Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
क्या पीरियड्स के समय योगा किया जाना चाहिये
महिलाओं के लिये मासिक धर्म का होना काफी चुनौती भरा होता है। कुछ महिलाओं के लिये यह आम बात होती है लेकिन कुछ के लिये यह शरीर तोड़ देने वाला वक्त होता है। महीने के वो पांच दिन महिलाओं को सिरदर्द, पेटदर्द, थकान और अत्यधिक रक्तस्राव दे कर जाते हैं।
तो ऐसे में क्या योगा करना उचित होता है? पीरियड्स के दौरान हमारे मूड और शरीर में लगातार परिवर्तन होता रहता है, जिसकी बातें सुनना जरुरी है। आदर्श रूप में हर महिला को अपने पीरियड्स के समय अपने मूड और शरीर के साथ ही जाना चाहिये। यदि आपके मूड का लेवल कम है और आपका मन योगा करने का नहीं है तो उसे ना करना ही अच्छा है।

अगर आप किसी योगा क्लास में जाती हैं तो वहां के योग गुरू आपको यह विचार करने पर मजबूर कर सकते हैं कि आप इन दिनों केवल ध्यान या फिर सिंपल से आसान कर सकती हैं। मासिक धर्म के दर्द को रोकने के लिये अपनाएं ये प्राकृतिक उपचार
अगर आप अपने योग गुरु की बातें मान गईं और आसन करने के लिये तैयार भी हो गईं तो फिर ऐसे आसन करने से बचें जिसमें पूरे शरीर को उल्टा करना पड़ता है जैसे, सर्वांग आसन। उल्टी पोजिशन में आसन करने से मेंस्ट्रुअल के प्राकृतिक फ्लो पर बाधा आएगी।
कई महिलाएं योग आसन और मेडिटेशन करने के बाद खुद को तरोताजा महसूस करती हैं और मासिक धर्म की तकलीफ और उल्झन से जल्द ही निजात पाती हैं। इस बात को अच्छी तरह से समझे कि योग अभ्यास आपके स्वास्थ्य के लिये अच्छा है और यह आपके शरीर को कभी हानि नहीं पहुंचाएगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
