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महिलायें इन 3 लक्षणों से पहचाने कि उन्हें है अपेन्डिसाइटिस की समस्या है
अपेन्डिसाइटिस (Appendicitis ) एक ऐसी बीमारी है जिसमें अपेन्डिक्स में सूजन आ जाती है। खासतौर पर महिलायें अगर सही समय पर इसका इलाज ना करवाएं तो यह आगे चलकर उनके लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है।
अपेन्डिसाइटिस (Appendicitis ) एक ऐसी बीमारी है जिसमें अपेन्डिक्स में सूजन आ जाती है। खासतौर पर महिलायें अगर सही समय पर इसका इलाज ना करवाएं तो यह आगे चलकर उनके लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है।
यह एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण दूसरी कई अन्य बीमारियों के लक्षण से इतने मिलते जुलते हैं कि अधिकांश मामलों में महिला को यह पता ही नहीं चलता कि वह अपेन्डिसाइटिस की शिकार है। गलत डायग्नोसिस के कारण यह रोग काफी बढ़ जाता है और फिर इसके इलाज में बहुत ज्यादा टाइम लगता है।
अधिकांश मामलों में इसे गलत डायग्नोसिस के कारण पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या गैस्ट्रोएन्टराइटिस या यूटीआई की समस्या समझ लिया जाता है और फिर उसी के हिसाब से इलाज चलने लगता है। सिर्फ एक तिहाई महिलायें ही ऐसी होती हैं जो शुरुवाती चरण में ही इस बीमारी का पता लगा पाती हैं।
हालांकि अब अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की मदद से अपेंडिक्स का पता लगाना काफी आसान हो गया है फिर भी हर महिला को इसके शुरुवाती लक्षणों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
इस आर्टिकल में हम आपको अपेंडिक्स के प्रमुख लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।

1- पेट दर्द:
यह अपेन्डिसाइटिस का सबसे प्रमुख लक्षण है। अगर आपको कभी कभी पेट के दाहिनी तरफ वाले हिस्से में तेज दर्द होता है तो समझ लें कि अपेन्डिसाइटिस होने की संभावना काफी ज्यादा है। यह दर्द पेट में मौजूद अपेंडिक्स के अतिरिक्त दवाब के कारण होता है और शुरुवात में यह दर्द ठीक नाभि के आस पास वाले हिस्से में होता है। धीरे धीरे जब दवाब बढ़ता जाता है तो यह दर्द नाभि से हटकर पेट में दाहिनी तरफ नीचे वाले हिस्से में होने लगता है जहां पर अपेंडिक्स मौजूद होता है। अपेन्डिसाइटिस का दर्द खांसते और चलते समय और बढ़ जाता है। अगर अपेंडिक्स का टिप पेल्विस की तरफ है तो इस हिस्से में भी आपको तेज दर्द महसूस हो सकता है।

2- भूख में कमी :
अपेन्डिसाइटिस के शुरुवाती दौर में भूख न लगना भी इसका एक लक्षण है। कई बार महिलाओं को भूख न लगने के साथ मिचली और उल्टी की समस्या भी होने लगती है। इसके अलावा आप कब्ज़ की शिकार भी हो सकती हैं। इसलिए पेट में दर्द के साथ अगर मिचली आये और भूख न लगे तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवाएं।

3- बुखार:
अपेन्डिसाइटिस की समस्या होने पर मरीज को अक्सर हल्का बुखार रहता है। आमतौर पर यह बुखार लगभग 100 डिग्री फारेनहाइट का होता है। अगर आपको बुखार के साथ साथ कंपकंपी भी हो रही है तो यह रप्चर अपेंडिक्स का लक्षण है। ऐसे में बिना देरी किये डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवाएं।

साधारण पेट दर्द और अपेंडिक्स के दर्द में कैसे अंतर करें:
इसके लिए पेट में होने वाले दर्द के व्यवहार पर नज़र रखें। अगर पेट में कुछ घंटों के अंतराल पर दर्द हो रहा है और दिन खत्म होने तक दर्द खत्म हो जाता है तो समझ लें कि ये पेट दर्द किसी और वजह से हो रहा है।
जबकि अपेन्डिसाइटिस में होने वाले पेट दर्द शुरुवात में नाभि के आस पास वाले हिस्से में होता है और फिर अगले 12-24 घंटों के बीच यह दर्द उस हिस्से में शिफ्ट हो जाता है जहां पर अपेंडिक्स मौजूद होता है। ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर उसे सामान्य दर्द समझने की भूल न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।



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