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छोटी बहन की वजह से बढ़ सकता है आपका मोटापा: स्‍टडी

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छोटी बहन होने से जिंदगी और मजेदार हो जाती है। एक-दूसरे के कपड़ों से लेकर सीक्रेट्स शेयर करने जैसे और भी कई फायदे होते हैं। छोटी बहन होने पर आपको भी बॉस जैसी फीलिंग आती है। विशेष रूप से बड़े होने का मतलब है कि आप अपने छोटे भाई-बहनों से ज्‍यादा ताकतवर हैं। आपके बड़े होने पर भी घर में आपकी हुकूमत कुछ कम नहीं होती।

Older Sisters Are More Prone To Weight Gain

जैसे हर चीज के दो पहलू होते हैं, वैसे ही छोटी बहन होने के भी फायदे और नुकसान दोनों ही होते हैं। अच्‍छी बात ये है कि छोटी बहन होने पर आपके पास कोई ऐसा होता है जो हर वक्‍त आपके साथ रहे। इस मामले में सबसे बुरी बात ये है कि आपके बढ़ते वजन का कारण आपकी छोटी बहन हो सकती है।

जी हां, स्‍टडी का तो कुछ ऐसा ही कहना है। स्‍टडी की मानें तो छोटी बहन होने पर बड़ी बहन में मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। अब अगर आप पहले से ही मोटापा घटाने के लिए बहुत ज्‍यादा मशक्‍कत कर रहे हैं, खासतौर पर डिलीवरी के बाद तो बड़ी बहन होना आपको इस मामले में बहुत भारी पड़ सकता है।

असल में क्‍या कहती है स्‍टडी

असल में क्‍या कहती है स्‍टडी

एपिडेमिओलॉजी एंड कम्‍युनिटी हेल्‍थ में प्रकाशित हुई एक स्‍टडी में सन् 1991 से 2009 के बीच पैदा हुई 13,406 स्‍वीडिश बहनों को शामिल किया गया। इस स्‍टडी में पाया गया कि पहले बच्‍चे या बड़ी बहन में बीएमआई बढ़ने का खतरा ज्‍यादा होता है। इसका मतलब ये है कि इनमें वजन बढ़ने और ओवरवेट होने का खतरा ज्‍यादा रहता है।

इस बात की तह तक पहुंचने के लिए स्‍वीडिश नेशनल बर्थ के रजिस्‍टर से पिछले 20 सालों (1991-2009) का रिकॉर्ड देखा गया। शोधकर्ता ने सभी मांओं की प्रेगनेंसी के शुरुआती चरणों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ पता लगाया। इससे उन्‍हें स्‍टडी के परिणाम तक पहुंचने में मदद मिली।

हालांकि, इसमें ये बात भी सामने आई कि बचपन में बड़ी बहन का वजन कम था लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ वो अपनी मां के ज्‍यादा करीब आती गईं और उनमें हाई बीएमआई के संकेत दिखने शुरु हो गए। इतना ही नहीं, जन्‍म के समय बड़ी पहन का आकार थोड़ा-सा बड़ा था।

स्‍टडी के परिणाम के अनुसार बड़ी बहन में छोटी बहन की तुलना में 2.4% बीएमआई ज्‍यादा था और इनमें 40 फीसदी मोटापे से ग्रस्‍त होने का खतरा था। शोधकर्ताओं ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि अध्ययन शुरू होने के बाद से 18 साल की अवधि में औसत वजन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। उन्‍होंने ये भी कहा कि हर साल 4 औंस वजन में वृद्धि हुई।

दिलचस्‍प है कारण

दिलचस्‍प है कारण

न्‍यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड और स्‍वीडन की उपसला यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने भी कहा कि छोटी बहन से बड़ी बहनों का वजन ज्‍यादा होने के पीछे का कारण स्‍पष्‍ट नहीं है। हालांकि, उन्‍होंने ये भी बताया कि इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि मोटापा तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है और इसमें महिलाओं की संख्‍या ज्‍यादा है। उन्‍होंने कहा कि अब परिवार छोटे होते जा रहे हैं और अधिकतर माता-पिता बस एक ही बच्‍चा पैदा करते हैं।

क्‍या इसके पीछे कोई थ्‍योरी है?

