पीरियड्स ब्लीडिंग और स्पॉटिंग में क्‍या है फर्क, इन कारणों से नजर आते है खून के धब्‍बे

जब आप यूरिन करने के ल‍िए बाथरुम जाती है और अचानक से आपकी नजर आपकी फेवरेट कलर की अंडरवियर पर पड़ती है, जिसमें आपको लाल या भूरे रंग के खून के धब्‍बे नजर आते है, आपको ये देखकर अचानक से धक्‍का लगता है क्‍योंकि अभी आपके पीरियड को आने में पूरे 2 हफ्ते बाकी है।

ये चीज कई महिलाओं को साथ होती है जो उनमें पीरियड को लेकर भ्रम की स्थित‍ि पैदा कर देते है। अंडरवियर में नजर आने वाले खून के धब्‍बे अगर पीरियड नहीं है तो क्‍या हैं? इन्‍हें स्‍पॉटिंग कहा जाता है जो आपको कहीं कारणों के वजह से हो सकता है लेकिन इन्‍हें पीरियड समझने की भूल न करें। चिंतित होने की ज्‍यादा बात नहीं है अगर स्‍पॉटिंग की समस्‍या काफी समय से हो रही है तो स्‍त्री रोग विशेषज्ञ से जरुर मिलें।

बर्थ कंट्रोल मेथड की वजह से

बर्थ कंट्रोल मेथड की वजह से

गर्भ न‍िरोध के किसी नए पैटर्न का इस्‍तेमाल करने के वजह से भी आपको स्पॉटिंग दिख सकती है। इसके अलावा, यदि आप अपने पीरियड्स को टालने के लिए कोई गर्भ निरोधक गोली खाती हैं, तो आपको थोड़ी स्पॉटिंग दिख सकती है। गर्भ निरोधक दवाईयों के आए कुछ अंतराल के वजह से भी आपको स्‍पॉटिंग की परेशानी हो सकती है।

लेबर के दौरान

लेबर के दौरान

गर्भधारण से जुड़ी एक और समस्‍या के वजह से आपको प्रेगनेंसी में स्‍पोटिंग यानी खून के धब्‍बे नजर आ सकते हैं। यह समस्‍या आप गर्भावस्‍था के 37 सप्ताह के आसपास महसूस कर सकती है, जब आपके शरीर से म्‍यूक्‍स प्‍लग निकलता है।

इम्प्लांटेशन -

इम्प्लांटेशन -

इम्प्लांटेशन ब्‍लीडिंग स्पॉटिंग तब होती है जब गर्भाशय में भ्रूण विकसित हो रहा होता है, इस समय ये मालूम करना थोड़ा मुश्किल होता है कि ये आपका मासिक धर्म का चक्र है या आप प्रेगनेंट हैं। खैर आप इसे प्रेगनेंसी टेस्‍ट के जरिए मालूम कर सकती है।

ब्लीडिंग की मात्रा से जानें

ब्लीडिंग की मात्रा से जानें

पीरियड ब्‍लीड है या स्‍पॉटिंग ये जानने के ल‍िए ब्‍लीडिंग की मात्रा पर ध्‍यान दें। यह एक सामान्य तरीका हैं जिसके जरिए आप स्पॉटिंग और ब्लीडिंग में फर्क मालूम कर सकते हैं। हल्की ब्लीडिंग को स्पॉटिंग माना जा सकता है। यह निर्भर करता है कि रक्त का स्राव कितने दिन के लिए और कितनी मात्रा में हो रहा है। जबकि पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग अक्सर एक सप्ताह तक होती है और लगातार होती है। स्पॉटिंग के दौरान ब्लीडिंग लगातार नहीं होती है।

ऑव्यूलेशन -

ऑव्यूलेशन -

स्‍पॉटिंग की एक मुख्‍य वजह ऑव्‍यूलेशन भी होती है, जब ऑव्‍यूलेशन के दौरान जब महिला के ऑवेरी से निषेचन के लिए अंडाणु निकलता है तो इस दौरान स्‍पॉटिंग हो सकता है। इसके अलावा स्ट्रोजन में वृद्धि के कारण भी कई बार खून के धब्‍बे यानी स्पॉटिंग दिख सकता है और ये तब होता है जब अंडा निषेचित नहीं होता है।

 डॉक्‍टर से मिले

डॉक्‍टर से मिले

अगर आप प्रेगनेंट हैं और पहले 2 महीनों में आपको स्पॉटिंग या ब्लीडिंग दिखायी पड़ती है, तो अपने गाइनकलॉजिस्ट से बात करें। टेस्ट कराएं और पता करें कि आपकी प्रेगनेंसी सुरक्षित है या नहीं।

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