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World Health Day 2026: कैंसर से बचाव ही है असली इलाज, Boldsky Panel Discussion में एक्सपर्ट्स का बड़ा खुलासा
World Health Day 2026: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारी आदतें पहले के मुकाबले काफी बदल गई हैं और इसका असर हमारी सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। देर से सोना, गलत खानपान और शरीर को पर्याप्त एक्टिव न रखना ये सब वजहें हैं कि कम उम्र में ही लोग कई तरह की बीमारियों का सामना कर रहे हैं। हालांकि, सही खानपान, नियमित दिनचर्या और जागरूकता के जरिए हम कई गंभीर बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर, BoldSky ने 'स्वस्थ भारत: विज्ञान की शक्ति' (Healthy Bharat: Powered by Science) शीर्षक से एक पैनल चर्चा आयोजित की, जिसमें स्वास्थ्य सेवा और विज्ञान जगत के चार विशेषज्ञों - डॉ. अंशुमान कुमार, डॉ. उर्वशी प्रसाद, हेमंत जैन और डॉ. अभिमन्यु भाटिया ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया कि अगर हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा सा सुधार कर लें और संतुलित लाइफस्टाइल अपनाएं, तो कई बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

इलाज से ज्यादा जरूरी है बचाव
पैनल में बार-बार एक ही बात सामने आई कि सिर्फ बीमारी होने के बाद इलाज कराना ही काफी नहीं है। असली समझदारी तो इसमें है कि हम बीमारी को होने ही न दें। इलाज में समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों लगते हैं, जबकि अगर पहले से सावधानी बरती जाए तो इन परेशानियों से बचा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी सेहत को लेकर पहले से ही सतर्क रहें और छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाएं।
कैंसर को शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है
इस चर्चा में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी जिक्र किया गया। विशेषज्ञों का कहना था कि कई मामलों में कैंसर का संबंध हमारी लाइफस्टाइल और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से होता है। अगर समय-समय पर जांच कराई जाए और शरीर में हो रहे छोटे बदलावों पर ध्यान दिया जाए, तो बीमारी को शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है। साथ ही, धूम्रपान से दूरी, संतुलित आहार और रोजाना थोड़ा-बहुत एक्टिव रहना ये सभी आदतें कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं।
रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से रह सकते हैं हेल्दी
हमारी रोज की छोटी-छोटी आदतें ही तय करती हैं कि हम कितने स्वस्थ रहेंगे। अगर हम नियमित रूप से थोड़ा व्यायाम करें, संतुलित खाना खाएं, पूरी नींद लें और समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराते रहें, तो शरीर खुद-ब-खुद मजबूत बना रहता है। ये आसान सी आदतें आगे चलकर कई बड़ी बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी
आजकल मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। तनाव, चिंता और डिप्रेशन को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने मन की सेहत का भी ख्याल रखें थोड़ा समय खुद के लिए निकालें, जो पसंद हो वो करें और जरूरत महसूस होने पर किसी से बात करने या मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं।
हेल्थकेयर सिस्टम में सुधार भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ लोगों का जागरूक होना ही काफी नहीं है, बल्कि हेल्थकेयर सिस्टम को भी बेहतर बनाने की जरूरत है। कई बार सही समय पर इलाज या सुविधाएं न मिलने से बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में, जरूरी है कि स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हों, लोगों तक सही जानकारी पहुंचे और हर किसी को समय पर इलाज मिल सके ताकि बीमारियों को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।
टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका
आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी ने सेहत का ख्याल रखना काफी आसान बना दिया है। फिटनेस ऐप्स, हेल्थ ट्रैकर्स और ऑनलाइन डॉक्टर से सलाह लेने जैसी सुविधाओं की मदद से लोग अपनी हेल्थ पर नजर रख पा रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच यह भी जरूरी है कि हम सही और भरोसेमंद जानकारी ही चुनें, क्योंकि गलत जानकारी से फायदा होने के बजाय नुकसान भी हो सकता है।
आज से ही करें शुरुआत
इस पूरी चर्चा का सीधा सा संदेश यही रहा कि सेहत को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। अगर हम समय रहते अपनी आदतों में छोटे-छोटे बदलाव कर लें, तो कई बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम आज से ही अपनी सेहत को प्राथमिकता दें, क्योंकि सही मायने में बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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