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ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट के लिए क्यों जरूरी है पैलिएटिव केयर, कैसे मिलता है फायदा?

किसी भी तरह की हेल्थ प्रॉब्लम किसी भी व्यक्ति पर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से और उनके परिजनों पर भारी पड़ सकता है। जैसे, ब्रेस्ट कैंसर को कैंसर के आक्रामक रूप में देखा जाता है, जो दुनिया में काफी आम हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इलाज के दौरान और साथ ही ऐसे मामलों में जहां कैंसर जटिलताओं का कारण बनता है, महिलाओं को पैलिएटिव केयर यानि "उपशामक देखभाल के रूप में मदद की जरूरत होती है।
क्या है पैलिएटिव केयर?
पैलिएटिव केयर में पेशेंट को एक अलग अटेंशन देकर रखा जाता है। और उसे ये विश्वास दिलाया जाता है कि इस स्थिति में भी उसका साथ निभा रहे हैं। ताकि वो अच्छा महसूस कर सकें। ऐसा करने से पेशेंट के दर्द को तो आराम नहीं मिलता है, लेकिन मानसिक रूप से वो काफी स्ट्रॉन्ग हो जाता है। इससे उसकी लाइफस्टाइल की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। पेशेंट की समस्या के मुताबिक ही उसके मानसिक, शारीरिक समस्याओं का हल निकाला जाता है। पैलिएटिव केयर से परिवार और समाज के अन्य लोगों का बर्ताव पेशेंट के दर्द को दूर करने में काफी अहम भूमिका निभाने में मदद करता है।
इलाज और प्रबंधन
ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए इलाज के कई तरीके हो सकते हैं। कुछ महिलाएं सर्जरी करवाती है, तो कुछ कीमोथेरेपी के जरिए अपना कैंसर ठीक करवान की कोशिश करती हैं। लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। जैसे बहुत ज्यादा दर्द, मतली, थकान, सांस लेने में परेशानी शामिल है।
साइकोलॉजिकल जरूरतें
विशेषज्ञों के मुताबिक पैलिएटिव केयर ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के दौरान देखभाल का सिर्फ एक जरिया है। क्योंकि इस दौरान पेशेंट साइकोलॉजिकल मुद्दों और अन्य चुनौतियों से भी जूझते हैं। उन लोगों के लिए जिनका कैंसर पहले स्टेज पर हैं, पैलिएटिव केयर का उद्देश्य उन पेशेंट्स को सामान्य स्थिति में वापस लाने में मदद करना है।
भावनात्मक और आध्यात्मिक जरूरत
ब्रेस्ट कैंसर के पेशेंट इस समय इमोशनली कमजोर हो जाते हैं। ऐसे वक्त में उनकी आध्यात्मिक देखभाल काम आती है। यह बीमारी लोगों को उनकी आस्था पर भी सवाल उठा सकती है। पेपैलिएटिव केयर पेशेंट्स को उनके विचारों को समझने और उनकी स्थिति को स्वीकार करने में मदद करता है।
पैलिएटिव केयर देखभाल करने वालों की कैसे करता है मदद?
पेशंट की लगातार बदलती जरूरतों के कारण, उनकी देखभाल करने वाले लोग घबड़ा सकते हैं। ऐसे में उनके दायित्वों और घर को कामों को भी जोड़े। क्योकि ये सब पेशेंट की देखभाल करने वाले के तनाव को बढ़ा सकता है। पैलिएटिव केयर विशेषज्ञ देखभाल करने वालों को इन भावनाओं और तनाव से निपटने में मदद करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, होम हेल्थकेयर कंपनियां स्तन कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने वाले पेशेंट को अपने घरों में आराम से पैलिएटिव केयर करना संभव बना रही हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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