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ये है ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने का आयुर्वेदिक हथियार
आकड़ों की मानें तो भारत में फिलाहल 22 महिलाओं में से एक महिला ब्रेस्ट कैंसर की मरीज है। डॉक्टरों के सामने हर साल ब्रेस्ट कैंसर के तकरीबन 75 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर कोई छोटी मोटी बीमारी नहीं है। अगर आपने अभी से ब्रेस्ट कैंसर पर ध्यान नहीं दिया तो आगे चल कर यह आपको भी हो सकता है।
आयुर्वेद के हिसाब से स्तन कोशिकाओं में जब विषाक्त पदार्थ इकाठ्ठा हो जाते हैं तो ब्रेस्ट कैंसर की संभावना पैदा हो जाती है। हमारे आयुर्वेद के पास ऐसे कितने ही नुस्खे हैं, जिनसे हमारे शरीर में पैदा होने वाली बीमारियों का अंत हो सकता है। हम बाजारू दवाइयों पर तो आंख बंद कर के भरोसा कर लेते हैं मगर भारत में ही जन्मी आयुर्वेद को हम नजर अंदाज कर जाते हैं। 7 टिप्स ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिये
ब्रेस्ट कैंसर उनर महिलाओं को भी होता है जिनके घरों में पहले भी माताओं और बहनों को हुआ हो। इसलिये जरुरी है कि इससे सावधान रहा जाए और घरेलू नुस्खों को का फायदा उठा कर इस बीमारी से लड़ा जाए। ब्रेस्ट इंप्लांट से होते हैं कई नुकसान

लहसुन
लहसुन में बहुत सारा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जितना कि किसी अन्य सब्जियों में कम ही मिलता है। यह एंटीऑक्सीडेंट हमें कैंसर फैलाने वाली सेल से बचाता है। लहसुन दिल के लिये भी अच्छी है और यह ब्लड प्रेशर को भी कम करती है।

लहसुन उपयोग करने के प्रभावशाली तरीके
- लहसुन को ताजा खाया जा सकता है, इसकी दो कलियां काफी होती हैं
- अगर आप लहसुन को ज्यादा पका देगीं तो इसके काफी सारे एंटीऑक्सीडेंट खराब हो सकते हैं
- भोजन पकने के बाद उसमें लहसुन डालना चाहिये, तभी आपको इसका लाभ मिलेगा
- आप चाहें तो लहसुन की कैपसूल का भी सेवन कर सकती हैं

अलसी बीज
अलसी के बीज में वे सब गुण होते हैं जो ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने के लिये काफी होते हैं। अलसी में ओमेगा 3, लिगनानस और रेशे पाए जाते हैं।

अलसी का बीज प्रयोग करने का प्रभावशाली तरीका
- प्रति दिन आपको तीन चम्मच अलसी का बीज खाना चाहिये
- आप कठोर बीज को आसानी से हजम नहीं कर सकते इसलिये पहले इसे पीस लें और फिर इसका सेवन करें।
- पीसा गया पाउडर किसी चीज के साथ खाया जा सकता है, जैसे सब्जियां, दाल, सलाद या फिर सूप आदि।

हल्दी
हल्दी प्रकृति की एक अद़भुत देन है, जिसमें कई सारे अवगुणों से लड़ने की ताकत है। यह हमें कैंसर की बीमारी पैदा होने से बचाती है। यह शरीर में जा कर उसमें इकठ्ठा हुई गंदगी को बाहर निकालती है, हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है और त्वचा को निखारती है।

हल्दी सेवन करने का प्रभावशाली तरीका
- याद से हमेशा खडी हल्दी ही खरीदें जिससे कि उसमें कोई हानिकारक कैमिकल ना मिला हो।
- जब सब्जी पक कर तैयार होने वाली हो, तभी उसमें एक चैथाई हल्दी डालें।
- हल्दी को पकाएं पर जरुरत से ज्यादा ना पकाएं।
- आप हल्दी को एक दवा के रूप में भी खा सकती हैं।



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