Nautapa 2025 : नौतपा में अबकी बार पड़ेगी प्रचंड गर्मी, जानिए क्या खाएं और क्या न खाएं?

Nautapa 2025 : हर साल ज्येष्ठ महीने की तपती शुरुआत के साथ नौतपा का आगमन होता है, जो अत्यधिक गर्मी के लिए जाना जाता है। इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा और यह दौर 8 जून तक चलेगा, जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इन नौ दिनों के दौरान सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिससे तेज गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान भीषण गर्मी का कारण बनते हैं। हालांकि यह अवधि 15 दिनों तक मानी जाती है, लेकिन पहले 9 दिन सबसे ज्यादा गर्म और असरदार माने जाते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इस दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे लू, अधिक पसीना, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। आइए जानते हैं इस दौरान खुद को सुरक्षित रखते हुए क्‍या खाए और क्‍या नहीं?

Nautapa 2025
नौतपा में क्या खाएं?

इस गर्मी से राहत पाने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है:

पानी युक्त फल-सब्जियां: तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी, लीची, आंवला, दही, छाछ और लस्सी जैसी चीजें शरीर को ठंडक देती हैं और हाइड्रेटेड रखती हैं।

हल्का भोजन: दाल, चावल, ज्वार, बाजरा और रागी जैसे हल्के अनाज पचने में आसान होते हैं और जरूरी ऊर्जा देते हैं।

नारियल पानी: यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता।

घी और देसी मक्खन: सीमित मात्रा में सेवन से पाचन सुधरता है और शरीर को ठंडक मिलती है।

किन चीजों से करें परहेज?

मसालेदार और तले खाद्य पदार्थ: इससे पेट में जलन और अपच हो सकता है।

मांसाहारी भोजन: मांस और मछली गर्मी बढ़ाते हैं और पचने में समय लेते हैं।

शराब और कैफीन: ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ाते हैं।

अत्यधिक ठंडी चीजें: जैसे बर्फ वाला पानी और आइसक्रीम पाचन को धीमा कर सकते हैं।

गर्मी से बचाव के उपाय

रोजाना 3-4 लीटर पानी जरूर पीएं।

सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।

ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

सिर पर टोपी या स्कार्फ और पैरों में चप्पल जरूर पहनें।

पर्याप्त नींद लें और हल्का योग या व्यायाम करें।

धार्मिक उपाय

सूर्य को जल अर्पित करना, ठंडी चीजों का दान करना, शिवलिंग पर जल चढ़ाना और भगवान कृष्ण की पूजा करना शुभ माना जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, May 13, 2025, 13:46 [IST]
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