Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal, 6 May 2026: राशियों की लगेगी लॉटरी, वृश्चिक को मिलेगा अटका धन और कुंभ का चमकेगा भाग्य -
Hantavirus Outbreak: बीच समंदर क्रूज पर फैला हंतावायरस, 3 की मौत; जानें कैसे फैलता है यह वायरस? -
Met Gala 2026: सोने की साड़ी और हीरे जड़ा ब्लाउज पहन रेड कार्पेट पर उतरीं ईशा अंबानी, बनाने में लगे 1200 घंटे -
Bada Mangal 2026 Upay: ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल पर करें ये आसान उपाय, हनुमान जी दूर करेंगे सभी संकट -
39 की उम्र में शादी करने जा रही हैं हुमा कुरैशी? जानें कौन है उनका होने वाला दूल्हा -
Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी आज, जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
Bada Mangal Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से प्रियजनों को दें बड़े मंगल की शुभकामनाएं -
Bada Mangal 2026 Wishes: संकट मोचन नाम तुम्हारा...पहले बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 5 May 2026: साल का पहला 'बड़ा मंगल' आज, बजरंगबली की कृपा से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत -
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश
क्या है दिमाग खाने वाला अमीबा? कर्नाटक सरकार ने जिससे सावधान रहने की दी सलाह, जानें लक्षण
Symptoms Of Brain Eating Amoeba: कर्नाटक में हाल ही में "दिमाग खाने वाले अमीबा" यानी नेग्लेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है। दरअसल, हाल ही में सबरीमाला जाने वाले राज्य के तीर्थ यात्रियों को सरकार ने इस अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटि से सुरक्षित रहने की सलाह दी है। ये इतना घातक है कि अगर किसी के दिमाग में घुस जाए तो उसकी कुछ ही घंटों में मौत हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि व्यक्ति को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि क्या है दिमाग खाने वाला अमीबा, इसके लक्षण क्या हैं और बचाव कैसे किया जा सकता है। साथ ही मौत का जोखिम कितना है?
बता दें कि यह एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत खतरनाक संक्रमण फैलाने वाला सूक्ष्म जीव है, जो नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करके सीधे मस्तिष्क तक पहुंचता है और इंसान के ब्रेन टिश्यू को नष्ट करने लगता है। आमतौर पर यह अमीबा झीलों, तालाबों, गर्म झरनों, वाटर पार्कों और दूषित पानी वाले स्विमिंग पूलों में पाया जाता है, और इसी वजह से पानी में तैरने या नाक में पानी जाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अमीबा से संक्रमित होने पर स्थिति तेजी से गंभीर होती है और शुरुआती दिनों में पहचान न होने पर मृत्यु का जोखिम बेहद ज्यादा रहता है।

क्या है दिमाग खाने वाला अमीबा
दिमाग खाने वाला अमीबा जिसे वैज्ञानिक भाषा में नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) कहा जाता है, एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक अमीबा है जो आमतौर पर गर्म और गंदे पानी वाले स्विमिंग पूलों, गर्म झरनों और वाटर पार्कों में पाया जाता है। ऐसे में इन जगहों पर नहाने वाले लोगों की नाक के जरिए ये अमीबा शरीर में प्रवेश करता है और सीधा दिमाग तक पहुंचकर गंभीर संक्रमण पैदा करता है, जिसे प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) कहा जाता है।
दिमाग खाने वाले अमीबा के प्रमुख लक्षण (Symptoms)
संक्रमण के 1-9 दिन के भीतर लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं जो नीचे दिए गए हैं। अगर ये दिखें तो आप सावधान हो जाएं।
तेज सिरदर्द
तेज बुखार
उल्टी या मतली
गर्दन में अकड़न
रोशनी से परेशानी
व्यवहार में बदलाव / भ्रम
दौरे (Seizures)
बेहोशी या कोमा
शुरुआती लक्षण मेनिंजाइटिस जैसे दिखते हैं, इसलिए पहचान देर से होने पर खतरा बढ़ जाता है।
कौन अधिक खतरे में हैं?
नीचे बताए गए लोगों में जोखिम ज्यादा माना जाता है, अगर आप ऐसी गलती करते हैं तो आज ही सावधान हो जाएं।
तालाब / झील / नदी / बांध में तैरने वाले
वाटर पार्क / स्लाइड / एडवेंचर स्विमिंग करने वाले
बिना क्लोरीन साफ किए स्विमिंग पूल इस्तेमाल करने वाले
गर्म पानी के झरनों में नहाने वाले
नाक साफ करने में दूषित पानी का उपयोग करने वाले
दिमाग खाने वाले अमीबा से बचाव (Prevention)
तैरते समय नाक में पानी जाने से बचें
तालाब/नदी/झील के गर्म पानी में तैराकी न करें
घर पर नाक की सफाई (नेति) के लिए सिर्फ उबला / RO / डिस्टिल्ड पानी ही उपयोग करें
स्विमिंग पूल में उचित क्लोरीनेशन और सफाई हो यह सुनिश्चित करें
वाटर पार्क में सावधानी बरतें, स्लाइड्स पर जाते समय नाक बंद रखें
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
तेज सिरदर्द
बुखार
उल्टी
गर्दन अकड़ना
व्यवहार में बदलाव
यदि पानी में तैरने के 1-7 दिन बाद निम्न लक्षण हों तो आप तुरंत इमरजेंसी में जाएं और डॉक्टर को बताएं कि पानी के संपर्क में आने के बाद लक्षण शुरू हुए हैं। बता दें कि इलाज कठिन है लेकिन देर न होने पर कुछ दवाएं असर दिखा सकती हैं, वहीं इलाज देर से शुरू होने पर मृत्यु की संभावना बहुत अधिक रहती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications