Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
अपने बगीचे के लिए कैसे तैयार करें मिट्टी

बगीचा तैयार करने के लिए कुछ स्टेप-
1. मिट्टी की प्रकृति: सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि मिट्टी की प्रकृति क्या है। क्या वह अम्लीय है या फिर क्षारीय। कुछ पेड़ ऐसे होते हैं जो इन दोनों ही रुपों में सहज नहीं हो पाते इसलिए इन पौधों के लिए मिट्टी में सही पीएच बैलेंस को ध्यान में रखना बहुत जरुरी है। हालांकि कुछ पौधे अम्लीय मिट्टी पसंद करते हैं, जिनमें से फली भी एक किस्म है। तो आप इन पौधों के लिए मिट्टी विशेष रूप से तैयार है।
2. मिट्टी परीक्षण: इससे पहले की आप बागवानी करें यह जरुरी है कि बगीचे की मिट्टी का परीक्षण कर लिया जाए। मिट्टी के लिए सबसे आम परीक्षण लिटमस परीक्षण या पीएच परीक्षण है। आप एक लिटमस पेपर पर मिट्टी के नमूने डाल दें, अगर यह लाल होए तो समझे की मिट्टी 7 पीएच के ऊपर है, जिसका मतलब की यह अम्लीय है। आपको यह भी जांचने की जरुरत है कि मिट्टी का रंग, बनावट, और पानी प्रतिधारण करने की क्षमता क्या है।
3. उपाय करें: केवल परीक्षण कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। यदि मिट्टी ज्यादा अम्लीय है तो आपको इसमें चूना मिलाने की जरुरत पडेगी। और अगर मिट्टी ज्यादा क्षारीय है तो उसमें सल्फर मिलाना एक आम उपाय है।
4. पोषण: जब आपने अपने बगीचे की प्रकृति का ख्याल रख लिया हो तो यह भी सुनिश्चित करें कि यह स्वस्थ है या नहीं। मिट्टी में पोषण खाद और उर्वरकों के रूप में डालने की जरूरत होती है। पहले प्राकृतिक तरीके का इस्तमाल करें और बाद में रासायनिक।
5. खाद: बगीचे की मिट्टी में खाद एक बेसिक जरुरत है। इसको तैयार करने के लिए जरुरी है कि आप अपने घर में निकले कूड़े को कहीं पर इकठ्ठा कर लें जिसमें से हरी सब्जियां और उनके छिलको को आप बिना फेके खाद के रुप में इस्तमाल कर सकते हैं। इससे मिट्टी को पोषण और पौधों को आहार मिलेगा।
6. मिट्टी को मिलाना: मिट्टी को ऊपर से नीचे मिलाना एक मूलभूत और सर्वश्रेष्ठ तरीका है। इससे बीज को बोने में आसानी होती है और मिट्टी में भली प्रकार से पोषण मिल जाता है।



Click it and Unblock the Notifications