सर्दियों में हो सकती है 'विंटर वजाइना' की समस्‍या, सेक्‍स करने में होती है बड़ी तकलीफ

सर्दियों में इस तरह से रखे अपनी वजाइना का ख्याल | Vagina Problems & Tips in Winter | Boldsky

ठंड का मौसम आ चुका है और हर जगह कड़ाके की ठंड पड़ना शुरु हो चुकी है। ठंड का असर शरीर के बाकी हिस्‍सों की तरह प्राइवेट पार्ट पर भी पड़ता है। अक्‍सर ठंड आपने देखा होगा कि ठंड में होंठ फटने लग जाते है और स्किन ड्राय होने लगती है। इसी तरह ठंड में ड्राय वजाइना की समस्‍याएं महिलाओं में ज्‍यादा देखने को मिलती है, इसे विंटर वजाइना भी कहा जाता है।

इस वजह से महिलाओं को काफी समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे वजाइना में इचिंग और सेक्‍स के दौरान महिलाओं को कई समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है, आइए जानते है इस विंटर वजाइना के बारे में।

नमी खो जाने के वजह से

नमी खो जाने के वजह से

"शुष्क शरद ऋतु और सर्दियों की सर्द हवा हमारे शरीर की नमी को कम कर देती है, जिससे हमारी त्वचा डिहाइड्रेड हो जाती है और त्वचा फट जाती है, और त्‍वचा खुदरी हो जाती है। इसी तरह ज्‍यादा देर तक ठंड में रहने प्राइवेट पार्ट से भी नमी खोने लगती है, जिसे वजह से सूखेपन की समस्‍या होने लगती है।

सेक्‍स लाइफ पर पड़ता है असर

सेक्‍स लाइफ पर पड़ता है असर

सर्दियों में वजाइना ड्रायनेस की वजह से वजाइना में लुबिक्रेशन में कमी आ जाती है। जिस वजह से सेक्‍स के दौरान पर्याप्‍त मात्रा में लुब्रिकेंट नहीं होने से पेन‍िट्रेशन के दौरान दिक्‍कत होती है। और इस वजह से सेक्‍स लाइफ पर असर पड़ता है।

वैक्‍स से बचती है

वैक्‍स से बचती है

कई महिलाएं सर्दियों में अधिक स्किन ड्राय होने की वजह से शेविंग और वैक्सिंग करने से बचती है और पर्सनल हाईजीन के अभाव इस महिलाएं सेक्‍स करने से एक इस वजह से भी कतराती है।

इन बातों का रखें ध्‍यान

इन बातों का रखें ध्‍यान

वजाइना ड्रायनेस की समस्‍या से बचने के ल‍िए ज्‍यादा से ज्‍यादा हरी पत्तियों वाली सब्जियां खाएं और केमिकलयुक्‍त कठोर साबुन का इस्‍तेमाल करने से बचें। इस मौसम में humidifier से भी काफी मदद मिल सकती है।

 एस्‍ट्रोजन स्‍तर में कमी

एस्‍ट्रोजन स्‍तर में कमी

कई विशेषज्ञों का मानना है कि वजाइना ड्रायनेस की मुख्‍य एक वजह एस्‍ट्रोजन स्‍तर में कमी आना होता है। मौसम में आए बदलाव से इसका कोई लेना देना नहीं होता है।

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