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ऐसी बातें जो आप अपने पालतू जानवर से सीख सकते हैं
आपके घर में अगर कोई पालतू जानवर है तो आप उसे रोज कुछ न कुछ हरकते करते हुए देखते होगें। कभी वह आपको प्यार से चाटता होगा, तो कभी वह अपनी ही धुन में रमा रहता होगा। क्या आप उसे यह सब करते देख कुछ सीखते नहीं हैं। पशु-पक्षी देखने में हमसे भले ही कितने अलग हों लेकिन वह बोलते और सोंचते बिल्कुल हमारी ही तरह हैं।
कोई जरुरी नहीं है कि हमें कुछ सीखने के लिये किसी बडे़ बुजुर्ग के पास बैठ कर या किसी स्कूल-कॉलेज में एडमिशन लेने से ज्ञान अर्जित हो। बल्कि अगर आपको सच्चा ज्ञान चाहिये तो अपने घर में मौजूद डॉगी या बिल्ली को देखिये और उनसे कुछ सीखिये, क्योंकि वह आपको खुश रहने के साथ साथ जीवन की कई चीज़े सिखा देगें। आप अपने पेट्स यानी पालतू पशु-पक्षियों को काफी कुछ सीख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 15 चीजों के बारे में

मल्टीटास्किंग को भूल जाएं
क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि जब आपका डॉगी कोई काम कर रहा होता है तो वह उस पर पूरा का पूरा ध्यान लगा देता है। हमें भी ऐसा ही करना चाहिए। स्टेनफोर्ड के शोधकर्ताओं ने यह पाया कि जो लोग काम, ईमेल और वेब सर्फिग एक साथ करते हैं, उसकी एकाग्रता व याददास्त एक ही टास्क पर फोकस रहने वालों की तुलना में ज्यादा प्रभावित होती है। एक अन्य शोध से पता चलता है कि जब कर्मचारी मल्टीटास्किंग करते तो उनका समय ज्यादा बर्बाद होता है।

दिन में सोएं
इस बात के पक्ष में ढेरों प्रमाण हैं कि जानवरों की तरह इंसानों को भी दिन में कुछ देर सोने से काफी फायदा पहुंता है। 24000 लोगों पर किए गए एक शोध में यह पाया गया कि दिन में नियमित रूप से सोने वालों में दिन में कभी कभार सोने वालों की तुलना में दिल की बीमारी से मरने की संभावना 37 प्रतिशत कम होती है।

हर दिन टहलें
शरीर की कैलोरी बर्न करने और दिल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए वॉकिंग सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है। नियमित टहलने के निम्नलिखित फायदे भी हैं-
- तनाव दूर रहता है
- वजन कम होता है
- मधुमेह का खतरा कम होता है
- ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है
- हड्डियां मजबूत रहती है
- बुद्धि को बढ़ाता है

दोस्ताना संबंध बढ़ाएं
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, जिससे वह एक दूसरे के साथ घुल मिल जाता है। इतना ही नहीं, दोस्तों की संख्या बढ़ाने से सेहत को भी फायदा पहुंचता है। ऑस्ट्रेलिया के शोधकार्ताओं ने 1500 उम्रदराज लोगों पर 10 साल तक शोध किया। उन्होंने पाया कि जिन लोगों के दोस्तों की संख्या ज्यादा थी, उनमें मृत्यु की संभावना 22 प्रतिशत कम पाई गई।

हर पल को जीएं
यह जिंदगी का एक ऐसा सबक है जो हम अपने पेट्स से सीख सकते हैं। हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि सेक्स या एक्सरसाइज करते समय जब व्यक्ति का दिमाग उस पर केंद्रित रहता है, तो वह ज्यादा खुश रहता है। वर्तमान गतिविधियों से अगल जब हम कोई योजना बनाते हैं, पुरानी चीजों को याद करते हैं या कुछ और सोचते हैं, तो यह हमारी खुशियों को कम कर देता है।

दुश्मनी न रखें
हर पल को जीने का एक पहलू यह भी है कि आप पुरानी बातों को भूल जाएं। जब आप पुरानी दुश्मनी को भूलेंगे तो खुद भी अच्छा महसूस करेंगे। क्रोनिक एंगर (स्थाई गुस्सा) फेफड़े की कार्य क्षमता को घटा देता है। वहीं किसी को माफ देने से न सिर्फ ब्लड प्रेशर कम होता है, बल्कि चिंता भी कम होती है। जिन लोगों में माफी देने की प्रवृत्ति होती है, वह ज्यादा स्वाभिमानी होते हैं।

