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अपने बगीचे में कैसे लगाएं पपीते का पेड़
पपीता अपने मीठे स्वाद व स्वास्थवर्द्धक गुणों के कारण हमारे दैनिक आहार का एक हिस्सा बन चुका है। यह बगीचे में इतनी कम जगह लेता है कि इसे लगाना बहुत आसान है। इसके अलावा, पपीते के पेड के हर हिस्से में मौजूद औषधीय गुण इसे हमारे लिए एक लाभदायक पेड बनाते हैं। इस पोषक व औषधीय गुणों वाले पेड को अपने बगीचे में लगाते वक्त आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा।
पपीते के स्वास्थ्य लाभ
पपीते के पेड को लगाने से पहले उनके बीजों को इकट्ठा करें। फिर इन बीजों को सूखाएं ताकि बोवाई के वक्त आपके पास पर्याप्त बीज मौजूद हों। इस मीठे फल का साल भर आनंद उठाने के लिए हम आपको बोवाई के दौरान ध्यान रखने वाली कुछ जरुरी बातों के बारे में बताएंगे।

1 मौसम, मिट्टी एवं पानी: पपीते के पेड को लगाने से पहले मौसम, मिट्टी एवं पानी को जांचे। पपीते के पड को गर्मियों के मौसम में लगाएं क्योंकि इस पेड को ज्यादा धूप की जरुरत होती है तथा समय-समय पर पानी देते रहें। मीठे फल पाने के लिए मिट्टी में थोडी सी खाद भी डालें।
2 ट्रांसप्लांटेशन: इसकी लंबी जड़ों के कारण पपीते के पौधे को गमले में नहीं लगाया जा सकता। फिर भी आप इसकी बोवाई गमले में करके बीजों के अंकुरित होते ही इस पौधे को खुली जमीन में लगा सकते हैं। बाद में, इस पौधे को नियमित रुप से पानी देते रहें।
3 फसल: पपीते के पौधे के बीज महिला या उभयलिंग के होने चाहिए। अतः आपके लगाए गए पेड पर फल नहीं लगेंगे। प्रभावी परागण के लिए, आप 15 महिला बीजों में एक पुरुष बीज को मिलाकर लगाएं। बोवाई के दौरान इस नियम पर जरुर ध्यान दें।
4 कटाई: एक बार पपीता पक जाए तो आप इसे पेड पर से निकाल लें। पपीते को फल व सब्जी के रुप में भी खाया जा सकता है। आप चाहे तो कुछ दिनों के लिए इस पीले फल को रेफ्रिजरेटर में भी रख सकते हैं और जब मन चाहें इस पीले फल को खाने का आनंद उठा सकते हैं।
5 आम समस्याएं: ठंड का मौसम, तेज हवाएं व पेड को अधिक पानी देकर आप इसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। बोवाई के लिए नए बीजों का इस्तेमाल करें क्योंकि नए बीज वायरस व कीड़ों से कम प्रभावित होते हैं। वायरस से प्रभावित पौधों का इलाज जल्द करना चाहिए।



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