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Akshaya Tritiya 2023: इस बार अक्षय तृतीया पर शादी का मुहूर्त नहीं, वर्षों बाद बना ये संयोग
प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अनंत-अक्षय-अक्षुण्ण फलदायक माना गया है। इस दिन को स्वयंसिद्ध मुहूर्त भी कहा गया है।
यही वजह है कि इस दिन विवाह के जैसे पवित्र बंधन में बंधने के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक माना गया है, मगर वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है कि इस साल अक्षय तृतीया पर शादी का मुहूर्त नहीं है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार 27 अप्रैल तक गुरु अस्त है। इस कारण इस वर्ष अक्षय तृतीया को शादी का मुहूर्त नहीं है।

गुरु अस्त होने की वजह से नहीं है विवाह मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य आशीष मैथानी ने बताया कि इस बार गुरु तारा, जो कि मांगलिक कार्यों में सूचक माना जाता है, वह अस्त है। इसी वजह से अक्षय तृतीया पर मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 30 मार्च को तारा अस्त हुआ था, जो 28 अप्रैल को उदय होगा। इसके बाद ही मांगलिक कार्य होंगे। वहीं तारा उदय होने के बाद ही विवाह आयोजन की शुरुआत 1 मई से होगी।

गुरू और शुक्र का क्या होता है असर
ज्योतिषाचार्य की मानें तो गुरू और शुक्र दो ऐसे ग्रह हैं जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डालते हैं। गुरू यानि इसका संबंध धार्मिक कार्य और ज्ञान से जुड़ा होता है। जो वहीं शुक्र को सांसरिक सुखों का कारक मानते हैं। व्यक्ति के विवाह का सीधा संबंध उसके जीवन से जुड़ा होता है। यदि इन दोनों ग्रहों के अस्त होने पर विवाह कार्य किए जाते हैं तो व्यक्ति की जीवन से जुड़ी ये दोनों चीजें प्रभावित होती हैं।
अक्षया तृतीया का महत्व
अक्षया तृतीया को सर्वाधिक शुभ और पुण्यदायी तिथी मानी गई है। पुराणों में इस दिन का बहुत महत्व बताया गया है। शास्त्रों में भी लिखा है कि वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं हैं, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।उसी तरह अक्षय तृतीया के समान कोई तिथि नहीं है।
भगवान परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया को हुआ था। इस दिन भगवान विष्णु के चरणों से धरती पर गंगा अवतरित हुई। सतयुग, द्वापर व त्रेतायुग के प्रारंभ की गणना इस दिन से होती है। भगवान श्री बद्रीनारायण के पट खुलते हैं। अक्षय तृतीया को ही वृंदावन में श्रीबिहारीजी के चरणों के दर्शन वर्ष में एक बार ही होते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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