Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
क्या है रामबूटन फल, जिसकी अचानक हो रही है चर्चा, जानिए इस फल को खाने के फायदे
केरल में निपाह वायरस बढ़ने से केस मिलने के बाद फिर से केरल में हालात लॉकडाउन जैसे हो गए हैं। इसी बीच रामबूटन फल जो दिखने में बिल्कुल लीची जैसा दिखाई देता है, फिर से चर्चा में हें। रामबूटन फल यानी नेफेलियम लैपेसियम दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाना वाला सैपिन्डेसी फैमिली का फल है।
रामबूटन अपनी अलग बनावट, मीठेपन और रसीले गूदे की वजह से जाना जाता है। हमारे देश में भी रामबूटन की कई किस्में होती हैं। जिनका स्वाद, रंग और रूप अलग-असग होता है। इसे रामबूटन, पुलासन, हुजराना और रामबुस्तान, रामबुतान जैसे नामों से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं निपाह वायरस के आउटब्रेक के बीच इस फल की चर्चा क्यों हो रही है...

निपाह आउटब्रेक के बीच इसकी चर्चा क्यों?
2021 में ऐसी खबर सामने आई भी की रामबूटन का फल खाने से केरल में एक 12 साल के छोटे बच्चे की मौत हो गई थी। उस बच्चे का नाम मुहम्मद हाशिम था। सितंबर 2021 की सुबह, हाशिम का गांव इस खबर से जागा कि हाशिम की निपाह संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई, यह राज्य में मई 2018 में उसी जिले से वायरस के प्रकोप की रिपोर्ट और नियंत्रण के बाद केरल में पहला ऐसा मामला था, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी।
जिसके बाद केरल में फिर निपाह का विस्फोट हुआ है और अब फिर से ये फल चर्चा में है और लेग इसे खाने से डर रहें है।
लीची और रामबूटन में अंतर
लीची, रामबूटन से थोड़ी छोटी होती है। इसकी भी त्वचा लाल रंग की होती है, लेकिन रामबूटन की तुलना में खुरदरी होती है। लीची का गुदा भी सफेद होता है, लेकिन इसका स्वाद रामबूटन से अलग होता है। इसके गुदे के अंदर भी बड़ा बीज होता है। लीची की त्वचा ज्यादा मोटी नहीं होती है यानी आप इसे आसानी से छिल सकते हैं।
ये पोषक तत्व होते हैं
100 ग्राम रामबुतान में लगभग 84 कैलोरी और 0.1 ग्राम फैट होता है। इसमें 0.9 ग्राम प्रोटीन और लगभग 28 प्रतिशत आयरन होता है। इस फल के 100 ग्राम में विटामिन-सी का 40 प्रतिशत हिस्सा होता है।
रामबूटन फल के क्या फायदे हैं
एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा
रामबूटन फल में विटामिन सी, कैरोटीनॉयड और फेनोलिक यौगिक जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जो शरीर की कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने का काम करते हैं। इसके सेवन से पुरानी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा कर सकते हैं।
विटामिन्स से भरपूर
रामबूटन फल में कई विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें विटामिन सी, विटामिन ए, पोटेशियम और आयरन जैसे की पोषकत तत्व और खनिज हैं। इसके सेवन से शरीर कई रोगों से दूर रहता है।
फाइबर का जबरदस्त स्रोत
रामबूटन फल में फाइबर की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। यह पेट से जुड़ी कई समस्याओं में रामबाण माना जाता है। हेल्दी गट माइक्रोबायोम को बढ़ावा देने से लेकर पाचन को मजबूत बनाने में इस फल को बेहतर माना गया है।
हाइड्रेशन
रामबूटन फल में पानी की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है, जिसके सेवन से शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद मिलती है। इस फल को खाने से आप फ्रेश फील करते हैं और ओवरऑल हेल्थ बेहतर बनी रहती है।
दिल की सेहत के लिए फायदेमंद
रामबूटन में पोटेशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने का काम करता है। इससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है। इसके अलावा इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन की छुट्टी कर दिल की सेहत को दुरुस्त रख सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
