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महिलाओं में अनचाहे बाल होने का क्या कारण है?

अनचाही जगहों पर बाल उगने को मेडिकल की भाषा में हिर्सुटिज़्म (अतिरोमता) कहा जाता है। महिलाओं में यह समस्या होने पर उनके पुरुषों की तरह बाल उगने लगते हैं जैसे की चेहरे पर दाढ़ी-मूछ आना, छाती, पीठ और पेट पर बाल आना।
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सामान्य रूप से महिलाओं के इन जगहों पर बाल नहीं होते हैं या एकदम बारीक होते हैं लेकिन हिर्सुटिज़्म से ग्रसित महिलाओं के बहुत अधिक मात्रा में यहाँ पर बाल उगते हैं।
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ऐसा अधिकतर एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता के कारण होता है जो कि पुरुषों में पाया जाने वाला हार्मोन है।

एंड्रोजन की अधिकता:
जहां तक चेहरे पर बाल आने का सवाल है, महिलाओं में ऐसा एंड्रोजन नामक मेल सेक्स हार्मोन की अधिकता के कारण होता है।

रोम छिद्रों की संवेदनशीलता:
हिर्सुटिज़्म का दूसरा कारण बालों के रोम छिद्रों की एंड्रोजन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना है। पुरुषों और महिलाओं में एंड्रोजन की अधिकता बाल झड़ने का कारण भी बनती है।

पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम:
यह भी हिर्सुटिज़्म का मुख्य कारण है। महिलाओं में चेहरे और शरीर पर घने बालों का कारण अंडाशय में एंड्रोजन ज्यादा पैदा होना है।

एड्रेनल डिसऑर्डर:
एड्रेनल डिसऑर्डर के कारण एंड्रोजन का स्त्राव ज्यादा होता है जो हिर्सुटिज़्म का कारण बनता है।

आनुवांशिक कारण:
कुछ महिलाओं के शरीर में ज्यादा बाल होने का आनुवांशिक कारण भी है।

दवाइयाँ
कुछ दवाइयों से भी खून में एंड्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है, खास तौर पर एथलीट और बॉडी बिल्डर्स के द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एनाबोलिक स्ट्रोइड, प्रोजेस्टेरोन की अधिकता वाले गर्भ निरोधक, एन्डोमेट्रीओसिस वाली दवाइयाँ और हार्मोन रेपलेसमेंट थैरेपी आदि।

हार्मोन का बदलाव-
रजोनिवृत्ति और गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में हुये परिवर्तन से भी हिर्सुटिज़्म होता है। एंडोक्राइन ग्रंथि में परेशानी, पिट्यूटरी ग्रंथि का प्रभावित होना, थायरॉयड ग्रंथि और अग्न्याशय प्रभावित होने से एंड्रोजन बढ़ जाता है जिससे हिर्सुटिज़्म की संभावना बढ़ जाती है।



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