Latest Updates
-
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब -
अब WhatsApp पर ही आसानी से बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस -
Birthday Special: पड़ोसन को घर से भगा ले गए थे सौरव गांगुली, फिर दोबारा करनी पड़ी थी शादी -
Varalakshmi Vrat 2026: कब रखा जाएगा वरलक्ष्मी व्रत? नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
बारिश में बनाएं गर्मागर्म प्याज के पकौड़े और खट्टी-मीठी इमली की चटनी, जानें आसान रेसिपी -
Sawan 2026: 4 या 5? इस बार सावन में पड़ेंगे कितने सोमवार, देखें व्रत की पूरी लिस्ट -
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों और घुटनों का दर्द? जानें इसके पीछे के 5 कारण -
शरीर में दिखने वाले ये 7 लक्षण हो सकते हैं डायबिटीज की शुरुआत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज
ऑफिस में रोज सोने के कारण आपको भी पड़ती है बॉस की डांट! कहीं इस गंभीर बीमारी का आप भी तो नहीं शिकार

आपने कई लोगों को रात भार अच्छी नींद लेने के बाद भी दिन में देर तक सोते हुए देखा होगा। जिस कारण हम उस व्यक्ति को अलसी की कैटेगरी में रख कर देखने लगते हैं। लेकिन क्या आपको उनके इतने ज्यादा सोने का सही कारण पता है। दरअसल जो व्यक्ति दिन रात बहुत ज्यादा सोता है वह हाइपरसोमनिया बीमारी से पीड़ित होता है। इस बीमारी में आपको दिन के समय भी बहुत ज्यादा नींद आती है। सोकर उठने के तुरंत बाद भी आपको नींद आने लगती है।
ऐसा माना जाता है कि किसी भी चीज को एक लीमिट से ज्यादा करने पर उसके बुरे ही परिणाम होते हैं। ठीक इसी तरह ज्यादा सोना भी आपके सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। हाइपरसोमनिया के कारण व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होने लगता है। हाइपर्सोमनिया वाले लोगों को दिन के समय किसी भी तरह का काम करने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है क्योंकि वे अक्सर थके रहते हैं।
हाइपरसोमनिया के कारण

1. स्लीप डिसऑर्डर
स्लीप एपनिया, नार्कोलेप्सी और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम जैसी समस्याएं हाइपर्सोमनिया का कारण बन सकती हैं।
2. दवाएं
कई दवाओं जैसे एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामाइन के साइड इफेक्ट के कारण भी लोगों में हाइपर्सोमनिया की समस्या होने का कारण बन सकती हैं।
3. मेडिकल कंडीशन
हाइपरसोमनिया डिप्रेशन, मल्टीपल स्केलेरोसिस और पार्किंसंस बीमारी जैसी चिकित्सीय स्थितियों का लक्षण भी हो सकता है।
4. दिमाग में लगी चोट
किसी हादसे या दुर्घटना के दौरान दिमाग में लगी चोट के कारण भी हाइपर्सोमनिया की समस्या हो सकती है।
5. जेनेटिक्स
कुछ लोगों में हाइपर्सोमनिया जेनेटिक्स भी हो सकता है।
6. शराब और ड्रग्स का सेवन
शराब, ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थों का सेवन हाइपरसोमनिया का कारण बन सकता है।
हाइपरसोमनिया के लक्षण

1. लंबी नींद लेने के बाद भी उठने में कठिनाई आना
2. सोचने की क्षमता धीमी होना
3. धीमा बोलना
4. चीजें याद रखने में मुश्किल आना
5. एंजाइटी
6. चिड़चिड़ापन होना
7. एनर्जी कम होना
8. बुरे-बुरे सपने आना
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के अनुसार हाइपर्सोमनिया के एक रूप के इलाज के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं। इन लक्षणों के इलाज के लिए अन्य दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। जैसे लाइफस्टाइल में बदलाव करके, कैफीन या अल्कोहल से परहेज कर, रात के काम से परहेज कर और सोने में देरी करने वाली सामाजिक गतिविधियों से बचकर आप हाइपर्सोमनिया की समस्या से खुद को बचा पाएंगे। जरूरत पड़ने पर आप हाइपर्सोमनिया से निपटने के लिए डॉक्टर से सलाह भी ले सकते हैं।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications