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सर्दियों में माइग्रेन कर रहा है परेशान तो करें ये 5 योगासन, तुरंत मिलेगी राहत
Yoga For Migraine: देश भर में सर्दियों का असर देखा जा रहा है। सर्द हवाओं और तापमान कम होने के कारण लोगों को कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं होना आम है। इसके अलावा, कुछ लोगों को सर्दियों में माइग्रेन की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। दरअसल, तापमान बदलने और ठंडी हवाओं के कारण कई लोगों में माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। माइग्रेन का दर्द आधे सिर में होता है, इसलिए इसे अधकपारी भी कहते हैं। माइग्रेन का दर्द तेज ध्वनि या प्रकाश से बढ़ सकता है। साथ ही, व्यक्ति को चक्कर, उल्टी और मतली जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में, कई लोग माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए पेन किलर्स का सहारा लेते हैं। लेकिन इन दवाओं का बार-बार सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में, आप माइग्रेन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो माइग्रेन के दर्द से राहत दिला सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

पश्चिमोत्तानासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।
अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।
माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
बालासन
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।
अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।
फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।
इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
मार्जरी आसन
इस योगासन को करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें।
अपने दोनों हाथों पर भार डालते हुए, अपने हिप्स को ऊपर उठाएं।
अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं।
अब सांस भरते हुए, अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
अपनी नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ धकेलें और टेलबोन को ऊपर उठाएं।
अब अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए, अपने सिर को नीचे की ओर झुकाएं और ठुड्डी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें।
अब फिर से अपने सिर को पीछे की ओर करें।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
उष्ट्रासन
इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।
अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।
इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।
इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।
इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
सेतुबंधासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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