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गलत दिशा में करवट लेकर सोना आपकी सेहत के लिए खतरनाक! ये है सोने का सही तरीका
हर इंसान के सोने का तरीका अलग-अलग होता है। कई लोग करवट लेकर सोते हैं, तो कुछ लोगों को पेट के बल और कुछ लोगों को पीठ के बल सोने की आदत होती है। लेकिन क्या आप जानते है, हम कैसे सोते हैं, इसका हमारी सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
जी हां, पर्याप्त नींद लेने के साथ-साथ सही पोजीशन में सोना बेहद आवश्यक होता है। हमारे शरीर का हेल्थ कहीं न कहीं हमारी अच्छी नींद पर निर्भर करता है. जब हम सोते हैं तो वह एक ऐसा वक्त होता है जब हमारी बॉडी रिलेक्स और रिपेयर होती है। जिससे हम पूरे दिन फ्रेश और एनर्जेटिक फिल करते हैं।

एक्सपर्ट का मानना है कि बाईं ओर करवट लेकर सोने से आपको कई तरह से सेहत से जुड़े फायदे मिलते हैं। इससे डाइजेशन सिस्टम बेहतर होता है और हार्ट डिज़ीज का रिस्क कम रहता है। इसके अलावा भी और कई लाभ है जो हमें बाईं और करवट लेकर सोने से मिल सकते है। जैसे कि:
कमर दर्द से राहत
जो लोग कमर दर्द से परेशान हैं उन्हें कोई भी ट्रीटमेंट लेने से पहले अपने सोने की पॉजिशन चैक करनी चाहिए। क्यूंकि उनके दर्द की वजह गलत तरीके से सोना भी हो सकता है। एक्सपर्टस का मानना है कि बाईं ओर करवट लेकर सोने से दर्द से राहत मिल सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस स्थिति में सोने से आपकी रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट मिलता है, जिससे आपकी पीठ पर कम भार पड़ता है।
डाइजेशन पॉवर होती है स्ट्रांग
अगर आप दाईं करवट या फिर पेट या कमर के बल पर ज्यादा सोते हैं, तो आज से ही अपनी ये आदत बदल डालें। क्यूंकि सही पॉजिशन में नहीं सोने से ना सिर्फ आपकी नींद प्रभावित होगी, बल्कि आपके बॉडी ऑर्गन भी सही ढंग से काम नहीं कर पाएंगे। इसलिए बाईं ओर करवट लेकर सोने की आदत ड़ालें। इससे आंतों को काफी फायदा पहुंचता है। बाईं ओर करवट लेकर सोने से डाइजेशन प्रोसेस भी सही रहता है। दरअसल, जब हम बाईं ओर सोते है तो हमारा पेट और पैनक्रियाज ठीक से फंक्शन कर पाता है और बॉडी से गंदगी आराम से शरीर से बाहर निकल जाती है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स और हार्ट बर्न की परेशानी रहती है, उन्हें बाईं ओर करवट लेकर सोने से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
हेल्दी होगा हार्ट
जब हम बाईं करवट लेकर सोते है तो इसका एक फायदा हमारे हार्ट को भी होता है। जैसा कि, सभी जानते है हार्ट हमारी बॉडी के बाईं तरफ स्थित है। इसलिए जब भी आप बाईं तरफ पलटकर सोते हैं तो इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है और दिल से जुड़ी बीमारी होने का खतरा कम होता है। क्यूंकि उस पर किसी भी तरह का दबाव नहीं पड़ता है। इससे हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर ढंग से हो पाता है।
ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई होती है बेहतर
जब हम बाईं तरफ सोते है तो बॉडी ऑर्गंस और दिमाग तक ब्लड और ऑक्सीजन प्रोपर तरीके से बिना किसी रूकावट के फ्लो होता है। इससे बॉडी ऑर्गन हेल्दी होने के साथ-साथ ठीक ढंग से काम करते हैं। जिससे आपकी बॉडी हेल्दी रहती है।
नहीं आएंगे खर्राटें
अमूमन जब कोई इंसान बहुत ज्यादा थक जाता है तो खर्राटों की आवाज ज्यादा आती है। ये एक नेचुरल प्रोसेस है। लेकिन जो लोग हर रोज़ सोते समय खर्राटें भरते है। उनके लिए ये अलार्मिंग सिचुएशन है। जो ये बताती है कि आपको किसी तरह की कोई समस्या है। तो जिन लोगों को ज्यादा खर्राटें आते है उन्हें बायीं करवट लेकर सोने का प्रयास करना चाहिए ताकि एयरवेस खुले रहें और आपकी जीभ और तालु सिकुड़ न जाएं, जो खर्राटों का एक कारण बनता है।
प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन होंगे कम
बाईं तरफ करवट लेकर सोने से प्लेसेंटा में ब्लड फ्लो को सही रहता है, ऐसे में आमतौर पर गर्भवती महिलाओं को बायीं करवट सोने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा इस पॉजिशन में सोना प्रेगनेंसी में प्री-एक्लेमप्सिया या हाई बीपी के कारण होने वाले खतरे को भी कम करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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