती है। धीरे-धीरे वे कोशिकाओं को तब तक नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं जब तक कि वे ठीक से काम नहीं कर पाते।

अल्‍जाइमर के लक्षण

अल्‍जाइमर के लक्षण

मस्तिष्क के क्षतिग्रस्त होने के काफी समय बाद रोग के लक्षण प्रकट होते हैं। इसका निदान केवल बाद में किया जाता है जब लक्षण अधिक प्रमुख हो जाते हैं। फिर भी एक व्यक्ति के जीवित रहते हुए पूरी सटीकता के साथ अल्जाइमर का निदान करना संभव नहीं है।

इस स्थिति के शुरुआती लक्षणों और लक्षणों में शामिल हैं:

इस स्थिति के शुरुआती लक्षणों और लक्षणों में शामिल हैं:

भटकाव

मनोदशा और व्यवहार में परिवर्तन

समय, स्थान और घटनाओं के बारे में भ्रम

शब्दों के प्रयोग और समझने में कठिनाई

निगलने और चलने में कठिनाई

इलाज

वर्तमान में, डिमेंशिया का कोई इलाज नहीं है और न ही इस स्थिति के लक्षणों को बदला जा सकता है। केवल अगर स्थिति कुछ विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों के कारण होती है तो प्राथमिक स्थिति का इलाज होने पर चीजें वापस सामान्य हो सकती हैं। उपचार केवल स्थिति के साथ जीने में मदद कर सकता है। अल्जाइमर रोग के उपचार में लक्षणों से राहत प्रदान करना भी शामिल है। स्थिति की गंभीरता के आधार पर, डॉक्टर एक या दो उपचार विकल्प चुन सकते हैं।

दवाएं

खूब धूप खाएं

संज्ञानात्मक प्रशिक्षण

जीवन शैली में परिवर्तन

English summary

What's the Difference Between Dementia vs Alzheimer's health conditions in Hindi

Dementia and Alzheimer's are two terms often used interchangeably for mental health conditions linked with memory loss and lack of concentration. Read on to know the Dementia and Alzheimer's causes, symptoms, risks and treatment in hindi.