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WHO के मोबाइल ऐप से जांचें अपने कानों के सुनने की क्षमता, जानें तरीका
आजकल ईयरफोन लाउड म्यूजिक सुनना, कान में मैल की परत जमने, इंफेक्शन, ड्रग्स का सेवन या अनुवांशिक कारणों से सुनने की क्षमता पर असर पड़ने लगता है। अगर आप समय-समय पर कानों की जांच करें तो आप समय से पहले बहरेपन का शिकार नहीं होंगे। लोग तेज आवाज में गाने सुनते हैं या ज्यादा शोर वाली जगह काम करने की वजह से कान पर दबाव पड़ता है जिस वजह से सुनने की क्षमता कम होने लगती है। कई लोगों को समय रहते है मालूम नहीं चल पाता है कि उनकी सुनने की क्षमता कम हो रही है। सुनने की क्षमता कम होने की समस्या को गंभीर मानते हुए 2018 में डब्ल्यूएचओ ने hearWHO नाम की एप लांच की थी। इस एप की मदद से आप अपने सुनने की क्षमता का परीक्षण कर सकते हैं।

एप से कैसे करें कानों की जांच?
डब्ल्यूएचओ की एप hearWHO को इस्तेमाल करने का तरीका बेहद आसान है।आप गूगल प्ले स्टोर से पहले ये एप अपने फोन पर डाउनलोड कर लें। फोन पर हेडफोन या ईयरफोन कनेक्ट कर लें, इसके बिना एप काम नहीं करती।
आपको एकदम शांत जगह पर बैठकर इसे इस्तेमाल करना है। एप डाउनलोड होने के बाद एप में अपनी पर्सनल डिटेल भर दीजीए। इसके बाद आपके सामने 23 टेस्ट की सीरीज खुलकर आएगी। हर सीरीज में आपको एक डिजीट सुनाई देगी। इस डिजीट को सुनकर आपको स्क्रीन पर दिए डाइल पैड पर दर्ज करना है। दर्ज करते ही अगली सीरीज आ जाएगी। इसी तरह आपको 23 सीरीज पूरी करनी है। अंत में आपको टेस्ट के आधार पर स्कोर बता दिया जाएगा। इस स्कोर के आधार पर आप ये पता लगा सकते हैं कि आपके कानों के सुनने की क्षमता कितने प्रतिशत अच्छी या खराब है। स्कोर के मुताबिक आप डॉक्टर के पास जाकर मेडिकल टेस्ट करवा सकते हैं।

साउंड डेसिबल से नापा जाता कानों की सुनने की क्षमता
साउंड को डेसिबल में नापा जाता है। अगर आपके कान में कोई कुछ कहता है तो वो आवाज 30 डेसिबल की होती है। हम 60 डेसिबल में नॉर्मल बात करते हैं और तेज बोलते या चिल्लाते समय हमारी आवाज 80 डेसिबल पहुंच जाती है। व्यसकों में अगर सुनने की क्षमता 25 डेसिबल तक है तो आपके कान नॉर्मल हैं। अगर आपके सुनने की क्षमता 41 से 55 के बीच है तो इसका मतलब आपके कानों के सुनने की क्षमता कम है। अगर सुनने की क्षमता 56 से 70 के बीच है तो इसे मॉडरेट से गंभीर के बीच रखा जाता है और उससे ज्यादा होने पर आपको सुनाई देना लगभग बंद हो जाता है। माइल्ड, मोडरेट या गंभीर स्तर के आधार पर आपके कानों का इलाज किया जाएगा।

ऐसे करें कान की सफाई
कान में गुनगुना सरसों का तेल डालें। अगर सरसों का तेल नहीं डालना है तो आप बादाम का एक या दो बूंद तेल भी डाल सकते हैं।
- अगर आप ये इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं तो बेबी ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- ऑलिव ऑयल की कुछ बूंदों को कान में डालें। रात को सोने से पहले ये काम करें। तीन से चार दिन तक रोज ऐसा करें। फिर ईयर बड की सहायता से कान साफ कर लें।
- कुछ लोग तुलसी के पत्ती का रस निकालकर भी कान में डालते हैं। अगर ऐसा कर रहे हैं तो याद रहे कि कान में 5 से 6 बूंद से अधिक ना जाए। नारियल तेल में तुलसी की पत्तियों को उबालकर ठंडा कर लें। इसे भी कान में डाल सकते हैं।



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