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Ozempic Teeth क्या है? डेंटिस्ट ने बताया वायरल वेट लॉस दवा का चौंकाने वाला साइड इफेक्ट
Ozempic Teeth: आजकल डायबिटीज और वजन घटाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा ओजेम्पिक (Ozempic) काफी चर्चा में है। आपको बता दें कि यह दवा पहले टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब कई लोग इसे वजन कम करने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। डेनमार्क की दवा निर्माता कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने अपनी वेबसाइट पर ओजेम्पिक को लेने के कुछ संभावित साइड इफेक्ट भी बताए हैं। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर इसके एक नए साइड इफेक्ट की बात सामने आई है, जिसे लोग 'ओजेम्पिक टीथ (Ozempic Teeth)' कह रहे हैं। दरअसल, 40 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले दंत चिकित्सक डॉ गेरी कुराटोला ने हाल ही में प्रसारित पॉडकास्ट 'द स्किनी कॉन्फिडेंशियल' के एक एपिसोड में विस्तार से बताया कि ओजेम्पिक आपके मौखिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकती है। तो आइए, विस्तार से जानते हैं कि ओजेम्पिक टीथ क्या होता है और इससे बचाव कैसे करें?

ओजेम्पिक टीथ क्या होता है?
द स्किनी कॉन्फिडेंशियल पॉडकास्ट में बात करते हुए डॉ गेरी कहते हैं, "ओजेम्पिक जैसी GLP-1 दवाएँं पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं और पित्त यानी बाइल के प्रवाह को कम कर देती हैं। विटामिन ए, विटामिन डी और विटामिन के लिए पित्त आवश्यक है। इससे कई लोगों को मतली, उल्टी और खासकर मुंह सूखने (ड्राई माउथ) की समस्या हो सकती है। जब मुंह में लार कम बनती है तो दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा भी कम हो जाती है। लार दांतों को बैक्टीरिया से बचाने का काम करती है, इसलिए इसकी कमी से कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मामलों में दांतों की ऊपरी परत यानी एनामल भी कमजोर पड़ सकती है।
विटामिन की कमी और दांतों पर असर
डॉ गेरी का कहना है कि ओजेम्पिक शरीर में कुछ जरूरी विटामिन्स के अवशोषण को भी प्रभावित कर सकती है, खासकर विटामिन-डी और विटामिन-के, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी हैं। यदि शरीर में इन विटामिन्स की कमी हो जाए तो दांत कमजोर और भुरभुरे हो सकते हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों में दांतों में सड़न, मसूड़ों का सिकुड़ना और इस तरह की अन्य समस्याएं देखने को मिल रही है, जिसमें दांतों की हालत पहले से ज्यादा खराब हो जाती है।
ओजेम्पिक लेते समय अपने दांतों की सुरक्षा कैसे करें?
ओजेम्पिक टीथ जैसी समस्या से बचने के लिए डॉ कुराटोला ने कुछ उपाय बताए हैं जिनका पालन हर कोई कर सकता है:
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मुंह सूखने की समस्या से निपटने में मदद मिलती है, जो दांतों की ऊपरी परत के कमजोर होने के मुख्य कारणों में से एक है।
प्रोटीन का सेवन करें
पर्याप्त प्रोटीन दांतों और मसूड़ों सहित समग्र स्वास्थ्य के लिए सहायक होता है।
विटामिन डी के स्तर पर ध्यान दें
पर्याप्त विटामिन-डी और विटामिन-के सुनिश्चित करने से दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलती है, जिन पर जीएलपी दवाओं का असर पड़ सकता है।
दांतों की साफ-सफाई का ध्यान रखें
नियमित रूप से ब्रश करें, फ्लॉस करें और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराते रहें। सही देखभाल के साथ आप दवा के फायदे लेते हुए अपने दांतों को सुरक्षित रख सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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