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क्या होती है पार्किंसंस की बीमारी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
Parkinson Disease: आज भी कई लोगों को पार्किंसंस डिजीज के बारे में बेहद कम जानकारी है। आमतौर पर, यह बीमारी 55 से 70 वर्ष की आयु के बाद देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण है ब्रेन में मौजूद नर्व सेल्स का डैमेज होना। पार्किंसंस डिजीज होने पर मरीज को अकड़न, मूवमेंट धीमा होना और बैलेंस बनाने में परेशानी हो सकती है। आपको बता दें कि यह बीमारी बहुत धीमी गति से विकसित होती है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। आज इस लेख में दिल्ली स्थित पीएसआरआई हॉस्पिटल के अध्यक्ष (न्यूरोसाइंस) डॉ नितिन सेठी से जानते हैं पार्किंसंस डिजीज के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से -

पार्किंसन डिजीज क्या है? - What Is Parkinson's Disease In Hindi
पार्किंसन डिजीज एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, यानी इसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। इस बीमारी में मुख्य रूप से मस्तिष्क के बेसल गैंग्लिया नामक हिस्से में मौजूद एक केमिकल डोपामाइन की कमी हो जाती है। डोपामाइन हमारे शरीर में मूवमेंट और मोटर कंट्रोल को रेगुलेट करने में मदद करता है। जब इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो व्यक्ति के शरीर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं।
पार्किंसन डिजीज के लक्षण क्या हैं? - Symptoms Of Parkinson's Disease In Hindi
हाथ-पैर कांपना
पलकों के झपकने की गति बहुत धीमी होना
चलते समय छोटी-छोटे स्टेप्स लेकर और झुककर चलना
बार-बार कंफ्यूज होना
सुनने की शक्ति कम होना
बहुत ज्यादा पसीना आना
डिप्रेशन और भूलने की समस्या
चलने समय कदम लड़खड़ाना
आवाज का धीमा हो जाना
पार्किंसंस के कारण - Causes Of Parkinson's Disease In Hindi
पार्किंसंस रोग का कोई एक निश्चित कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शोधों से यह पता चलता है कि इसके पीछे आनुवंशिक (जेनेटिक) और पर्यावरणीय दोनों तरह के कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ विषैले तत्वों के संपर्क में आना, सिर पर गंभीर चोट लगना और परिवार में इस बीमारी का इतिहास होना, इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, उम्र बढ़ने के साथ भी इस रोग की संभावना अधिक हो जाती है। इस बीमारी के साथ कई तरह की जटिलताएं भी जुड़ी होती हैं, जैसे- निमोनिया का खतरा बढ़ जाना या बार-बार गिरने के कारण गंभीर चोट लगना। कई मामलों में ये जटिलताएं व्यक्ति के जीवन के लिए भी खतरा बन सकती हैं।
पार्किंसंस से कैसे बच सकते हैं? - Prevention Of Parkinson's Disease In Hindi
पार्किंसन डिजीज से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके खतरे को कम किया जा सकता है। यहां कुछ सरल लेकिन असरदार उपाय दिए गए हैं:
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल, नट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शामिल हों।
नियमित व्यायाम करें: रोजाना थोड़ी देर की फिजिकल एक्टिविटी, जैसे तेज चलना, योग या साइकलिंग, मस्तिष्क की सेहत को बनाए रखने में मदद करती है।
नशीले पदार्थों से दूर रहें: किसी भी प्रकार की इलिसिट ड्रग्स या नशीली दवाओं के सेवन से पूरी तरह बचें, क्योंकि ये मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
ऑर्गेनिक और स्वच्छ भोजन करें: पेस्टिसाइड से बचने के लिए जैविक (ऑर्गेनिक) या अच्छी तरह से धुला हुआ खाना ही खाएं।
मानसिक तनाव को कम करें: ध्यान, मेडिटेशन, या काउंसलिंग जैसी तकनीकों का सहारा लें जिससे तनाव कम हो और मस्तिष्क स्वस्थ बना रहे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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