जिज्ञासा बनाए रखें
शोध से पता चलता है कि जो लोग ज्यादा जिज्ञासु होते हैं, वह जिंदगी को बेहतर अंदाज से जीते हैं। कुछ शोध यह भी कहता है कि जिज्ञासा इंसान के मनोवैज्ञानिक विकास के साथ-साथ ज्ञान और कोशल को भी बढ़ाता है।

थोड़े भोले बने
थोड़े भोले बनने से शरीर को काफी फायदा पहुंचता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलेंड मेडिकल सेंटर के कॉर्डियालॉजिस्ट ने पाया कि हार्ट अटैक वाले व्यक्ति की तुलना में एक स्वस्थ्य दिल वाले व्यक्ति में सेंस ऑफ ह्यूमर ज्यादा होता है। उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि जहां तक अपने दिल को बचाने का सवाल है तो हंसना ही सबसे अच्छी दवाई है।

जब आप प्यासे हों तो पानी पीएं
कठिन व्यायाम के समय शरीर में पानी की मात्र बनाए रखने के लिए पानी अवश्य पीएं। पानी बिना आपकी कैलारी बढ़ाए आपके टिशू और मसल्स को जरूरी तरल उपलब्ध कराता है। ये भी ध्यान रखें कि गर्मी के दिनों में जब ज्यादा पसीना निकले तो आप ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।

मछली खाएं
ज्यादातर बिल्लीयों को मछलियां काफी पसंद होती है। आपको भी चाहिए कि आप भी मछली को अपने भोजन में नियमित रूप से शामिल करें। सैमन, ट्यूना, ट्राउट और अन्य मछलियों में प्रचूर मात्र में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जिससे दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गठिया रोग का खतरा कम हो जाता है।

अगर आप किसी को प्यार करते हैं, तो जताएं
आपका डॉगी जब आपको पसंद करता है तो यह उनके व्यवहार से भी झलकने लगता है। हमें भी चाहिए कि रिश्तों को मजबूत करने के लिए ऐसा ही करें। छोटा और चिंताशील मुद्रा यह बताता है कि कोई कपल किताना जुड़ा हुआ और संतुष्ट है।

खेलना
खाने और सोने के साथ-साथ खेलना भी इंसान की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। खेलों में आप क्रिएटीविटी, प्रॉबलम सॉलविंग, सोशल स्किल्स और इनहेंस इंटेलिजेंस खेल सकते हैं। इसलिए आप अपने पेट्स की तरह ही ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जिसका मकसद सिर्फ और सिर्फ ढेर सारी मौज मस्ती हो।

आउटडोर के समय का आनंद लें
आउटडोर में समय बिताने से आपकी फिटनेस और शरीर में विटामिन डी का स्तर तो बढ़ेगा ही, साथ ही इससे तनाव भी कम होगा। बच्चों के भी प्रकृतिक माहौल में खेलने से आंख की रोशनी बेहतर होती है। इसके अलावा एडीएचडी के लक्षण नहीं होते हैं और स्कूल में उनका परफॉरमेंस अच्छा होता है।

अपने आप को बेहतर दिखाएं
यूं तो हम नहाने और दांतों की सफाई पर पूरा ध्यान देते हैं। इसके साथ में जब हम अच्छे पहनावे के जरिए खुद को बेहतर दिखाएंगे तो कई साकारात्कम परिणाम मिलेंगे। आपका थोड़ा सा अच्छा लुक आपको जॉब दिलाने और उसे बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकता है।

शारीरिक भाषा के प्रति सतर्क रहें
कुत्ते शारीरिक भाषा से एक दूसरे की बातों को अच्छी तरह से समझ लेते हैं। इंसान उतना ज्यादा नहीं कर पाते। अधिकतर लोग जहां अपनी भावनाओं को चेहरे की भाव भंगिमा, स्पीच पैटर्न और आई कांटैक्ट के जरिए व्यक्त करते हैं, वहीं दूसरे लोग इन संकेतों को समझने में असमर्थ होते हैं। इंसान की ज्यों-ज्यों उम्र ढलती, त्यों-त्यों वह शारीरिक भाषा को अच्छे से समझने लगता है।



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