पीली मूंग Vs हरी मूंग, कौन सी दाल है ज्यादा फायदेमंद? जानिए एक्सपर्ट से

Peeli Moong Vs Hari Moong: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दालों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। वैसे तो विभिन्न प्रकार के दालों का सेवन करने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन मूंग की दाल अन्य दालों से ज्यादा फायदेमंद होती है। 100 ग्राम मूंग दाल में लगभग 24 ग्राम प्रोटीन होता है। नियमित रूप से मूंग की दाल का सेवन करने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। साथ ही, यह अन्य दालों के मुकाबले काफी लाइट होती है और आसानी से पच जाती है। ऐसे में, यह उन लोगों के लिए सही है, जिनका पाचन तंत्र कमजोर है। इसके अलावा, जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, उनके लिए भी इसका सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है। मूंग की दाल दो तरह की होती है, एक पीली मूंग की दाल और दूसरी हरी मूंग की दाल। वैसे तो ये दोनों ही दालें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। लेकिन अक्सर लोगों को यह कंफ्यूजन रहती है कि पीली मूंग शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है और हरी मूंग। आज इस लेख में डाइट्रीफिट की डायटिशियन अबर्ना माथीवानन से जानते हैं कि पीली मूंग या हरी मूंग, दोनों में से ज्यादा फायदेमंद कौन सी दाल है?

Yellow Vs Green Moong

हरी मूंग की दाल

हरी मूंग की दाल को उसके छिलके समेत खाया जाता है। यह साबुत मूंग होती है, जिसे भिगोकर अंकुरित भी किया जा सकता है। हरी मूंग की दाल में प्रोटीन, फाइबर, पोटैशियम ,मैग्निशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होती है। ऐसे में, अगर किसी को गैस, कब्ज या पाचन संबंधी कोई अन्य समस्या है, तो उसे अपनी डाइट में हरी मूंग की दाल को शामिल करना चाहिए। इतना ही नहीं, हरी मूंग की दाल ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है। साथ ही, जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, वे भी हरी मूंग की दाल का सेवन कर सकते हैं।

पीली मूंग की दाल

पीली मूंग की दाल को मुख्यतः उसके हरे छिलके को उतार कर खाया जाता है। पीली मूंग की दाल में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। लेकिन इसमें फाइबर कम होता है, क्योंकि मूंग की दाल के छिलके में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। लेकिन पीली मूंग की दाल में छिलका ना होने के कारण इसमें फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। इसके अलावा, इसमें आयरन, फॉस्फोरस, पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। पीली मूंग की दाल बुजुर्गों के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह पचाने में काफी आसान होती है। पीली मूंग की दाल में अमीनो एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है, जो बालों और त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए फायदेमंद जरूरी होता है।

पीली मूंग या हरी मूंग: कौन सी है ज्यादा फायदेमंद?

पीली मूंग और हरी मूंग, दोनों ही दालों के अपने अलग-अलग फायदे हैं। लेकिन अगर आप भरपूर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाना चाहते हैं, तो आप हरी मूंग की दाल का सेवन कर सकते हैं। वहीं, अगर आपके शरीर में प्रोटीन व आयरन की कमी है, तो आप पीली मूंग की दाल का सेवन कर सकते हैं। साथ ही, अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है, तो आपके लिए पीली मूंग की दाल का सेवन अच्छा हो सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति वेट लॉस करना चाहता है, तो उनके लिए हरी मूंग की दाल का सेवन ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, ये दोनों ही दालें सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं, इसलिए आप अपनी डाइट में इन दोनों को शामिल कर सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, November 10, 2025, 12:00 [IST]
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