40 की उम्र के बाद महिलाएं ऐसे घटाएं मोटापा

बढ़ता वजन कई लोगों के लिए समस्या है, और यह 40 से अधिक उम्र की महिलायों के लिए ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

बढ़ता वजन कई लोगों के लिए समस्या है, और यह 40 से अधिक उम्र की महिलायों के लिए ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

बढ़ती उम्र के साथ वजन कम करना मुश्किल होता है क्योंकि उम्र के साथ मेटाबोलिज्म धीमा होने लगता है। आइये जानते है कुछ ऐसे टिप्स जो आपकी बढ़ती उम्र में वजन कम करने में मदद करेंगे।

 1. कैलोरी कम खाये

1. कैलोरी कम खाये

40 से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए 1,200 से 1,600 कैलोरी एक दिन ले लिए पर्याप्त है। इसके लिए आपको किसी डाक्टरी देखरेख की जरुरत नहीं। हफ्ते में एक पाउंड कम करने के लिए आपको भोजन से 500 कैलोरी कम करनी पड़ेगी। इसके साथ अगर आपको 2 पाउंड करने हैं तो 1000 कैलोरी कम करनी पड़ेगी।

 2. प्रोटीन

2. प्रोटीन

अपने आहार में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दें, क्योंकि जिस आहार में प्रोटीन ज्यादा होता है और कार्बोहाइड्रेट कम होता है। उससे वजन आसानी से कम हो जाता है।

 3. चयापचय को स्वस्थ रखें

3. चयापचय को स्वस्थ रखें

ऐसा आहार लें जिससे चयापचय यानी मेबोलिस्म स्वस्थ रहे। इससे शरीर में इंसुलिन कम बनेगा। इसके लिए आप व्होले ग्रेन्स, दलिया, दही, मलाई उतारा दूध, ग्रीन टी और प्रोटीन युक्त आहार लें। इसके साथ फलों में सेब और नाशपाती, और सब्जियों में ब्रोकोली, और पालक खा सकती हैं।

 4. अच्छी नींद

4. अच्छी नींद

पूरी नींद सोये, इससे आपका वजन नहीं बढेगा और चयापचय भी स्वस्थ रहेगा। 40 से अधिक उम्र की महिलायों को ज्यादा नींद की जरुरत पड़ती है जिससे वे पूरे दिन ऊर्जावान रह सकती है।

 5. व्यायाम

5. व्यायाम

40 के बाद आपका शरीर अलग तरीके से काम करता है, इसलिए नियमित रूप से व्यायाम करें। व्यायाम करने से आपका चयापचय स्वस्थ रहेगा। महिलायों को वेट ट्रैनिंग यानी वजन उठाना चहिये जिससे 40 के बाद होने वाले अस्थिर हार्मोन से कम होती मांसपेशियों को ठीक किया जा सके।

6. लीवर

6. लीवर

शरीर का महत्वपूर्ण अंग है लिवर जिसे दो काम होते हैं पहला वसा कम करना दूसरा डिटाक्सिफिकैशन। इसके लिए सबसे पहले अपने आहार में चीनी, आर्टफिशल चीनी और ट्रांस फैटी एसिड कम करें। मिडसेक्शन के आस पास अगर चर्बी बढ़ रही है तो इसका मतलब है कि आपका लिवर ठीक नहीं। इसलिए अपना लिवर स्वस्थ रखें।

 7. तनाव

7. तनाव

तनाव लेने से शरीर में हार्मोन असंतुलन हो जाते हैं जिससे चयापचय धीरे काम करना शुरू कर देता है। योग और ध्यान से तनाव को कम किया जा सकता है साथी ही हार्मोन भी संतुलित होने लगते हैं। यही नहीं इससे चिंता और अवसाद भी ठीक होने लगता है।

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