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सेक्स के बाद ऐंठन या दर्द क्यूं होता है?
संभोग के दौरान दर्द होना एक ऐसी समस्या है जिससे कई महिलाएं गुज़रती हैं। हालांकि, यह बहुत चिंता जनक समस्या नहीं है, अगर दर्द रहने पर भी इसे नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह एक बड़ी समस्या बन सकती है। कई अलग अलग स्थितियों में महिलाओं को सेक्स के दौरान दर्द होता है।
सेक्सुअल रुप से एक्टिव महिलाओं को सेक्स के दौरान लगातार दर्द होने पर अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। आज हम आपको बताते है कि किन स्थितियों में महिलाओं को दर्द होता है। जिन महिलाओं को ये समस्या काफी लम्बे समय से होती आ रही है वो जाकर एक बार डॉक्टर से मशविरा जरुर लें।

एंडोमेट्रियोसिस
अक्सर सेक्स के बाद इस वजह से दर्द या ऐंठन होती है। यह स्थिति तब बनती है जब गर्भाशय के टिश्यू गर्भाशय के बाहर या स्थान से हटकर बनने लगते हैं जहां उन्हें नहीं बनना चाहिए। कभी कभी टिश्यू अंडाशय में बढ़ने लगते हैं। एंडोमेट्रिओसिस से पीडि़त महिलाएं मासिक धर्म के दौरान भी अत्यधिक दर्द का अनुभव महसूस करती हैं।

सूजन की वजह से
जिन महिलाओं के पैल्विक में सूजन रहता है। उन्हें अक्सर सेक्स के बाद ऐंठन महसूस हो सकती है। पीआईडी का कारण क्लेमाइडिया, यौन संचारित रोग या कुछ मामलों में गोनोरिया भी हो सकता है। जब पीआईडी होता है तो फैलोपिन ट्यूब और गर्भाशय सूजन का कारण बन जाते हैं जिसके कारण सेक्स के दौरान या बाद में दर्द हो सकता है।

अल्सर
महिलाओं में गर्भाशय फाइब्रॉएड बहुत आम है। ये ये गैर-कैंसर युक्त ट्यूमर हैं जो गर्भाशय में उत्पन्न होता है। अल्सर अंडाशय पर भी बन सकता है। ये दोनो ही स्थितियां सेक्स के दौरान या सेक्स के बाद ऐंठन का कारण बनती हैं। फाइब्रॉएड मासिक धर्म के दौरान भी रक्तस्त्राव का कारण बन सकता है। अल्सर के बिगड़ने के बाद महिलाएं बेहद गंभीर ऐंठन का अनुभव करती है। अगर आपको इस वजह से ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है तो डॉक्टर से मिलिए।

ऑर्गेज्म
कुछ महिलाओं को ऑर्गेज्म आने के बाद निचले हिस्से में ऐंठन या क्रेम्पिंग होती है। 35 से 55 वर्ष की आयु के बीच महिलाओं में दर्दनाक ऑर्गेज्म एक आम बात हो जाती है। महिलाएं जो रजोनिवृति की स्थिति में होती है या उसके नजदीक होती है उन्हें ये समस्याएं होती है।

गर्भाशय में चोट
अगर सेक्स के दौरान गर्भाशय को चोट पहुंची हो तब। अगर सेक्स के दौरान पेनिस्ट्रेशन के वक्त गर्भाशय को चोट पहुंची हो तब आपकी मांसपेशियां सिकुड़ जाएंगी। जिससे की ऐंठन उत्पन्न हो सकती है। कुछ महिलाओं के लिए ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनका गर्भाशय झुका हुआ होता है। इसलिए सेक्स के दौरान उस हिस्से में दर्द होता है।

गर्भावस्था के कारण
गर्भावस्था में संभोग के दौरान या बाद में महिलाओं के लिए दर्द या ऐंठन का अनुभव असामान्य नहीं है और खासकर ऑर्गेज्म के बाद। यह सिकुडन पीरियड्स में पेट दर्द या ऐंठन की तरह महससू होती है। कभी कभी दर्द हल्का होता है और अन्य मामलों में दर्द गंभीर हो सकता है। हल्की गर्भाशय में सिकुड़न सामान्य होती है जिसके बारे में ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं है। हालांकि यदि आप गर्भवती हैं और सेक्स के बाद गंभीर ऐंठन अनुभव कर रही है तो तुरंत अपने चिकित्सक को दिखाएं।

रजोनिवृत्ति के कारण
महिलाएं जो रजोनिवृत्ति के दौर से गुजर रही होती है वे मासिक धर्म की तरह ऐंठन का अनुभव कर सकती है।

ओव्युलेशन
कुछ महिलाओं को ऐंठन का अनुभव ओव्युलेशन के दौरान भी होता है जब अंडा अंडाशय से निकल जाता है। अधिकांश महिलाओं को शरीर के एक तरफ इस दर्द का अनुभव होता है। ऐंठन कुछ घंटों के बीच और कुछ दिनों के लिए कभी भी हो सकती है।

सर्विकल स्टेनोसिस
इस स्थिति में गर्भाशय ग्रीवा संकीर्ण हो जाती है जिससे कि रक्त प्रवाह सीमित हो जाता है। जिन महिलाओं को ये स्थिति होती उन्हें अनियमित मासिक धर्म होता है। इसमें कई बार महिलाओं को ऐंठन तब भी महसूस होती है। जब महिलाओं को समय पर पीरियड नहीं होता है।

ओवेरियन कैंसर
ऐंठन बिना मासिक धर्म के होना अंडाशयी कैंसर के लक्षण हैं। अनियमित मासिक धर्म, पेट संबंधी सूजन पेट में दबाव या दर्द होना और लगातार पेशाब आना अंडाशयी कैंसर के लक्षण है।



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