Covid 19 Alert : देश में तेजी से फैल रहा है कोविड-19 का नया XFG वेरिएंट, जानिए कितना खतरनाक है?

COVID-19 New variant XFG :भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में सक्रिय मामलों की संख्या 6,800 से अधिक हो गई है, जबकि मई में यह आंकड़ा सिर्फ 257 था। यह उछाल न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर में देखा जा रहा है, जिसकी एक वजह मौसम में बदलाव और मानसून के कारण कमजोर होती इम्यूनिटी मानी जा रही है।

इसी बीच कोविड-19 के एक नए वेरिएंट 'XFG' को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब तक ओमिक्रोन का JN.1 वेरिएंट प्रमुख था, लेकिन हाल के दिनों में वेरिएंट के कई मामले सामने आ चुके हैं। यह नया वेरिएंट कितना संक्रामक है और इससे कितनी सावधानी बरतनी चाहिए, जानना बेहद जरूरी हो गया है।

COVID-19 New variant XFG

ये राज्‍य बना हॉटस्‍पॉट

केरल इस समय देश का सबसे अधिक प्रभावित राज्य बन गया है, जहां वर्तमान में 2,053 सक्रिय मामले हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। खास बात यह है कि 2025 की शुरुआत से अब तक कोरोना से 68 लोगों की मौत हो चुकी है।

क्या है नया XFG वैरिएंट?

इस बार जो वैरिएंट चर्चा में है, वह है XFG। यह ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है, जिसका पहला मामला कनाडा में मिला था। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के अनुसार, भारत में अब तक 163 नमूने XFG वैरिएंट के पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें महाराष्ट्र में 89, तमिलनाडु में 16, केरल में 15 और गुजरात में 11 मामले दर्ज किए गए हैं।

XFG वैरिएंट क्यों है अलग?

XFG वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में कुछ ऐसे म्यूटेशन पाए गए हैं जो इसे इंसानी कोशिकाओं से जुड़ने और उनमें प्रवेश करने में सक्षम बनाते हैं। ये म्यूटेशन वायरस की संक्रामकता और उसकी इम्युनिटी से बच निकलने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। हालांकि यह वैरिएंट पहले की तरह बहुत ज्यादा संक्रामक नहीं है, लेकिन यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को धोखा देकर संक्रमण को बढ़ा सकता है। यह खतरा खासतौर पर बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों और बिना टीकाकरण वाले व्यक्तियों में अधिक है।

कितना है खतरा?

फिलहाल विशेषज्ञों का कहना है कि XFG से गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने का कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा है। हालांकि, अगर यह वैरिएंट इम्यून सिस्टम से बचते हुए तेजी से फैलता है, तो भविष्य में चिंता का विषय बन सकता है। अभी तक सामने आए सभी वैरिएंट ओमिक्रॉन से जुड़े हैं, और इनमें मृत्यु दर भी बहुत कम है।

क्या करें?

विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क जरूर रहें। गर्मी के मौसम में फ्लू जैसे लक्षण भी अधिक हो रहे हैं, जिससे कोविड और सामान्य सर्दी-जुकाम में फर्क करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में जांच कराना और सावधानी बरतना जरूरी है। मास्क पहनना, भीड़भाड़ से बचना, हाथों की सफाई और टीकाकरण अब भी कारगर उपाय हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, June 11, 2025, 9:17 [IST]
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