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World First Aid Day 2022: जानें इस साल की थीम, इतिहास और महत्व
World First Aid Day 2022: वर्ल्ड फर्स्ट एड डे हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार के दिन मनाया जाता है। अक्सर स्कूलों, कार्यालयों में फर्स्ट एड यानि प्राथमिक उपचार के बारे में पढ़ाया और सीखाया जाता है, लेकिन समय के साथ लोग इन जरूर बातों को भूल जाते हैं। लेकिन इसकी जानकारी सभी को होना बहुत जरुरी है। प्राथमिक उपचार की जरुरत कब, किसी, कहां पड़ जाए। प्राथमिक उपचार के जरिए कहीं भी दुर्घटना आदि की स्थिति में किसी घायल की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में प्राथमिक उपचार की जानकारी होना हम सभी के लिए बेहद जरूरी है। जिसे ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड फर्स्ट एड डे को मनाया जाता है। यह दिन एक वार्षिक अभियान है। जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के महत्व को बढ़ावा देना और मुश्किल के समय में अधिक लोगों की जान बचाने के लिए है। हर साल इस दिन के लिए एक थीम तैयार की जाती है।

इस दिन मनाया जाएगा वर्ल्ड फर्स्ट एड डे
वर्ल्ड फर्स्ट एड डे एक ऐसा दिन है जिसका उद्देश्य हम सभी के जीवन में प्राथमिक उपचार के महत्व को बताने, और लोगों को इस बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही आवश्यक स्थिति में प्राथमिक उपचार कैसे करना है, इसे लेकर भी जागरूकता बढ़ाना है। इस साल 10 सितंबर 2022 को वर्ल्ड फर्स्ट एड डे है।

थीम
इस साल वर्ल्ड फर्स्ट एड डे की थीम आजीवन प्राथमिक उपचार रखा गया है। जिसके जरिए लोगों को आजीवन प्राथमिक उपचार के महत्व को लेकर जानकारी दी जा सकें।

इतिहास
पहली बार वर्ल्ड फर्स्ट एड डे साल 2000 में मनाया गया था। तब से लेकर आद तक हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार को यह दिन मनाया जाता है। इसे इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज ( IFRC ) द्वारा स्थापित किया गया था। 24 जून, 1859 को सोलफेरिनो की लड़ाई के दौरान जिनेवा के एक युवा व्यापारी हेनरी ड्यूनेंट ने दुख और पीड़ा का अनुभव किया। जिसके बाद उन्होंने आवश्यक उपकरण और आपूर्ति प्राप्त की और अस्थायी अस्पतालों के निर्माण में सहायता की। 1863 में, उनकी पुस्तक "ए मेमोरी ऑफ सोलफेरिनो" ने रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति ( IFRC ) के गठन को प्रेरित किया। इस दिन, दुनिया भर में 100 से अधिक रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसायटी लोगों को प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन करती हैं।

महत्व
जब भी कोई घायल होता है, तो पहली प्रतिक्रिया आवश्यक सहायता देने की होती है। विभिन्न प्रकार की चोटों और स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए अलग प्राथमिक उपचार प्रक्रियाओं की जरुरत होती है। प्राथमिक उपचार से न केवल किसी की जान बचाई जा सकती है। बल्कि इससे व्यक्ति कम समय में जल्दी ठीक हो पाता है। साथ ही किसी व्यक्ति को कोई बड़ा शारीरिक नुक्सान होने से भी बचाया जा सकता है। प्राथमिक उपचार करना सीखने से आपातकालीन स्थिति में समय रहते सही इलाज देकर किसी की जान बचाने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और आपातकालीन स्थिति में प्रभावपूर्ण इलाज कर पाएंगे। हर बार एक्सीडेंट होने पर या चोट लगने पर अस्पताल जाने की जरुरत नहीं होती, घर में रहकर प्राथमिक उपचार के जरिए भी छोटी मोटी चोट को ठीक किया जा सकता है। ऐसा करने से समय रहते आपको इलाज भी मिल जाता है।
प्राथमिक चिकित्सा का उद्देश्य
जान बचाना
प्राथमिक इलाज का मुख्य उद्देश्य होता है घायल या पीड़ित व्यक्ति की जान बचाना। किसी की जान बचने के लिए आप हमेशा डॉक्टर पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। घटनास्थल पर कोई डॉक्टर मौजूद हो ऐसा हर वक्त संभव नहीं हो सकता है। इसीलिए सही तरीके से प्राथमिक उपचार देने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
स्थिति बिगड़ने से बचाना
घायल व्यक्ति की स्थिति और घावों को बिगड़ने व बढ़ने से रोकना प्राथमिक उपचार का दूसरा उद्देशय होता है। किसी को प्राथमिक चिकित्सा देने का मतलब है कि उस व्यक्ति की जान पर मंडरा रहे खतरे से बचा रहे हैं।



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