क्‍या इसके पीछे कोई थ्‍योरी है?

इस तथ्‍य को लेकर कुछ लोग अपनी थ्‍योरी शेयर करते हैं जैसे कि:

वैज्ञानिक थ्‍योरी

यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड की लिगिंस इंस्‍टीट्यूट के प्रोफेसर वेन कट‍फील्‍ड ने अपनी थ्‍योरी में कहा है कि पहली प्रेगनेंसी में भोजन के पोषक तत्‍वों को भ्रूण तक पहुंचाने वाली रक्‍त वाहिकाएं हल्‍की सी पतली होती हैं।

इस वजह से पोषक तत्‍वों की सप्‍लाई की संभावना कम रहती है जिसके कारण शिशु के विकास के लिए ज्‍यादा फैट जमना शुरु हो जाता है। इससे बच्‍चे की उम्र बढ़ने पर इंसुलिन भी कम प्रभावी तरीके से काम करता है। प्रोफेसर का कहना है कि पहले बच्‍चे में इंसुलिन सेंसिटिविटी कम होती है और इनमें हाई ब्‍लड प्रेशर का भी ज्‍यादा खतरा रहता है।

सांस्कृतिक थ्‍योरी

सांस्कृतिक थ्‍योरी

न्‍यूयॉर्क सिटी के लेनॉक्‍स हिल हॉस्पिटल के सेंटर फॉर वेट मैनेजमेंट के डायरेक्‍टर डॉक्‍टर मारिया पेना की थ्‍योरी सांस्‍कृतिक कारणों से जुड़ी है। उन्‍होंने बताया कि कई संस्‍कृति में महिलाएं पहले बच्‍चे को लेकर ज्‍यादा सतर्क रहती हैं। पहला बच्‍चा होने पर हर छोटी बात का ध्‍यान रखना और कभी-कभी उसे जरूरत से ज्‍यादा खिला देना ताकि बच्‍चे को स्‍वस्‍थ वजन मिल सके, शामिल होता है। लेकिन दूसरा बच्‍चा होने पर माता-पिता को ये पता होता है कि उन्‍हें कब क्‍या और कैसे करना है और इस दौरान वो गलतियां भी कम करते हैं एवं बच्‍चे को जरूरत के हिसाब से ही खिलाते हैं।

उन्‍होंने बताया कि ये आदतें बच्‍चे के साथ जिंदगीभर रहती हैं और इस कारण उनमें ईटिंग विकार एवं मोटापे का खतरा पनपता है। जिन लोगों को उम्र बढ़ने पर मोटापा आता है, वो लोग अपने दिमाग के इस सिगनल को समझ ही नहीं पाते हैं कि उन्‍हें कब खाना बंद कर देना चाहिए। कुछ बच्‍चों को जिंदगी की शुरुआत में ही इन संकेतों को नजरअंदाज करना सिखा दिया जाता है। अगर माता-पिता ही बच्‍चों को ये सिखाएंगें कि भूख ना लगने पर भी आपको खाना है तो ये उनकी आदत बन जाएगी।

सोशल थ्‍योरी

सोशल थ्‍योरी

इस थ्‍योरी का सार कुछ अलग ही है। सोशल थ्‍योरी के अनुसार बड़ा बच्‍चा अपने छोटे भाई-बहन से प्रतिस्‍पर्धा करने के चक्‍कर में ज्‍यादा खा लेते हैं। ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न की डेकिन यूनिवर्सिटी के गैरी सैक का कहना है कि पहले बच्‍चे पर ज्‍यादा खर्चा किया जाता है।

अगर आपकी भी छोटी बहन है और आपका वजन बढ़ रहा है तो इस स्‍टडी की मदद से अब आप जान सकती हैं कि इसकी असली वजह क्‍या है। अपनी छोटी बहन की तरह आपके लिए बड़ी आसानी से वजन घटाना थोड़ा मुश्किल है।

English summary

Your Younger Sister Is the Reason You Are Gaining Weight, Says Research

You love your sister but if she's the reason you're unable to fit into that gorgeous dress, you're going to be mad.
Story first published: Thursday, June 13, 2019, 16:20 [IST]
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