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ऐसे लगाएं नींबू का पेड़
सिट्रस फलों के बिना कई बार जिंदगी की कल्पना मुश्किल लगने लगती है। हमारे भोजन और ड्रिंक्स को यह न सिर्फ स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि यह विटामिन सी का भी बेहतरीन स्रोत है। साथ ही यह एक प्रभावी घरेलू औषधि का भी काम करता है। सिट्रस फ्रूट हमारे शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। इसमें कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं और यह दिल की बीमारी व कैंसर से लेकर सूरज की रोशनी से त्वचा को होने वाले नुकसान से भी बचाता है।
मजेदार बात यह है कि सिट्रस के पेड़ न सिर्फ हमें फल देते हैं, बल्कि यह खुद भी सजावटी पौधे के रूप में काफी लोकप्रिय है। वैसे तो इस पौधे को उगाना काफी आसान है, पर कई बार कुछ गार्डनर को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। अगर आप अपने गार्डन में सिट्रस पौधा लगाने के बारे में सोच रहे हैं, तो निश्चित रूप से नीचे बताए गए टिप्स आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।

सिट्रस फलों को गार्डन में उगाने के टिप्स
पौधे की रोपाई: सिट्रस के पौधे को सूरज की पर्याप्त रोशनी चाहिए होती है। दिन में करीब 5 घंटे सूरज की रोशनी उनके लिए अच्छी होती है। इसलिए अगर आप गार्डन में सिट्रस पौधे को लगाना चाहते हैं तो ऐसी जगह चुनें जहां सूरज की पर्याप्त रोशनी पहुंचती हो। बसंत का समय सिट्रस पौधे के लिए सबसे आदर्श होता है।
क्या आपको पता है कि सिट्रस फलों को उगाने के लिए आपको बहुत बड़े पिछवाड़े की जरूरत नहीं होती है। इसकी ऊंचाई आमतौर पर तीन से पांच फीट की होती है। बौने प्रजाति के सट्रिस पौधे को आप गमले में भी उगा सकते हैं। ठंड के समय आप गमले को घर के अंदर रख दें, क्योंकि बाहर रखने पर कड़ाके की ठंड में पौधे को नुकसान पहुंच सकता है।
गमले वाले सिट्रस का रखें खास ख्याल: अगर आप गमले में बौने प्रजाति के सिट्रस पौधे को उगा रहे हैं तो उसे ऐसी जगह पर रखें जहां पर्याप्त मात्रा में धूप आती हो। गमले में सिट्रस पौधे को उगाने पर आपको इसका नियमित रूप से ख्याल रखना पड़ता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके गमले में पौधे के फलने-फूलने के लिए पर्याप्त जगह हो। सूरज की रोशनी के अलावा इसे नियमित रूप से पानी देना भी बेहद अहम है।
बाग में सिट्रस पौधे की गार्डनिंग: जो लोग सिट्रस पौधे को बाग में उगाना चाहते हैं, वह इस बात का ध्यान रखें कि पौधे के तने के सामने घास न उगे। इससे सड़ने का खतरा रहता है। साथ ही पौधे को लगाते समय दो पौधों के बीच करीब दो मीटर की दूरी रखें।
सिट्रस पौधे के मरने की मुख्य वजह: खराब जल निकासी व्यवस्था, ज्यादा पानी देना ऐसे कुछ कारण हैं, जिससे सिट्रस पौधे अचानक से मर जाते हैं। वहीं पौधा जब बड़ा हो जाता है तो तने के पास साघ के सडऩे से भी यह मर जाते हैं।
कटाई: फलों की तोडऩा भी बेहद अहम है। जब फल पूरी तरह से पक जाए तो आप इसे तोड़ लें। आमतौर पर तीन फीट ऊंचा पेड़ 20 फल से ज्यादा का भार सहन नहीं कर सकेगा।



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