डेढ़ घंटे योग, 3 कि‍मी की दौड़ के बाद कार में म‍िली योगाचार्य की लाश, साइलेंट अटैक से गई जान, यह थी वजह

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के मशहूर योगाचार्य डॉ. पवन सिंघल की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई। डॉ. पवन सिंघल अपनी अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। वे प्रतिदिन सुबह 2 बजे उठकर स्नान और पूजा-पाठ करने के बाद लगभग डेढ़ घंटे तक घर पर योग करते थे। इसके बाद वे 3 किलोमीटर की दौड़ लगाते थे। इसी क्रम में रविवार की सुबह भी उन्होंने अपनी दिनचर्या के अनुसार योग और दौड़ पूरी की। फिर वे अपनी कार से तुलसी सरोवर पार्क स्थित योग कक्षा के लिए निकले।

रास्ते में अचानक उनकी कार सड़क किनारे खड़ी दिखी। जब स्थानीय लोगों ने कार के अंदर झांककर देखा, तो वे बेहोश पड़े थे। तुरंत उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी साइलेंट हार्ट अटैक से मृत्यु की पुष्टि की।

Yoga Instructor Suffers Silent Heart Attack After Marathon Sessio

फिटनेस और योग के प्रति समर्पण

डॉ. पवन सिंघल योग और फिटनेस के प्रति अत्यधिक समर्पित थे। वे प्रतिदिन तीन से चार किलोमीटर की दौड़ लगाते थे और एक से दो घंटे तक योगाभ्यास करते थे। उनके नाम कई अद्भुत रिकॉर्ड भी दर्ज हैं, जिनमें 11 घंटे में 100 किलोमीटर दौड़ पूरी करना और 8 घंटे में 3600 सूर्य नमस्कार करना शामिल है। योग और स्वास्थ्य को लेकर उनकी इस उपलब्धि के कारण उन्हें 'योग पुरुष' के नाम से जाना जाता था।

साइलेंट हार्ट अटैक क्‍या है?

साइलेंट हार्ट अटैक एक ऐसा दिल का दौरा होता है, जिसमें सामान्य हार्ट अटैक के लक्षण जैसे सीने में तेज दर्द, पसीना आना या सांस फूलना नजर नहीं आते। लोग अक्सर इसे साधारण थकान, बदहजमी या मामूली दर्द समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह धीरे-धीरे दिल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में, मरीज को तब तक इसका पता नहीं चलता जब तक वे ECG या अन्य जांच नहीं करवाते।

कैसे बनता है यह इंसान को शिकार?

- इसमें तीव्र दर्द या बेचैनी महसूस नहीं होती, जिससे लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते।
- हल्की जलन, थकान या पीठ दर्द को गैस या मांसपेशियों की समस्या मानकर टाल दिया जाता है।
- अनियमित दिनचर्या, तनाव, अनहेल्दी डाइट और कम शारीरिक गतिविधि से यह समस्या बढ़ती है।

- कोरोनरी आर्टरी में धीरे-धीरे ब्लॉकेज बढ़ता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

कौन हैं ज्यादा जोखिम में?

- डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले
- तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहे लोग
- कम नींद, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी

कैसे पहचानें संकेत

- बार-बार हल्का सीने का दर्द या असहजता
- गर्दन, पीठ, जबड़े या बांह में हल्का दर्द
- कमजोरी, चक्कर आना, बिना वजह थकान
- हल्का पसीना आना या सांस फूलना

कैसे करें बचाव

- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, खासकर अगर फैमिली हिस्ट्री में हार्ट डिजीज है।
- हेल्दी डाइट अपनाएं, प्रोसेस्ड फूड और अधिक फैट वाले भोजन से बचें।
- रोजाना 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि करें, जैसे योग या वॉक।
- तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन करें और ब्लड प्रेशर-शुगर को नियंत्रित रखें।
- धूम्रपान और शराब से दूर रहें।

साइलेंट हार्ट अटैक को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें और समय पर आवश्यक कदम उठाएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, March 25, 2025, 17:30 [IST]
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