Latest Updates
-
World Malaria Day 2026: एक नहीं 5 तरह का होता है मलेरिया, जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Anniversary wishes For Parents: पापा-मम्मी की 50वीं सालगिरह पर भेजें ये दिल छू लेने वाले संदेश और कोट्स -
World Malaria Day 2026: मलेरिया की जांच के लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं? जानें कब टेस्ट करवाना होता है जरूरी -
Sita Navami Wishes in Sanskrit: सीता नवमी पर अपनों को भेजें ये संस्कृत श्लोक और शुभकामना संदेश -
Sita Navami 2026 Upay: दांपत्य जीवन में आ रही है खटास? सीता नवमी पर करें ये 5 अचूक उपाय बढ़ेगा प्यार -
Sita Navami 2026: सीता नवमी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
PM जॉर्जिया मेलोनी के देसी झुमके वाले लुक ने जीता भारतीयों का दिल, यहां देखें लेटेस्ट झुमका डिजाइन्स -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए खरबूजा, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
भयंकर गर्मी में शरीर को रखना है 'AC' जैसा ठंडा? डाइट में शामिल करें ये चीजें, लू को कहेंगे अलविदा -
शनि, राहु-केतु और नजर के प्रकोप से बचाएगा बैंगन का यह टोटका, जान लें करने का सही तरीका
ठहरिये! कहीं आप सैंडल खरीदने तो नहीं जा रहीं...
एक रिसर्च के अनुसार हील की प्रत्येक इंच के अनुसार शरीर का 25 प्रतिशत भार पैर के अलगे भाग पर बढ़ जाता है। यानी की सैंडल की हील 2 इंच होने पर 50 प्रतिशत और 3 इंच होने पर 75 प्रतिशत शरीर का भार पैर की उंगलियों पर पड़ता है, जब कि फ्लैट सैंडिलों से शरीर का समान भार पैर पर पड़ता है।
हमेशा हाई हील पहनने से पिंडलियों की कुछ मांसपेशियों के छोटे होने का डर तो रहता है, साथ ही साथ पांव में छाले पड़ने का भी डर रहता है। उंगलियों के ऊपर तथा नीचे त्वचा बिल्कुल सख्त हो जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिये आप ये उपाय गौर फरमा सकती हैं।
सैंडल खरीदने से पहले ध्यान दें-

1.सबसे पहले तो हाई हील के सैंडल का चुनाव हर समय के लिये ना करके किसी खास अवसरों के लिये ही करें।
2. हाई हील की सैंडल वा जूते में पंजे के नीचे मुलायम फोम और चमड़ा डलवाएं, ताकि पैर की उंगलियों पर ज्यादा जोर ना पड़े।
3. बैठते समय पैरों को नीचे की ओर लटका कर बैठने के बजाय थोड़ा ऊंचा कर के रखें, ताकि इससे पैरों में रक्त का बहाव ठीक रहे।
4. अचानक ही हाई हील सैंडल या जूते उतार कर सपाट चप्पलें ना पहनें। पहले थोड़ा कम सपाट और फिर उसके बाद फ्लैट चप्पल पहनें। नहीं तो इससे पिंडली की मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ता है।
5. बारिश में चमड़े के बने सैंडल को एवॉइड करें तथा बाहर से आने के बाद पांव की सफाई करें। नहीं तो पांवों में फंगल का फैलते देर नहीं लगेगी ।
6. सैंडल खरीदते समय कभी भी बैठकर सैंडल नहीं नापें। हमेशा खड़े होकर सैंडल नापें, क्योंकि खड़े होने पर पैर का पंजा चौड़ा हो जाता है।
7. सैंडल व जूते हमेशा दोपहर के बाद ही खरीदें, क्योंकि तब तक चलने-फिरने से पांव में भारीपन आ चुका होता है।
8. दोनों पैरों को अलग अलग नापें, जो पैर बड़ा हो, उसी के साइज का चुनाव करें।
9. हाई हील खरीदते समय पहले इस बात की जांच कर लें कि उसकी ढलान आपके लिये सही है या नहीं। इसकी जांच करने के लिये हाई हील को वहीं पर पहन कर 2-4 कदम चलकर देख लें।
10. कभी भी सैंडल ना तो अपने साइज से बड़ा लें और ना ही छोटा। दोनों की स्थिति तकलीफदेह हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications